अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स और टेक्निकल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में काम करने का मौका
Photo Credit: iStock/Andrey Popov
अमेरिका में सरकार ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के लिए नया भर्ती प्रोग्राम शुरू किया है।
अगर आपने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की हुई है और टेक क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो ट्रम्प सरकार एक शानदार प्रोग्राम लेकर आई है। अमेरिका में सरकार ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के लिए नया भर्ती प्रोग्राम शुरू किया है। यह सरकार का नया यूनाइटेड स्टेट्स टेक फोर्स प्रोग्राम है जिसके तहत नए 1000 इंजीनियर्स के लिए टेक क्षेत्र में करियर चमकाने का मौका है। सैलरी 1.2 करोड़ रुपये से 1.7 करोड़ रुपये सालाना तक बताई गई है। आइए जानते हैं कैसे कर सकते हैं अप्लाई।
1000 इंजीनियर्स की भर्ती
टेक क्षेत्र में टेक इंजीनियर्स के लिए 1.7 करोड़ रुपये सालाना पैकेज वाली जॉब्स पाने का बेहतरीन मौका US गवर्नमेंट लेकर आई है। Reuters के अनुसार, ट्रम्प सरकार ने अपने नए हायरिंग प्रोग्राम की घोषणा की है। यह 2 साल का प्रोग्राम है जिसमें पहले फेज में 1000 इंजीनियर्स को भर्ती किया जा रहा है। चुने गए कैंडिडेट्स को फेडरेल एजेंसियों में फुल टाइम सरकारी कर्मचारी के तौर पर काम करने का मौका मिलेगा जो बड़े टेक प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। इस प्रोग्राम को ऑफिस ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट (OPM) द्वारा चलाया गया है। साथ में अन्य सरकारी एजेंसियां भी शामिल होंगीं।
Apple, Amazon, Meta जैसी कंपनियां शामिल
प्रोग्राम के तहत अमेरिका में अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी, डेटा एनालिटिक्स और टेक्निकल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों पर खास फोकस रहेगा। इस प्रोग्राम में दुनिया की 28 बड़ी टेक कंपनियां शामिल होने जा रही हैं जिनमें Apple, Amazon Web Services, Microsoft, Meta, Nvidia, OpenAI, Oracle, Uber, xAI जैसे नाम शामिल हैं। ये कंपनियां भर्ती हुए कैंडिडेट्स को ट्रेन करेंगी जिसके बाद उन्हें सीधे सरकार के साथ काम करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा अन्य बड़ी टेक कंपनियों में भी फुल टाइम कर्मचारी की तरह शामिल होने का अवसर होगा।
क्या होगी योग्यता, कैसे करें अप्लाई
खास बात है कि इस प्रोग्राम के लिए आवेदन देने के लिए किसी खास डिग्री या पूर्व अनुभव की मांग नहीं की गई है। आवेदन यूएसए जॉब्स पोर्टल के माध्यम से लिए जाएंगे। आवेदन के बाद कैंडिडेट को टेक्निकल एसेसमेंट से गुजरना होगा। इंडस्ट्री लीडर्स के साथ इंटरव्यू होगा और बैकग्राउंड वैरिफिकेशन किया जाएगा। शुरुआती स्क्रीनिंग ऑफिस ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट द्वारा ही की जाएगी जिसके बाद संबंधित एजेंसियां कैंडिडेट का चुनाव करेंगीं।
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