हमारी आकाशगंगा में मिले 8 नए ब्लैक होल बायनेरिज, जानिए इनकी अहमियत

इस रिसर्च को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) का भी सपोर्ट था।

हमारी आकाशगंगा में मिले 8 नए ब्लैक होल बायनेरिज, जानिए इनकी अहमियत

Photo Credit: Caltech/ R. Hurt

ये फाइंडिंग्‍स ‘एस्ट्रोफिजिकल जर्नल’ में प्रकाशित हुई हैं। इनसे समझा जा सकता है कि हमारी आकाशगंगा में विशाल ब्‍लैक होल किस तरह से बने होंगे।

ख़ास बातें
  • MIT के रिसर्चर्स ने यह स्‍टडी की है
  • अबतक ऐसे 2 ब्‍लैक होल के बारे में ही जानकारी थी
  • इस रिसर्च को नासा का भी सपोर्ट था
विज्ञापन
ब्लैक होल हमारे अंतरिक्ष की सबसे पेचीदा और रहस्यमयी चीजें हैं। इनमें जबरदस्‍त गुरुत्वाकर्षण खिंचाव होता है। इसकी वजह से यह किसी भी चीज को अपने पास से गुजरने नहीं देते। प्रकाश यानी लाइट भी जब इनमें जाती है, वह भी गुम हो जाती है। MIT के रिसर्चर्स ने हमारी आकाशगंगा ‘मिल्की वे' में 8 नए इको ब्लैक होल बायनेरिज का पता लगाया है। अबतक ऐसे 2 ब्‍लैक होल के बारे में ही जानकारी थी। इको ब्लैक होल बायनेरिज ऐसा सिस्‍टम है, जो एक तारे की परिक्रमा करता है। 

रिसर्चर्स ने ‘रेवरबेरेशन मशीन' नाम के एक नए ऑटोमेटेड सर्च टूल का इस्‍तेमाल करते हुए नजदीकी ब्लैक होल एक्स-रे बायनेरिज से निकलने वाली चमक और इको को देखा। इस रिसर्च को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) का भी सपोर्ट था। 

इको की तुलना करते हुए रिसर्चर्स एक चित्र बनाया और समझने की कोशिश की कि विस्फोट के दौरान ब्लैक होल कैसे डेवलप होता है। उन्होंने पाया कि एक ब्लैक होल पहले एक ‘हार्ड' फेज से गुजरता है।  वह हाई-एनर्जी फोटॉनों के एक कोरोना (corona) के साथ-साथ पार्टिकल्‍स के एक जेट पर दबाव डालता है। एक निश्चित पॉइंट पर ब्‍लैक होल से तेज चमक बाहर आती है। इसके बाद वह शांत होता है। 

ये फाइंडिंग्‍स ‘एस्ट्रोफिजिकल जर्नल' में प्रकाशित हुई हैं। इनसे समझा जा सकता है कि हमारी आकाशगंगा में विशाल ब्‍लैक होल किस तरह से बने होंगे। MIT में फ‍िजिक्‍स की असिस्‍टेंट प्रोफेसर एरिन कारा ने एक बयान में कहा कि आकाशगंगा के डेवलपमेंट में ब्लैक होल की भूमिका मॉडर्न एस्‍ट्रोफ‍िजिक्‍स का बेहतर सवाल है। कारा ने कहा कि इन छोटे ब्लैक होल बायनेरिज में  होने वाले विस्फोट को समझकर वो यह समझने की उम्मीद करते हैं कि सुपरमैसिव ब्लैक होल में इसी तरह के विस्फोट से उनकी आकाशगंगा पर कैसे असर पड़ता है। 

इस स्‍टडी के लिए टीम ने 26 ब्लैक होल एक्स-रे बाइनरी सिस्टम को चुना, जो एक्स-रे विस्फोटों को बाहर लाने के लिए जाना जाता है। टीम ने अपनी स्‍टडी में पाया कि 10 सिस्‍टम में इतनी चमक थी कि वो विस्फोटों के बीच होने वाले एक्स-रे इको को समझ सकते थे। 10 में से 8 ब्‍लैक होल ऐसे थे, जिनके बारे में यह जानकारी नहीं थी कि वह इको पैदा करते हैं। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Science News In Hindi, black hole, Milky Way, NASA, Galaxy
गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. CBSE 10th Class Result LIVE: 10वीं कक्षा के नतीजे घोषित, ऐसे करें चेक, सबसे आसान तरीका
  2. Samsung के फ्लैगशिप फोन्स पर भारी प्राइस कट, जानें Galaxy S25 सीरीज की नई कीमत!
  3. VinFast ने भारत में लॉन्च की VF MPV 7, जानें प्राइस, रेंज
  4. 105W पावर आउटपुट के साथ UltraProlink Boost Unity GaN चार्जर हुआ लॉन्च, जानें कीमत
  5. Redmi A7 Pro 5G की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, ऑफर्स
  6. Vivo T5 Pro 5G हुआ लॉन्च, 9020mAh बैटरी, 50MP OIS कैमरा, जानें कीमत
  7. Xiaomi ने भारत में लॉन्च किए 75 इंच तक के QD Mini LED TV, प्री-बुकिंग में Rs 10 हजार की छूट!
  8. Oppo F33 5G 7000mAh बैटरी, 256GB तक स्टोरेज और 50MP कैमरा के साथ भारत में लॉन्च, जानें कीमत
  9. Oppo F33 Pro 5G भारत में लॉन्च, 7000mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ आया नया फोन, जानें कीमत
  10. Realme Narzo 100 Lite 5G vs Xiaomi Redmi A7 Pro 5G Vs Ai Plus Pulse 2, बजट प्राइस में कौन से फोन में कितना दम!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »