Apple ने ऐप्स से जुड़े मामले में नहीं दिया डेटा, CCI जल्द कर सकता है फैसला

आईफोन बनाने वाली इस कंपनी ने कहा है कि उसे आशंका है कि अगर पेनल्टी लगाने के लिए उसके इंटरनेशनल टर्नओवर का इस्तेमाल किया जाता है तो उस पर लगभग 38 अरब डॉलर की पेनल्टी लग सकती है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 20 अप्रैल 2026 23:12 IST
ख़ास बातें
  • CCI ने ऐप स्टोर से जुड़े एक मामले की जांच में कंपनी को दोषी पाया था
  • इस मामले में एपल ने कोई गड़बड़ी करने से इनकार किया है
  • देश के स्मार्टफोन मार्केट में आईफोन्स की हिस्सेदारी नौ प्रतिशत की है

इस मामले में कंपनी ने कोई गड़बड़ी करने से इनकार किया है

अमेरिकी डिवाइसेज और टेक्नोलॉजी कंपनी Apple ने कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) को अपना फाइनेंशियल डेटा नहीं दिया है। CCI ने एक जांच में पाया था कि एपल ने iPhone के ऐप्स मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल किया है।  CCI ने इस मामले की अंतिम सुनवाई अगले महीने तय की है। इसके बाद इस मामले में जल्द फैसला भी दिया जा सकता है। 

Reuters की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बारे में CCI की ओर से हाल ही में दिए गए एक ऑर्डर में कहा गया है कि एपल ने अपना फाइनेंशियल डेटा और जांच पर अपने विचार की जानकारी नहीं दी है। इसके बजाय कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित एक अलग मामले का हवाला दिया है जिसमें एपल ने देश के एंटीट्रस्ट पेनल्टी कानून को चुनौती दी है। किसी कंपनी के प्रतिस्पर्धा से जुड़े कानून का उल्लंघन करने पर पेनल्टी लगाने के लिए आमतौर पर CCI को फाइनेंशियल डेटा की जरूरत होती है। इस मामले में एपल ने कोई गड़बड़ी करने से इनकार किया है। आईफोन बनाने वाली इस कंपनी ने कहा है कि उसे आशंका है कि अगर पेनल्टी लगाने के लिए उसके इंटरनेशनल टर्नओवर का इस्तेमाल किया जाता है तो उस पर लगभग 38 अरब डॉलर की पेनल्टी लग सकती है। 

CCI के ऑर्डर में बताया गया है कि एपल को इस जांच के बारे में आपत्ति दर्ज कराने या सुझाव देने के लुए पर्याप्त मौके दिए गए हैं। कंपनी ने इस मामले में मांगी गई फाइनेंशियल जानकारी को जमा नहीं किया है। यह ऑर्डर सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन इसे Reuters ने देखा है। इस बारे में एपल और CCI ने Reuters की ओर से भेजे गए प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया है। 

एपल के खिलाफ कुछ अन्य देशों में भी इस तरह के मामले चल रहे हैं। कंपनी के लिए भारत एक महत्वपूर्ण मार्केट है। देश के स्मार्टफोन मार्केट में आईफोन्स की हिस्सेदारी लगभग नौ प्रतिशत की है। CCI ने कंपनी को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह की अवधि दी है। इसके साथ ही इस मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 21 मई की तिथि तय की गई है। इससे इस मामले में जल्द फैसला दिए जाने का संकेत भी मिल रहा है। 

 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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