चंद्रमा से लाई मिट्टी को ‘उधार’ में दे रहा चीन! मकसद क्‍या है? जानें

चांग ई 6 मिशन को मई में लॉन्‍च किया गया था। यह 53 दिनों का मिशन था। चांग ई 6 ने चांद के सुदूर हिस्‍से में अपोलो क्रेटर पर लैंड करके सैंपल इकट्ठा किए थे।

चंद्रमा से लाई मिट्टी को ‘उधार’ में दे रहा चीन! मकसद क्‍या है? जानें

इन सैंपलों को सिर्फ चीन में प्रयोग के लिए दिया जाएगा। कुछ समय बाद इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट्स से भी आवेदन मंगाए जा सकते हैं।

ख़ास बातें
  • चीन करने जा रहा बड़ा प्रयोग
  • चांद से लाई गई मिट्टी को देगा उधार
  • रिसर्चर्स को शोध के लिए दी जाएगी मिट्टी
विज्ञापन
चीन की अंतरिक्ष एजेंसी ने इस साल जून में पूरी दुनिया को चौंका दिया था, जब उसका चांग ई 6 (Chang'e 6) लूनार मिशन चंद्रमा के सुदूर हिस्‍से से सैंपल लेकर पृथ्‍वी पर लौटा। चंद्रमा का सुदूर हिस्‍सा वह जगह है, जो पृथ्‍वी से दिखाई नहीं देती। चांद से लाई गई मिट्टी को चीन उधार में देने जा रहा है! यह मिट्टी उन रिसर्चर्स को दी जाएगी, जो शोध करना चाहते हैं। इसके लिए ड्रैगन ने रिसर्चर्स से ऐप्लिकेशंस मांगी हैं। 

चांग ई 6 मिशन को मई में लॉन्‍च किया गया था। यह 53 दिनों का मिशन था। चांग ई 6 ने चांद के सुदूर हिस्‍से में अपोलो क्रेटर पर लैंड करके सैंपल इकट्ठा किए थे। इसने जून में पृथ्‍वी पर वापसी की थी। चीन की अंतरिक्ष एजेंसी के हवाले से बताया गया है कि चंद्रमा से लाई गई 4 पाउंड और 4.29 औंस यानी करीब 1,935 ग्राम मिट्टी अब घरेलू एक्‍सपेरिमेंट के लिए उपलब्‍ध है। 

जो ऐप्लिकेशंस मंजूर होंगी, उन्‍हें मिट्टी उधार दी जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, आज से पहले किसी भी देश ने चंद्रमा के सुदूर हिस्‍से से सैंपल नहीं जुटाए हैं। इन सैंपलों को स्‍टडी करके चंद्रमा के बारे में नई जानकारी सामने आ सकती है। वैज्ञानिक यह पता लगा सकते हैं कि चांद का वह इलाका इतना अलग क्‍यों है। 

फ‍िलहाल इन सैंपलों को सिर्फ चीन में प्रयोग के लिए दिया जाएगा। कुछ समय बाद इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट्स से भी आवेदन मंगाए जा सकते हैं। हालांकि इसमें टाइम लगेगा। चीन पहले भी चांद से सैंपल ला चुका है। उसके चांग'ई 5 मिशन ने चंद्रमा के मुख्‍य इलाके से सैंपल जुटाए थे। अपने देश में टेस्‍ट करने के करीब 2 साल बाद उन्‍हें दुनिया के बाकी वैज्ञानिकों को मुहैया कराया था। 
 

क्‍यों अलग है यह मून सैंपल?   

Chang'e 6 मिशन पहला मिशन नहीं है, जो चंद्रमा से सैंपल लेकर धरती पर आया हो। सोवियत यूनियन और यूएसए पहले यह काम कर चुके हैं। फ‍िर चीन का मिशन कैसे अलग है? दरअसल, अमेरिका और सोवियत यूनियन ने चंद्रमा के जिस हिस्‍से से सैंपल जुटाए थे, वह हमेशा पृथ्‍वी की ओर फोकस्‍ड रहता है। पहली बार चांद के उस हिस्‍से से किसी देश ने सैंपल जुटाए हैं, जो पृथ्‍वी से कभी भी दिखाई नहीं देता। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Kia ने पेश की Syros EV, जानें रेंज, फीचर्स
  2. Apple Back to School Sale: भारत में स्टूडेंट्स, टीचर्स के लिए Apple की खास सेल, iPad, MacBook मॉडल्स पर भारी छूट!
  3. 2K रिकॉर्डिंग करने वाला Xiaomi Smart Camera C401 हुआ लॉन्च, जानें सबकुछ
  4. Nubia के AI-पावर्ड NaviX Ultra में मिलेंगे चार कलर के ऑप्शन, इस सप्ताह होगा लॉन्च 
  5. स्पीकर है या शोपीस? Samsung ने भारत में लॉन्च किए यूनिक डिजाइन वाले Wi-Fi Speakers
  6. iQOO Z11 Lite होगा ₹20,000 के बजट में लॉन्च, मिलेंगे गजब AI फीचर्स
  7. Google Pixel 11 में मिलेगा Pixel Glow का नया फीचर, अगले महीने लॉन्च 
  8. बना डाला कागज और गोंद से दुनिया का सबसे बड़ा हवाई जहाज, सफल उड़ान से बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
  9. Belkin लाई 10000mAh बैटरी, 45W फास्ट चार्जिंग वाला पावरबैंक, रात में छूने पर चमकती है लाइट!
  10. OxygenOS को अलविदा! OnePlus यूजर्स को मिलेगा Oppo का ColorOS 17
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »