• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • 2 हजार 450 किलोग्राम की ‘मुसीबत’ आज गिरेगी धरती पर, जानें ERBS सैटेलाइट के बारे में

2 हजार 450 किलोग्राम की ‘मुसीबत’ आज गिरेगी धरती पर, जानें ERBS सैटेलाइट के बारे में

इसे पृथ्‍वी की विकिरण ऊर्जा मापने के लिए लॉन्‍च किया गया था। यह सैटेलाइट सर्विस से रिटायर हो चुका है। नासा ने बताया है कि सैटेलाइट का ज्‍यादातर हिस्‍सा पृथ्‍वी के वातावरण में एंट्री करने से पहले ही खत्‍म हो जाएगा।

2 हजार 450 किलोग्राम की ‘मुसीबत’ आज गिरेगी धरती पर, जानें ERBS सैटेलाइट के बारे में

2450 किलो का यह सैटेलाइट भारतीय समय के अनुसार, आज तड़के पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश कर सकता है। खबर लिखे जाने तक यह पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश कर चुका होगा।

ख़ास बातें
  • अर्थ रेडिएशन बजट सैटेलाइट पृथ्‍वी पर गिर रहा
  • नासा का यह सैटेलाइट करीब 38 साल पुराना है
  • यह अपनी सर्विस से रिटायर हो गया है
विज्ञापन
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) का करीब 38 साल पुराना एक सैटेलाइट आज पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाला है। इसका नाम अर्थ रेडिएशन बजट सैटेलाइट (ERBS) है। इसे पृथ्‍वी की विकिरण ऊर्जा मापने के लिए लॉन्‍च किया गया था। यह सैटेलाइट सर्विस से रिटायर हो चुका है। नासा ने बताया है कि सैटेलाइट का ज्‍यादातर हिस्‍सा पृथ्‍वी के वातावरण में एंट्री करने से पहले ही खत्‍म हो जाएगा। कुछेक टुकड़े मलबे के रूप में धरती पर गिर सकते हैं। 2450 किलो का यह सैटेलाइट भारतीय समय के अनुसार, आज तड़के पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश कर सकता है। खबर लिखे जाने तक यह पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश कर चुका होगा, हालांकि इसमें 17 घंटे कम या ज्‍यादा हो सकते हैं।   

अमेरिकी रक्षा विभाग ने भविष्यवाणी की थी कि सैटेलाइट आज यानी सोमवार को भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 5:10 बजे पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा, हालांकि ऐसी उम्‍मीद है कि वायुमंडल में प्रवेश करते ही यह आकाश में पूरी तरह से जल जाएगा। एक बयान में नासा ने कहा कि हमारी टीम को उम्‍मीद है कि सैटेलाइट के ज्‍यादातर हिस्‍से जल जाएंगे। कुछेक कॉम्‍पोनेंट्स बाकी रह सकते हैं। पृथ्‍वी पर इसका कोई नुकसान होने का खतरा बहुत कम है।  
 

अपने मिशन के दौरान ERBS ने यह काम बहुत बेहतर तरीके से किया कि पृथ्‍वी, सूर्य से आने वाले ऊर्जा को कैसे अवशोषित करती है और रेडिएट करती है। इस सैटेलाइट को 5 अक्टूबर 1984 को लो अर्थ ऑर्बिट में लॉन्च किया गया था। यह नासा के तीन-सैटेलाइट अर्थ रेडिएशन बजट एक्सपेरिमेंट (ERBE) मिशन का हिस्सा था। अंतरिक्ष यान में तीन उपकरण थे। इनमें से दो पृथ्वी की विकिरण ऊर्जा को मापने के लिए थे, जबकि तीसरा समतापमंडलीय घटकों को मापने के लिए लगाया गया था।   

अमेरिका के रक्षा विभाग ने बताया है कि यह सैटेलाइट कई महाद्वीपों से होते हुए गुजरेगा। पहले अफ्रीका, एशिया, मिडल ईस्ट और फिर नॉर्थ और साउथ अमेरिका से यह अपना सफर तय करेगा। खास बात है कि सैटेलाइट को 
सिर्फ 2 साल के लिए अर्थ रेडिएशन की जानकारी देने के लिए लॉन्च किया गया था। सैटेलाइट ने 2 साल के बजाए साल 2005 तक काम किया।
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Honor 600 सीरीज के जल्द लॉन्च की तैयारी, iPhone 17 Pro Max जैसा हो सकता है कैमरा मॉड्यूल
  2. Google Gemma 4: गूगल का नया AI मॉडल बिना इंटरनेट भी चलेगा, स्मार्टफोन बनेंगे सुपरस्मार्ट!
  3. 3 हफ्तों तक चलने वाली Honor Watch X5i स्मार्टवॉच लॉन्च, 60Hz AMOLED डिस्प्ले, जानें कीमत
  4. Samsung Galaxy S26 FE लॉन्च होगा 8GB रैम, Exynos 2500 प्रोसेसर के साथ, गीकबेंच पर खुलासा
  5. फ्री में बनाएं AI वीडियो! Google Vids में आया बड़ा अपडेट, ऐसे करें इस्तेमाल
  6. 25 इंच बड़े 300Hz डिस्प्ले के साथ Redmi G25 2026 गेमिंग मॉनिटर हुए लॉन्च, जानें सबकुछ
  7. Xiaomi ने सस्ता वैक्यूम क्लीनर किया लॉन्च, 10000Pa सक्शन, 180 मिनट का बैटरी बैकअप, जानें कीमत
  8. 8 हजार सस्ता खरीदें Samsung का 6000mAh बैटरी, 50MP कैमरा वाला फोन
  9. Amazon Securefest Sale: Rs 1899 से मिल रहे बेस्ट होम सिक्योरिटी कैमरा, डैशकैम डील्स!
  10. Haier ने भारत में नए हैवी ड्यूटी Desert Rose AC किए लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »