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1466 दिन में सूरज का चक्कर लगाने वाला 100 फीट का एस्टरॉयड पहुंच रहा है धरती के पास!

एस्टरॉयड ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण से प्रभावित होते हैं। इसलिए एस्टरॉयड धरती के ज्यादा करीब आने पर खतरनाक हो सकते हैं।

1466 दिन में सूरज का चक्कर लगाने वाला 100 फीट का एस्टरॉयड पहुंच रहा है धरती के पास!

Photo Credit: istock

एस्टरॉयड ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण से प्रभावित होते हैं। इसलिए एस्टरॉयड धरती के ज्यादा करीब आने पर खतरनाक हो सकते हैं।

ख़ास बातें
  • एस्टरॉयड ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण से प्रभावित होते हैं।
  • एस्टरॉयड धरती के ज्यादा करीब आने पर खतरनाक हो सकते हैं।
  • 16000 एस्टरॉयड पृथ्वी और उसके आसपास मौजूद हैं।
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अंतरिक्ष से एस्टरॉयड का लगातार धरती की ओर आना जारी है। पिछले कुछ दिनों में एक साथ 3 से 5 एस्टरॉयड भी धरती के पास से गुजरे हैं। एस्टरॉयड हमेशा ही खतरनाक नहीं होते हैं, ये अपनी कक्षा में सूर्य का चक्कर लगाते रहते हैं। लेकिन इनसे सावधान रहना भी जरूरी है, क्योंकि एस्टरॉयड, उल्का पिंड आदि कई बार धरती पर गिर भी जाते हैं। एस्टरॉयड उल्का पिंड की तुलना में काफी बड़े होते हैं इसलिए इनसे खतरा भी ज्यादा होता है। 500 फीट बड़े एस्टरॉयड धरती के लिए खतरनाक माने गए हैं। नासा ने आज फिर से एक ऐसे ही चट्टानी टुकड़े के लिए अलर्ट जारी किया है जो 4 साल से ज्यादा समय में सूरज का एक चक्कर पूरा करता है। यह अब धरती की ओर बढ़ रहा है। 

नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी ने अगले 24 घंटे में पृथ्वी के नजदीक आने वाले एक एस्टरॉयड के लिए अलर्ट जारी किया है। एक दिन पहले ही पृथ्वी के पास से दो बड़े एस्टरॉयड होकर गुजरे हैं, जिनका साइज 200 फिट तक था। अब अगले 24 घंटे में फिर से एक चट्टान घूमती हुई धरती के करीब आ रही है। इसका नाम 2015 MA54 एस्टरॉयड है। Asteroid 2015 MA54 के बारे में JPL ने बताया है कि यह 97 फीट बड़ा है। यानि कि 100 फीट का ये चट्टानी टुकड़ा अब धरती की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 

Asteroid 2015 MA54 धरती की ओर बढ़ते हुए इसके करीब 6,370,000 किलोमीटर तक आ जाएगा। यह धरती और इस एस्टरॉयड के बीच की न्यूनतम दूरी बताई गई है। Asteroid 2015 MA54 को 20 जून 2015 को खोजा गया था। Inspace के अनुसार, यह अपोलो ग्रुप से संबंधित बताया गया है। यह 1466 दिन में सूर्य का चक्कर लगाता है। या फिर सालों में बात करें तो यह 4.01 साल में सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करता है। 

एस्टरॉयड ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण से प्रभावित होते हैं। इसलिए एस्टरॉयड धरती के ज्यादा करीब आने पर खतरनाक हो सकते हैं। अंतरिक्ष वैज्ञानिक इनकी दिशा पर नजर रखते हैं। जहां तक एस्टरॉयड 2015 एमए54 की बात है, इसके बारे में नासा ने टकराने जैसी कोई सूचना अभी तक जारी नहीं की है। अभी तक 13 लाख एस्टरॉयड पहचाने जा चुके हैं। जिनमें से 16000 एस्टरॉयड पृथ्वी और उसके आसपास मौजूद हैं। नासा इन्हें नियर अर्थ ऑब्जेक्ट (near earth object) भी कहती है, जो लगातार पृथ्वी के आसपास मंडरा रहे हैं। NASA ने इन 16 हजार एस्टरॉयड में से 1784 एस्टरॉयड को संभावित रूप से पृथ्वी के लिए खतरनाक घोषित किया है।
 
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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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