• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • Sun Coronal Hole : सूर्य में हुआ बहुत बड़ा ‘छेद’, 60 पृथ्‍वी हो जाएंगी फ‍िट! क्‍या यह चिंता की बात है? जानें

Sun Coronal Hole : सूर्य में हुआ बहुत बड़ा ‘छेद’, 60 पृथ्‍वी हो जाएंगी फ‍िट! क्‍या यह चिंता की बात है? जानें

Giant Sun hole : सूर्य में हुआ होल नई बात नहीं है, लेकिन पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों का ध्‍यान इसकी ओर गया है।

Sun Coronal Hole : सूर्य में हुआ बहुत बड़ा ‘छेद’, 60 पृथ्‍वी हो जाएंगी फ‍िट! क्‍या यह चिंता की बात है? जानें

Photo Credit: Nasa

सूर्य में हुआ छेद सिर्फ एक दिन के अंदर करीब 5 लाख मील तक चौड़ा हो गया।

ख़ास बातें
  • सूर्य में हुआ कोरोनल होल
  • 2 दिसंबर को इसे स्‍पॉट किया गया
  • 60 पृथ्‍वी जितना है बड़ा
विज्ञापन
Giant Sun hole : सूर्य में हो रही सौर गतिविधियों ने वैज्ञानिकों को टेंशन में डाला हुआ है। इसी महीने 2 दिसंबर को सूर्य में इतना बड़ा ‘छेद' हो गया है कि उसमें 60 पृथ्‍वी फ‍िट हो सकती हैं। दुनियाभर के साइंटिस्‍टों की टीम इस कोरोनल होल (coronal hole) को मॉनिटर कर रही है। होल की वजह से हमारे ग्रह की तरफ सौर हवाओं के झोंके आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सूर्य में हुआ होल नई बात नहीं है, लेकिन पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों का ध्‍यान इसकी ओर गया है।      

रिपोर्ट के अनुसार, सूर्य में हुआ छेद सिर्फ एक दिन के अंदर करीब 5 लाख मील तक चौड़ा हो गया। यह पृथ्‍वी की ओर फोकस्‍ड है, जिस वजह से हमारे ग्रह तक सौर हवाओं के पहुंचने की संभावना बनी हुई है। सूर्य में हो रही गतिविधियां साल 2025 तक जारी रह सकती हैं। यह सब सोलर मैक्सिमम की वजह से हो रहा है। यह सूर्य का 11 साल का एक चक्र है। 

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) पहले ही आगाह कर चुकी है कि सोलर मैक्सिमम की वजह से पृथ्‍वी पर भू-चुंबकीय तूफान बहुत ज्‍यादा आएंगे। सोलर फ्लेयर से लेकर कोरोनल मास इजेक्‍शन तक पृथ्‍वी को प्रभावित करेंगे।  

बहरहाल, मौजूदा कोरोनल होल की वजह से फ‍िलहाल पृथ्‍वी को कोई बड़ा खतरा नहीं है। अगर कोई बड़ा सौर तूफान आता है, तो कुछ असर जरूर हो सकता है। 
 

क्‍या होते हैं कोरोनल मास इजेक्‍शन (Coronal mass ejection)

कोरोनल मास इजेक्शन या CME सौर प्लाज्मा के बड़े बादल होते हैं। सौर विस्फोट के बाद ये बादल अंतरिक्ष में सूर्य के मैग्‍नेटिक फील्‍ड में फैल जाते हैं। अंतरिक्ष में घूमने की वजह से इनका विस्‍तार होता है और अक्‍सर यह कई लाख मील की दूरी तक पहुंच जाते हैं। 

अगर ये हमारे ग्रह के मैग्‍नेटिक फील्‍ड से टकरा जाएं तो भू-चुंबकीय गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं। इनकी वजह से सैटेलाइट्स में शॉर्ट सर्किट हो सकता है और पावर ग्रिड पर असर पड़ सकता है। इनका असर ज्‍यादा होने पर ये पृथ्‍वी की कक्षा में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को भी खतरे में डाल सकते हैं। 

 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. OnePlus Turbo 6 में होगा 165Hz डिस्प्ले, दमदार प्रोसेसर, 8 जनवरी को होने जा रहा लॉन्च
  2. Amazon ने Alexa+ का वेब वर्जन कर दिया लॉन्च, जानें यूजर्स को मिलेंगे कैसे फीचर्स
  3. AI गर्लफ्रेंड ने कर लिया ब्रेकअप! वायरल हुई 'डिजिटल प्रेम कहानी'
  4. WhatsApp लेकर आया AI स्टिकर्स, अपनी पसंद से खुद बनाएं और करें शेयर
  5. गणतंत्र दिवस की परेड देखें मात्र 20 रुपये में, मोबाइल से ऑनलाइन बुक करें टिकट, ये है पूरा तरीका
  6. 25 घंटे की बैटरी के साथ JBuds Mini ANC ईयरबड्स लॉन्च, IP55 रेटिंग से लैस, जानें कीमत
  7. Samsung का फ्लिप स्मार्टफोन मिल रहा 50 हजार रुपये सस्ता, यहां होगी जबरदस्त बचत
  8. 160, 120 फीट बड़े एस्टरॉयड्स से पृथ्वी को खतरा आज!
  9. Simple One Gen 2 इलेक्ट्रिक स्कूटर हुआ लॉन्च, 1.40 लाख रुपये का शुरुआती प्राइस
  10. Motorola का पहला बुक-स्टाइल फोल्डेबल स्मार्टफोन कल होगा लॉन्च, दो कलर के हो सकते हैं ऑप्शन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »