अगर वाई-फाई स्पीड कम हो जाए या इंटरनेट न चले तो काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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एल्युमिनियम फॉयल से वाई-फाई सिग्नल को सही दिशा देने में मदद मिलती है।
आमतौर पर घरों पर काम करने, टीवी या फोन उपयोग करने के लिए वाई-फाई कनेक्शन आम हो गए हैं। ऐसे में अगर वाई-फाई स्पीड कम हो जाए या इंटरनेट न चले तो काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मगर क्या आपने सोचा है कि एल्युमिनियम फॉयल होम नेटवर्किंग में सुधार कर सकती है। एक रिसर्च में पता चला है कि इसे खास तौर पर डिजाइन किए गए रिफ्लेक्टर का आकार देकर वाई-फाई राउटर के पीछे लगाया जाएगा तो यह बहुत काम कर सकता है। यह वायरलेस सिग्नल को उन कमरों की तरफ मोड़ सकती है जहां उनकी ज्यादा जरूरत है और दीवारों के बाहर जाने वाले सिग्नल को कम कर सकती है।
एल्युमिनियम फॉयल से वाई-फाई सिग्नल को सही दिशा देना में मदद मिलती है। हर तरफ एक जैसा सिग्नल भेजने के बजाय रिफ्लेक्टर लगा हुआ राउटर अपनी रेडियो वेव्स को अधिकतर घर के अंदर ही रख सकता है। इससे जरूरी जगहों पर कवरेज बेहतर होती है और घर के बाहर सिग्नल बहुत कम जाता है। यह एक छोटा सा बदलाव है, लेकिन इससे परफॉर्मेंस और प्राइवेसी दोनों बेहतर हो सकती हैं। रिसर्च से पता चलता है कि कैसे साधारण और सस्ती चीजें भी डेली की टेक्नोलॉजी को बेहतर बना सकती हैं और इसमें महंगा अपग्रेड या अतिरिक्त नेटवर्किंग इक्विपमेंट भी जरूरी नहीं है।
अमेरिका के डार्टमाउथ कॉलेज के रिसर्चर ने WiPrint नाम की टेक्नोलॉजी तैयार की है। यह टेक्नोलॉजी खास साइज के रिफ्लेक्टर का इस्तेमाल करती है जो कि 3डी-प्रिंटेड प्लास्टिक से बने होते हैं और जिन पर एल्युमीनियम की एक पतली लेयर चढ़ाई गई है। इसमें साधारण रसोई वाले एल्यूमिनियम फॉयल का नहीं, बल्कि खास साइज के 3D-प्रिंटेड रिफ्लेक्टर का उपयोग किया गया। यह वाई-फाई सिग्नल को घर के जरूरी हिस्सों की ओर मोड़ने में मदद करती है। हर रिफ्लेक्टर को किसी खास कमरे के लेआउट के हिसाब से सटीक तरीके से डिजाइन किया गया है। इससे राउटर की रेडियो वेव्स को उन जगहों की ओर मोड़ा जा सकता है जहां मजबूत कवरेज की जरूरत है, साथ ही उन दिशाओं में सिग्नल भेजने से रोका जा सकता है जहां इसकी जरूरत नहीं है।
रिसर्च में पता चला कि इससे लक्षित क्षेत्रों में सिग्नल की क्वालिटी और इंटरनेट की स्पीड में सुधार हुआ। वहीं घर के बाहर फैलने वाले सिग्नल में कमी आई। इससे नेटवर्क का फालतू फैलना कम होता है और बाहरी लोगों के लिए वाई-फाई नेटवर्क का पता लगाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। यह कोई सिक्योरिटी ऑप्शन नहीं है। सिक्योर वाई-फाई के लिए मजबूत पासवर्ड, WPA3 एन्क्रिप्शन और सामान्य फर्मवेयर अपडेट बहुत जरूरी है। सबसे खास बात यह भी पता चली कि सिर्फ साधारण एल्युमिनियम फॉयल को राउटर के पीछे लगाने से ऐसे रिजल्ट नहीं मिलेंगे। असली प्रभाव रिफ्लेक्टर के विशेष डिजाइन और आकार पर निर्भर करता है।
अधिकतर होम वाई-फाई राउटर बिना शेड वाले लाइट बल्ब की तरह काम करते हैं। ये लगभग हर दिशा में रेडियो वेव्स फैलाते हैं। इससे कवरेज तो अच्छा आता है, लेकिन सिग्नल का कुछ हिस्सा घर के बाहर भी पहुंच जाता है। सिग्नल बाहर जाने पर नेटवर्क का दायरा बढ़ जाता है और इससे मालिक को फायदा नहीं होता है।
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