• होम
  • news 461
  • ख़बरें
  • Xiaomi को 68 करोड़ डॉलर के एसेट्स जब्त करने से लगा झटका, कंपनी ने गड़बड़ी से किया इनकार

Xiaomi को 68 करोड़ डॉलर के एसेट्स जब्त करने से लगा झटका, कंपनी ने गड़बड़ी से किया इनकार

कंपनी ने बताया कि जब्त किए गए एसेट्स में से 84 प्रतिशत से अधिक अमेरिकी चिपसेट कंपनी Qualcomm को किया गया रॉयल्टी का भुगतान था

Xiaomi को 68 करोड़ डॉलर के एसेट्स जब्त करने से लगा झटका, कंपनी ने गड़बड़ी से किया इनकार

कंपनी ने कहा कि वह अपने एसेट्स और हितों की सुरक्षा करना जारी रखेगी

ख़ास बातें
  • Xiaomi का रॉयल्टी के भुगतान के लिए Qualcomm के साथ एग्रीमेंट है
  • सक्षम अथॉरिटी ने रॉयल्टी के भुगतान को गलत माना था
  • इससे पहले भी कुछ चाइनीज कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है
विज्ञापन
चाइनीज स्मार्टफोन कंपनी Xiaomi ने कहा है कि वह अपने लगभग 68.2 करोड़ डॉलर के एसेट्स जब्त करने की एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ( ED) की ओर से की गई कार्रवाई से निराश है। कंपनी का कहना था कि वह अपने एसेट्स और हितों की सुरक्षा करना जारी रखेगी। Xiaomi ने बताया कि जब्त किए गए एसेट्स में से 84 प्रतिशत से अधिक अमेरिकी चिपसेट कंपनी Qualcomm को किया गया रॉयल्टी का भुगतान था।

इस बारे में  Xiaomi ने एक स्टेटमेंट में कहा, "हम कंपनी और हमारे स्टेकहोल्डर्स की साख और हितों की सुरक्षा के लिए सभी जरियों का इस्तेमाल करेंगे।" कंपनी ने बताया कि भारत में उसकी यूनिट Xiaomi Group की एक सहयोगी कंपनी है, जिसने स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) लाइसेंस के लिए Qualcomm के साथ कानूनी एग्रीमेंट किया है। स्टेटमेंट में कहा गया है कि Xiaomi की भारत में यूनिट का रॉयल्टी के भुगतान के लिए Qualcomm के साथ वैध कमर्शियल एग्रीमेंट है। हालांकि, इस बारे में देश की सक्षम अथॉरिटी का कहना था कि रॉयल्टी का भुगतान केवल फॉरेन एक्सचेंज को देश से बाहर ट्रांसफर करने का एक जरिया है और यह FEMA के प्रावधानों का बड़ा उल्लंघन है। 

ED ने बताया था कि यह देश में जब्त की गई अब तक की सबसे बड़ी रकम है। ED ने FEMA के तहत लगभग चार महीने पहले रकम को जब्त करने का ऑर्डर जारी किया था और इसके बाद इसे स्वीकृति के लिए सक्षम अथॉरिटी के पास भेजा था। Xiaomi की देश में यूनिट के खिलाफ यह ऑर्डर FEMA के सेक्शन 37A के तहत जारी किया गया था। इस बारे में ED ने बताया, "अथॉरिटी ने 5,551.27 करोड़ रुपये को जब्त करने की पुष्टि करते हुए कहा है कि ED की जांच यह यह सही पाया गया है कि कंपनी ने यह रकम देश से बाहर अनधिकृत तरीके से ट्रांसफर की थी और इसे ग्रुप की एटिटी की ओर से FEMA के सेक्शन 4 का उल्लंघन करते हुए विदेश में रखा था।" 

देश के स्मार्टफोन मार्केट में MI ब्रांड के स्मार्टफोन्स बेचने वाली Xiaomi की लगभग 18 प्रतिशत हिस्सेदारी है। भारत और चीन के बीच लगभग दो वर्ष पहले बॉर्डर पर तनाव के बाद बहुत सी चाइनीज कंपनियों को भारत में बिजनेस करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। केंद्र सरकार ने सुरक्षा के कारणों से टिकटॉक सहित 300 से अधिक चाइनीज ऐप्स पर भी बैन लगा दिया था। 


(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Smartphone, ED, China, Royalty, Market, Qualcomm, Agreement, Payment, Xiaomi, FEMA, Sales
आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में बढ़ सकती है Tesla की सेल्स, Model Y L के लिए मजबूत डिमांड
  2. Moto G77 Power कल होगा भारत में लॉन्च, 7,000mAh की बैटरी
  3. Vivo T5 Lite 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी
  4. क्या और महंगे होंगे मोबाइल-लैपटॉप? Samsung समेत कंपनियां बढ़ाएंगी RAM की कीमत
  5. Motorola Edge 70 Max जल्द होगा भारत में लॉन्च, Snapdragon 8 Gen 5 हो सकता है चिपसेट
  6. Samsung Galaxy A27 5G की भारत में सेल शुरू, लिमिटेड टाइम के लिए ₹3 हजार का डिस्काउंट!
  7. iQOO Z11 Lite का टीजर जारी, जल्द होगा भारत में लॉन्च, जानें सबकुछ
  8. Vivo X300e में मिल सकता है 6.59 इंच डिस्प्ले, 3C पर हुई लिस्टिंग
  9. मोबाइल ऐप से बंद हुए बैटरी रिक्शा, अब Google और Apple को हटानी होंगी ऐसी ऐप्स
  10. ई-रिक्शा के बाद अब ATM हो रहे हैं बंद? मोबाइल ऐप से कंट्रोल करने का वीडियो वायरल
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »