सायबर फ्रॉड में पकड़े गए चीन के दो नागरिक, ऐप के जरिए फंसाते थे शिकार

इनकी गिरफ्तार स्पेशल टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस की टीम ने की है। इनसे दो पासपोर्ट बरामद किए गए हैं, जिनमें से एक की अवधि समाप्त हो चुकी थी

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 18 अक्टूबर 2022 13:26 IST
ख़ास बातें
  • इनकी ऐप पर इंटरनेट पर आसानी से प्रॉफिट कमाने का लालच दिया जाता था
  • इससे पहले भी चीन के कुछ नागरिकों को फ्रॉड के आरोप में पकड़ा गया है
  • इनकी गिरफ्तार स्पेशल टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस की टीम ने की है

ये दोनों Google प्ले स्टोर पर एक ऐप के जरिए लोगों को फंसाते थे

पिछले कुछ महीनों में सायबर फ्रॉड के मामले बढ़े हैं। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने चीन के दो नागरिकों को सायबर फ्रॉड के आरोप में गिरफ्तार किया है। ये दोनों Google प्ले स्टोर पर एक ऐप के जरिए लोगों को फंसाते थे। इस ऐप से इंटरनेट पर आसानी से प्रॉफिट कमाने का लालच दिया जाता था। 

इनकी गिरफ्तार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस की टीम ने की है। इनकी पहचान Feng Chenjin और Huang Kuan के तौर पर हुई है। इनसे दो पासपोर्ट बरामद किए गए हैं, जिनमें से एक की अवधि समाप्त हो चुकी थी। पुलिस ने बताया कि इनसे 150 से अधिक SIM कार्ड, दो लैपटॉप, 30,000 रुपये, 110 युआन के साथ ही कुछ अन्य देशों की करेंसी भी बरामद हुई है। इनसे कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। इन दोनों को जेल भेज दिया गया है और इस मामले की जांच की जा रही है। इनके खिलाफ ठगी, जाली दस्तावेज रखने और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

पिछले महीने इंटरनेट सर्च इंजन Google को सरकार ने गैर कानूनी लेंडिंग ऐप्स का इस्तेमाल रोकने के लिए कड़े नियम लागू करने के लिए कहा था। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ((MeitY) और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( RBI) ने गूगल को इन ऐप्स पर लगाम लगाने का निर्देश दिया था। डिजिटल लेंडिंग सेगमेंट में धोखाधड़ी के मामले बढ़ने के बाद RBI ने हाल ही में लेंडर्स से डिजिटल लेंडिंग सर्विसेज के लिए कड़े नियम बनाने को कहा था। 

इसका उद्देश्य बॉरोअर्स को जालसाजी से सुरक्षित करना था। गूगल ने फाइनेंशियल सर्विसेज ऐप्स के लिए अपनी स्टोर डिवेलपर प्रोग्राम पॉलिसी में बदलाव किया है। इसमें पर्सनल लोन ऐप्स के लिए अतिरिक्त शर्तें शामिल हैं। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, गैर कानूनी डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स पर लगाम लगाने के लिए सरकार और RBI ने गूगल से स्क्रूटनी बढ़ाने और यह पक्का करने के लिए कहा है कि केवल रेगुलेटर से स्वीकृति वाले लोन ऐप्स ही गूगल प्ले स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हों। इसके साथ ही गूगल से इन ऐप्स के वेबसाइट्स और डाउनलोड के अन्य जरियों से डिस्ट्रीब्यूशन को भी कम करने के लिए कहा गया है। गूगल ने बताया है कि उसने फाइनेंशियल सर्विसेज ऐप्स के लिए पिछले वर्ष सितंबर से अपनी प्ले स्टोर डिवेलपर प्रोग्राम पॉलिसी में बदलाव कर पर्सनल लोन ऐप्स के लिए अतिरिक्त शर्तों को अनिवार्य किया था। 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Honor 600 सीरीज हुई लॉन्च: 200MP कैमरा, 8600mAh बैटरी और OLED डिस्प्ले वाले फोन्स की इतनी है कीमत
  2. OnePlus Nord 6 vs iQOO Neo 10 5G vs Vivo V60 में जानें कौन सा फोन है सबसे बेस्ट!
#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत के EV मार्केट में Tesla से आगे निकली VinFast
  2. डुअल-डिवाइस कनेक्टिविटी के साथ लॉन्च हुए Oppo Enco Air 5s, कॉल नॉयस रिडक्शन का फीचर
  3. Vivo S60 में मिल सकता है Snapdragon 8s Gen 3 चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  4. Oppo Reno 16 सीरीज हुई लॉन्च, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट, जानें प्राइस, फीचर्स
  5. Honor 600 सीरीज हुई लॉन्च: 200MP कैमरा, 8600mAh बैटरी और OLED डिस्प्ले वाले फोन्स की इतनी है कीमत
  6. 144Hz डिस्प्ले, 10420mAh बैटरी वाला नया Oppo Pad 6 टैबलेट हुआ लॉन्च, जानें कीमत
  7. मिडल-ईस्ट में समझौते की संभावना से क्रिप्टो मार्केट में तेजी, 77,000 डॉलर से ज्यादा हुआ Bitcoin का प्राइस
  8. Redmi के इन फोन्स की कीमत फिर बढ़ी, कुछ मॉडल्स अब 5,500 रुपये तक महंगे!
  9. मॉनिटर जैसा दिखता है, लेकिन अंदर छिपा है पूरा AI PC! Asus ने लॉन्च किया नया VM441 AiO
  10. UBON ने 30W पावर, 20 घंटे की बैटरी के साथ नए पार्टी स्पीकर किए लॉन्च, जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.