• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • सौर तूफानों से पक्षी हो रहे कन्‍फ्यूज, भटक रहे रास्‍ता, नई स्‍टडी में चौंकाने वाला खुलासा

सौर तूफानों से पक्षी हो रहे कन्‍फ्यूज, भटक रहे रास्‍ता, नई स्‍टडी में चौंकाने वाला खुलासा

solar storms : उन्‍हें एक जगह से दूसरी जगह उड़ान भरने के दौरान अपने रूट को पहचानने में मुश्किलें आ रही हैं।

सौर तूफानों से पक्षी हो रहे कन्‍फ्यूज, भटक रहे रास्‍ता, नई स्‍टडी में चौंकाने वाला खुलासा

Photo Credit: Unsplash

सबसे ज्‍यादा असर उन पक्षियों पर हो रहा है, जो हर साल प्रवास के लिए हजारों मील का सफर तय करते हैं।

ख़ास बातें
  • सौर तूफानों से पक्षियों पर हो रहा असर
  • वसंत और शरद में पक्षियों का प्रवास करना हुआ कम
  • भू-चुंबकीय क्षेत्र का इस्‍तेमाल कर सफर करते हैं पक्षी
विज्ञापन
सूर्य में हो रही घटनाएं पक्षियों को भी प्रभावित कर रही हैं। एक स्‍टडी में बताया गया है कि सौर तूफानों के कारण पक्षी प्रवास  संबंधी समस्‍याओं से जूझ रहे हैं। उन्‍हें एक जगह से दूसरी जगह उड़ान भरने के दौरान अपने रूट को पहचानने में मुश्किलें आ रही हैं। नेशनल अकैडमी ऑफ साइंसेज में पब्लिश फाइंडिंग्‍स में बताया गया है कि पृथ्‍वी पर भू-चुंबकीय घटनाएं पक्षियों को परेशान कर रही हैं। सबसे ज्‍यादा असर उन पक्षियों पर हो रहा है, जो हर साल प्रवास के लिए हजारों मील का सफर तय करते हैं। बत्तख (ducks), गीज (geese), हंस (swans) सैंडपाइपर (sandpipers) जैसे पक्षियों पर भी असर हो रहा है। 

गौरतलब है कि हमारा सूर्य अपने सौर चक्र से गुजर रहा है, जिसने उसे बहुत अधिक उत्तेजित कर दिया है। सूर्य में उभर रहे सनस्‍पॉट से कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME) और सोलर फ्लेयर (Solar Flare) जैसी घटनाएं हो रही हैं। जब इनका असर पृथ्‍वी पर होता है, तो ये भू-चुंबकीय गड़बड़ी पैदा करते हैं। इनकी वजह से आकाश में ऑरोरा दिखाई देते हैं। सैटेलाइट्स पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि इंसान सीधे तौर पर प्रभावित नहीं होता। 

लेकिन पक्षियों पर इसका असर होता है। भू-चुंबकीय गड़बड़ी के कारण पक्षियों को अपनी उड़ान का रूट पता लगाने में मुश्किल आती है। अमेरिकी डॉपलर रडार स्टेशनों और जमीन पर लगे मैग्नेटोमीटर से जुटाए गए आंकड़ों से पता चला है कि वसंत और शरद ऋतु के मौसम में अंतरिक्ष में होने वाली मौसमी घटनाओं के कारण 9 से 17 फीसदी तक कम पक्षी प्रवास करते हैं। 

सर्दियों के मौसम में उन पक्षियों को परेशानी होती है, जो रात के समय भी उड़ान भरते हैं। उन्‍हें नेविगेशन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। गौरतलब है कि सूर्य में जारी सोलर मैक्सिमम का दौर साल 2025 तक चलता रहेगा। पक्ष‍ियों पर इसका असर उनकी जिंदगी के लिए भी खतरा बन सकता है, क्‍योंकि दिशा भटकने पर उन्‍हें अपनी मंजिल तक पहुंचने में जरूरत से ज्‍यादा समय लग सकता है और वह भोजन संबंधी परेशानियों से जूझ सकते हैं। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के मार्केट में TVS Motor का पहला स्थान बरकरार, जुलाई में बेची 52,000 से ज्यादा यूनिट्स
  2. एडवांस हार्डवेयर का पिटारा, फिर भी दुनिया का सबसे हल्का लैपटॉप! लॉन्च हुआ Huawei MateBook Pro S
  3. Oppo F35 Pro में हो सकती है 10,000mAh की पावरफुल बैटरी, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  4. iQOO Z11 में मिलेगा 3D कर्व्ड डिस्प्ले, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  5. ₹1 हजार से कम में ब्लूटूथ, कॉल रिकॉर्डिंग और वायरलेस FM रेडियो! itel Ace 3 Heera फोन लॉन्च
  6. Redmi K100 Pro में होगी 8,580mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी, 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  7. Zebronics ने 160W साउंड, 2 वायरलेस माइक्रोफोन और RGB लाइट्स के साथ पेश किया पार्टी स्पीकर, जानें कीमत
  8. Realme 16x 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,000mAh बैटरी
  9. Apple ने भारत में सिर्फ 9 आईफोन बेचकर कमाया 28 फोन जितना पैसा, जानें कैसे?
  10. आपको भी परेशान करते हैं 140 सीरीज वाले नंबर? TRAI ने 3 महीने में ब्लॉक कीं 148 करोड़ कॉल्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »