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Huawei ने तैयार की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी से लैस सेल्फ ड्राइविंग साइकिल!

Huawei के इंजीनियर एक नई बाइक पर काम कर रहे हैं जो सबसे पतली सतहों पर भी अपना संतुलन बनाए रख सकती है। इसके अलावा यह सेल्फ ड्राइविंग साइकिल प्रभावशाली फीचर्स के साथ आती है।

Huawei ने तैयार की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी से लैस सेल्फ ड्राइविंग साइकिल!

प्रोजेक्ट के मुख्य इंजीनियर्स में से एक Zhihui Jun को साइकिल दुर्घटना के बाद आया था प्रोजेक्ट का विचार।

ख़ास बातें
  • कंपनी के अनुसार साइकिल सबसे पतली सतहों पर भी अपना संतुलन बनाए रख सकती है।
  • कृत्रिम उपग्रहों में उपयोग होने वाले सिस्टम जैसा है इसका कंट्रोल मॉड्यूल।
  • बाइक में डेप्थ कैमरा, एक्सेलेरोमीटर, जायरोस्कोप जैसी फीचर्स भी दी गई हैं।
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Huawei अपने एक नए प्रोडक्ट पर काम कर रही है जो इसका अपना ही एक प्रोडक्ट है। हम किसी स्मार्टफोन, स्मार्टबैंड या अन्य स्मार्ट डिवाइस की बात नहीं कर रहे हैं। हम कंपनी की नई ऑटोमेटिक सेल्फ ड्राइविंग साइकिल की बात कर रहे हैं जो मानवरहित अवस्था में भी दौड़ सकती है। सेल्फ ड्राइविंग कार की तरह ही यह एक सेल्फ ड्राइविंग साइकिल है जिसे मानव रहित होने पर भी संचालित किया जा सकता है।

चीनी टेक दिग्गज के इंजीनियर एक नई बाइक पर काम कर रहे हैं जो सबसे पतली सतहों पर भी अपना संतुलन बनाए रख सकती है। इसके अलावा यह सेल्फ ड्राइविंग साइकिल प्रभावशाली फीचर्स के साथ आती है। जैसे कि इसकी बॉडी पर हाई प्रीसीजन सेंसर हैं, छवि पहचानने वाले कैमरा हैं, साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी भी है जो इसको मानव रहित होने पर भी दौड़ने में सक्षम बनाती है। 

इस प्रोजेक्ट के शीर्ष इंजीनियर्स में से एक Zhihui Jun हैं। उन्हें एक बार साइकल दुर्घटना का सामना करना पड़ा था और उसके बाद ही उनको ये विचार आया था। दुर्घटना से लगी चोट ने उन्हें यह महसूस करने के लिए प्रेरित किया कि एक सेल्फ ड्राइविंग बाइक की संभावना है। इस प्रकार कंपनी की टीम ने एक पर्सेप्शन सेंसर नेटवर्क के साथ एक सेल्फ कंट्रोल सिस्टम और एक चिप, जो सिस्टम के मस्तिष्क के रूप में कार्य करती है और आवश्यक कंप्यूटिंग शक्ति प्रदान करती है, को एक साथ रखा और इस प्रोडक्ट को साकार किया। 

इंजीनियर्स ने पहले सीएडी (CAD) पर साइकिल का मॉडल बनाना शुरू किया। फिर भौतिक प्रोटोटाइप पर दो बड़े ब्रशलेस मोटर्स और स्टीयरिंग गियर जोड़े। इसके बाद उन्होंने बाइक को RGBD डेप्थ कैमरा, एक्सेलेरोमीटर, जायरोस्कोप और यहां तक ​​कि LiDAR सेंसर से लैस किया। Gizmochina के हवाले से DesignBoom की रिपोर्ट के अनुसार, बाइक लिथियम आधारित बैटरी द्वारा संचालित है जो 2 से 3 घंटे तक चल सकती है। जबकि मुख्य कंट्रोल मॉड्यूल सीट के ठीक नीचे स्थित है।

Huawei के इंजीनियर्स ने साइकिल को एक कंट्रोल मॉड्यूल के साथ तैयार किया जो कृत्रिम उपग्रहों में उपयोग किए जाने वाले सिस्टम के समान संतुलन बनाए रखने के लिए काम करता है। दूसरे शब्दों में यह छोटे लेकिन उच्च प्रीसिजन सेंसर से लैस है। यह थोड़े से भी झुकाव का पता लगा सकता है और तुरंत कंट्रोल मॉड्यूल को डेटा भेजता है ताकि बाइक स्वयं ही बिना किसी बाहरी मदद के संभल सके। मोटर पीछे वाले पहिए को चलाने में भी मदद करती है, जो इसे बिना पैडल किए चलने में सक्षम बनाता है।
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ये भी पढ़े: Huawei, Huawei self driving cycle
हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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