यूक्रेन की मिलिट्री के 1300 SpaceX Starlink टर्मिनल्स फंडिंग की कमी से हुए ठप

युद्ध में यूक्रेन SpaceX की सैटेलाइट बेस्ड Starlink इंटरनेट सर्विस पर काफी निर्भर है। इस सर्विस में रुकावट डालना रूस के लिए मुश्किल है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 9 नवंबर 2022 15:30 IST
ख़ास बातें
  • यूक्रेन सैटेलाइट बेस्ड Starlink इंटरनेट सर्विस पर काफी निर्भर है
  • इस सर्विस को युद्ध की शुरुआत से उपलब्ध कराया जा रहा है
  • यूक्रेन को अमेरिका सहित कई देशों से मदद मिल रही है

इस सर्विस में रुकावट डालना रूस के लिए मुश्किल है

पिछले कई महीनों से रूस के खिलाफ लड़ रहे यूक्रेन के कम्युनिकेशंस इंफ्रास्ट्रक्चर को फंडिंग की कमी से बड़ा झटका लगा है। युद्ध में यूक्रेन SpaceX की सैटेलाइट बेस्ड Starlink इंटरनेट सर्विस पर काफी निर्भर है। इस सर्विस में रुकावट डालना रूस के लिए मुश्किल है। हालांकि, फंडिंग कम होने की वजह से इस सर्विस पर असर पड़ रहा है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेन की मिलिट्री की ओर से इस्तेमाल किए जा रहे लगभग 1,300 स्टारलिंक टर्मिनल्स बिलों का भुगतान नहीं होने के कारण दो सप्ताह पहले ठप हो गए थे। यह समस्या 24 अक्टूबर को शुरू हुई थी। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने यूक्रेन की मिलिट्री के लिए इसे एक बड़ी समस्या बताया है। उन्होंने कहा कि फंडिंग नहीं मिलने के कारण टर्मिनल्स डिसकनेक्ट हो गए थे। ये टर्मिनल्स एक ब्रिटिश कंपनी से मार्च में खरीदे गए थे। SpaceX प्रत्येक टर्मिनल के लिए प्रति माह यूक्रेन सरकार से लगभग 2,500 डॉलर का चार्ज ले रही है।

यह चार्ज  SpaceX के सामान्य स्टारलिंक कस्टमर्स से लिए जाने वाले 110 डॉलर प्रति माह से अधिक है। हालांकि, एक अन्य स्पेशिलिटी सर्विस Starlink Maritime से यह बहुत कम है, जो समुद्र में शिप पर कवरेज के लिए लगभग 5,000 डॉलर प्रति माह का चार्ज लेती है। यूक्रेन के डिफेंस डिपार्टमेंट ने इस मुश्किल का हल निकालने के लिए ब्रिटेन के मिलिट्री अधिकारियों से बात की थी और उनसे इस बिल को चुकाने का निवेदन किया था। हालांकि, ब्रिटेन ने यूक्रेन को दी जाने वाली सहायता में इसे शामिल नहीं किया है। 

SpaceX के फाउंडर और CEO, Elon Musk ने हाल ही में कहा था कि यूक्रेन में स्टारलिंक के लगभग 25,000 टर्मिनल हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितने यूक्रेन की सरकार ने खरीदे हैं। इस युद्ध में अमेरिका सहित कई पश्चिमी देश यूक्रेन का समर्थन कर रहे हैं। स्‍टारलिंक ने रूस के हमले की शुरुआत से ही यूक्रेन को सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराई है। इसमें स्‍टारलिंक को चलाने वाली कंपनी स्‍पेसएक्‍स लाखों डॉलर खर्च हो चुके हैं। इस वर्ष फरवरी में कई स्‍टारलिंक टर्मिनल्‍स को यूक्रेन पहुंचाया गया था। इनकी मदद से स्‍टारलिंक सैटेलाइट से कनेक्‍ट होकर इंटरनेट सर्विस को इस्‍तेमाल किया जा सकता है। स्‍टारलिंक और वनवेब जैसी कंपनियां अपने लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स के जरिए इंटरनेट सर्विस की पेशकश कर रही हैं। 
 

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