तो एलियंस ऐसे जाते हैं एक गैलेक्सी से दूसरी में! नई स्टडी में दावा

थ्योरी के अनुसार हो सकता है कि एलियंस तारों को व्हीकल बनाकर इस्तेमाल कर रहे हों।

तो एलियंस ऐसे जाते हैं एक गैलेक्सी से दूसरी में! नई स्टडी में दावा

कयास लगाए जाते हैं कि दूसरे ग्रह के प्राणी अपने खास स्पेसशिप के द्वारा यात्रा करते होंगे।

ख़ास बातें
  • एलियंस तारों को ही व्हीकल के रूप में इस्तेमाल करते होंगे- स्टडी
  • इस काम में न्यूट्रॉन स्टार या फिर उससे छोटे साथी स्टार मदद करते होंगे।
  • न्यूट्रॉन स्टार में अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण होता है।
विज्ञापन
एलियंस के बारे में कई कयास लगाए जाते हैं कि दूसरे ग्रह के प्राणी अपने खास स्पेसशिप के द्वारा एक सौरमंडल से दूसरे में यात्रा करते होंगे। लेकिन एक नई थ्योरी इससे कहीं आगे की सोच रखती है। थ्योरी कहती है कि एलियंस, या ब्रह्मांड में बसी अन्य सभ्यताएं एक गैलेक्सी से दूसरी गैलेक्सी तक जाने के लिए अपने तारे को ही इस्तेमाल करती होंगी। यानी कि वे तारे को ही वाहन के रूप में इस्तेमाल करती हैं जिससे कि एक आकाशगंगा से दूसरी में जाने के लिए बहुत कम समय लगता होगा। क्योंकि किसी दूसरी आकाशगंगा में जाना लाखों-करोड़ों प्रकाशवर्ष का समय ले सकता है। 

बेल्जियम की Vrije Universiteit Brussel के दर्शनशास्त्री क्लेमेंट विडाल ने इस थ्योरी को सामने रखा है। उनकी शोध के अनुसार, एलियन सभ्यताएं अपने स्टार सिस्टम को ही ब्रह्मांडीय दूरी को तय करने में इस्तेमाल करती होंगी। हालांकि विडाल की इस तरह की थ्योरी पूरी तरह से काल्पनिक और अप्रमाणित कही जाएगी। लेकिन विडाल की यह थ्योरी इस बात की संभावना जरूर बढ़ाती है कि हो सकता है ब्रह्मांड में कोई सभ्यता एडवांस्ड इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करती आ रही हो जिसके बारे में सोच पाना इंसानों की सोच से भी परे हो!

Journal of the British Interplanetary Society में इस स्टडी को पब्लिश किया गया है। LiveScience की रिपोर्ट के अनुसार, यह थ्योरी एक विचार पर टिकी है। वो यह कि एलियन सभ्यताएं एक तारामंडल से दूसरे तारामंडल में जाने के लिए स्पेसक्राफ्ट बनाने की बजाए पूरे स्टार सिस्टम को ही कंट्रोल करती होंगी। इनके इस काम में न्यूट्रॉन स्टार या फिर उससे छोटे साथी स्टार मदद करते होंगे। न्यूट्रॉन स्टार में अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण होता है। ये किसी स्टार सिस्टम को आगे धकेलने में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। 

विडाल ने अपनी थ्योरी के बारे में समझाते हुए लिखा है कि किसी तारे की सतह को विषम रूप से उष्मा देना या उसके चुंबकीय क्षेत्र के साथ छेड़छाड़ करने से वह एक ही दिशा में मेटिरियल फेंकना शुरू कर सकता है। इससे एक बल पैदा होता है जिससे बाइनरी सिस्टम विपरीत दिशा में धकेलना शुरू हो जाता है। 

खगोल शास्त्री हाइपर वैलोसिटी वाले तारों की पहचान भी कर चुके हैं। इनमें पल्सर तारे जैसे PSR J0610-2100 और PSR J2043+1711 भी शामिल हैं। ये तारे बहुत अधिक स्पीड से चलते हैं। हालांकि इनकी यह गति इनका प्राकृतिक गुण मानी जाती है, लेकिन विडाल की थ्योरी कहती है कि इसके बारे में आगे शोध करने की जरूरत है। हो सकता है कि एलियन सभ्यता ऐसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही हो जिससे कि तारों को व्हीकल बनाकर इस्तेमाल किया जा सके। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone Air 2 में दिखा खूबसूरत नया कलर, 48MP डुअल कैमरा से हो सकता है लैस
  2. Amazon Prime Day सेल में OnePlus 15R, OnePlus 13, OnePlus 13s जैसे फोन हुए 18 हजार तक सस्ते!
  3. भारत में लॉन्च हुई Revolt RVX इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल, जानें प्राइस, रेंज
  4. चीन और अमेरिका आमने-सामने, Alibaba ने बैन कर दिया यूएस का Claude Code
  5. Vivo X300e आएगा 7100mAh बैटरी, 50MP Zeiss कैमरा के साथ! फीचर्स लीक
  6. Samsung ने दिखाए नए फोल्डेबल फोन के टीजर, मिलेगा काफी कुछ खास!
  7. Amazon Prime Day Sale: ₹20 हजार में आने वाले मोबाइल पर जबरदस्त डील, देखें ऑफर
  8. फेक वेबसाइट और ऐप्स को कैसे पहचानें, इन 5 बातों का रखें ध्यान
  9. iPhone 18 Pro, 18 Pro Max की बैटरी का हो गया खुलासा, मिलेगा बड़ा अपग्रेड!
  10. Amazon Prime Day Sale: ₹28 हजार से भी सस्ते में खरीदें 55 इंच स्मार्ट टीवी, मिल रहा बंपर डिस्काउंट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »