भारत में गूगल को राहत, NCLAT ने जुर्माना 936 करोड़ रुपये से घटाकर 220 करोड़ रुपये किया

इस मामले में CCI के ऑर्डर में कंपनी से एंड्रॉयड की मार्केटिंग के तरीके में बदलाव करने के लिए कहा गया था

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 28 मार्च 2025 20:57 IST
ख़ास बातें
  • CCI ने गूगल की Play Store से जुड़ी पॉलिसी को गलत पाया था
  • इस वजह से कंपनी पर जुर्माना लगाया गया था
  • गूगल के लिए भारत एक बड़ा मार्केट है

गूगल के बड़े मार्केट्स में भारत शामिल है

इंटरनेट सर्च इंजन Google को ऑपरेट करने वाली अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी Alphabet Inc को भारत में बड़ी राहत मिली है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) ने एंटीट्रस्ट से जुड़े मामले में इस कंपनी पर लगाए गए 936 करोड़ रुपये के जुर्माने को घटाकर लगभग 220 करोड़ रुपये कर दिया है। 

लगभग तीन वर्ष पहले कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने एक जांच में गूगल की Play Store से जुड़ी पॉलिसी को गलत पाया था। इस वजह से कंपनी पर जुर्माना लगाया गया था। CCI ने गूगल को Android मोबाइल डिवाइस इकोसिस्टम और ऑनलाइन सर्च मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने का दोषी पाया था। 

इस मामले में CCI के ऑर्डर में कंपनी से एंड्रॉयड की मार्केटिंग के तरीके में बदलाव करने के लिए कहा गया था। हालांकि, कंपनी का कहना था कि एंड्रॉयड मोबाइल प्लेटफॉर्म में बड़े बदलाव करने से मुश्किल होगी। भारत में लगभग 97 प्रतिशत स्मार्टफोन्स एंड्रॉयड पर चलते हैं और गूगल के लिए यह एक बड़ा मार्केट है। CCI ने कंपनी को निर्देश दिया था कि उसे ऐप डिवेलपर्स पर ऐसी कोई शर्त नहीं लगानी चाहिए जो अनुचित या भेदभाव वाली है। इसका कोई कारण नहीं बताया गया है कि यूजर के थर्ड-पार्टी प्रोसेसिंग सर्विस का इस्तेमाल करने पर भी कंपनी 11-26 प्रतिशत की कमीशन क्यों ले रही है। 

गूगल ने ऐप डिवेलपर्स के लिए बिलिंग के तरीके में बदलाव किया था। कंपनी ने बताया था कि अगर कोई यूजर वैकल्पिक बिलिंग सिस्टम के जरिए भुगतान करता है तो Google play की सर्विस फीस चार प्रतिशत घट जाएगी। इससे गूगल की सर्विस का इस्तेमाल नहीं करने पर भी ऐप डिवेलपर्स को कंपनी को कमीशन चुकाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस बारे में डिजिटल स्टार्टअप्स से जुड़े पॉलिसी थिंक टैंक ADIF ने कहा था कि इससे CCI के ऑर्डर का गूगल पूरी तरह से उल्लंघन कर रही है। आईफोन जैसे लोकप्रिय स्मार्टफोन बनाने वाली एपल के खिलाफ भी इसी तरह की एक जांच की गई है। यह कंपनी की ऐप्स के मार्केट में दबदबे वाली स्थिति का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल करने से जुड़ी है। Apple पर आरोप था कि उसने ऐप्स के मार्केट में अपनी मजबूत स्थिति के कारण डिवेलपर्स को उसके प्रॉपराइटरी इन-ऐप परचेज सिस्टम का इस्तेमाल करने के लिए बाध्य किया था। इसके लिए डिवेलपर्स से 30 प्रतिशत तक की फीस ली जा रही थी। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iPhone 17e लॉन्च के बाद 11 हजार सस्ता मिल रहा iPhone 16e, सबसे तगड़ी iPhone डील
  2. 365 दिनों तक डेली 2.5GB तक डेटा, अनलिमिटिड कॉल, फ्री बेनिफिट्स के साथ BSNL के धांसू प्लान
#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone 17e लॉन्च के बाद 11 हजार सस्ता मिल रहा iPhone 16e, सबसे तगड़ी iPhone डील
  2. Mahindra ने लॉन्च की XEV 9e Cineluxe एडिशन, जानें प्राइस, रेंज
  3. नए iPad Air का भारत में लॉन्च, M4 चिप, 1TB तक स्टोरेज, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. iPhone 17e हुआ भारत में लॉन्च, 48 मेगापिक्सल का कैमरा, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. Motorola ने MWC में लॉन्च किया Razr Fold, 6,000mAh की बैटरी
  6. 71 बिलियन स्पैम कॉल के बाद अब Airtel का मैसेजिंग पर फोकस, Google के साथ मिलाया हाथ
  7. MWC 2026: Hi-Res ऑडियो के साथ लॉन्च हुए Motorola के नए TWS ईयरबड्स Moto Buds 2, Buds 2 Plus, जानें कीमत
  8. दूरबीन जैसे खुलने वाले लेंस के साथ पेश हुआ Vivo X300 Ultra फोन, 4K 120fps पर करेगा रिकॉर्डिंग!
  9. iQOO Z11x लॉन्च डेट आई, 7200mAh बैटरी, 44W फास्ट चार्जिंग के साथ 12 मार्च को देगा दस्तक
  10. सिर्फ भागने के लिए नहीं, अब लड़ाई में भी काम आएंगी BGMI की गाड़ियां, जानें क्या नया आने वाला है
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.