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वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड के सबसे शक्तिशाली विस्फोट की रोशनी को कैमरे में किया कैद

चिली के हाइ एल्टीट्यूड अटकामा मरुस्थल में स्थित आल्मा एर्रे 66 रेडियो टेलीस्कोप के साथ है और यह दुनिया का सबसे बड़ा सेटअप है।

वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड के सबसे शक्तिशाली विस्फोट की रोशनी को कैमरे में किया कैद

GRB विस्फोट तब होते हैं जब तारों जैसी खगोलीय चीजें आपस में टकराती हैं

ख़ास बातें
  • सबसे छोटी अवधि का गामा रे विस्फोट हुआ कैद
  • कुछ ही सेकंड में रिलीज करता है अपार ऊर्जा
  • GRB 211106A के रूप में मार्क किया गया है
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क्या आपने दो तारों के टकराने से पैदा होने वाली रोशनी को देखा है? वैज्ञानिकों ने इस घटना को कैप्चर कर लिया है। एक न्यूरॉन स्टार से दूसरा न्यूरॉन स्टार टकराने पर मिलीमीटर वेवलेंथ लाइट पैदा होती है। पहली बार वैज्ञानिक इस लाइट को कैप्चर करने में सफल हो गए हैं। अमेरिका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी और नीदरलैंड्स की रेडबॉड यूनिवर्सिटी में खगोलभौतिक वैज्ञानिकों की टीम ने दावा किया है कि इस टकराव से जो फ्लैश पैदा हुआ वह अब तक ऑब्जर्व किया गया सबसे छोटी अवधि का गामा रे विस्फोट था। जिसे GRB भी कहते हैं। इनके बारे में कहा जाता है कि यह ब्रह्मांड के सबसे ऊर्जावान विस्फोट होते हैं। कुछ ही सेकंड में ये विस्फोट इतनी एनर्जी रिलीज कर देता है जितना सूर्य अपने पूरे काल में कर सकता है। 

GRB विस्फोट तब होते हैं जब तारों जैसी खगोलीय चीजें आपस में टकराती हैं, या फिर कोई नया ब्लैक होल बनता है। इससे पहले 6 गामा रे बर्स्ट रिकॉर्ड किए गए हैं लेकिन वे लम्बी वेवलेंथ के थे। हालांकि, नेशनल साइंस फाउंडेशन के नेशनल रेडियो एस्ट्रोनॉमी ऑब्जर्वेटरी (NRAO) द्वारा चलाई जा रही एक इंटरनेशनल ऑब्जर्वेटरी, Atacama Large Millimeter/submillimeter Array (ALMA) को इस्तेमाल करके वैज्ञानिक इस GRB को रिकॉर्ड कर पाए थे, जिसे GRB 211106A के रूप में मार्क किया गया था।.

चिली के हाइ एल्टीट्यूड अटकामा मरुस्थल में स्थित आल्मा एर्रे 66 रेडियो टेलीस्कोप के साथ है और यह दुनिया का सबसे बड़ा सेटअप है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि छोटे बर्स्ट से पैदा होने वाली रोशनी बहुत मुश्किल से मिलती है, इसलिए इसे देखना बहुत शानदार था। इसके बाद स्टडी के लिए एक नया क्षेत्र पैदा हो जाता है। 

मिलीमीटर वेवलेंथ को जब एक्स रे के साथ मिलाया जाता है तो यह विस्फोट में पैदा होने वाली असल ऊर्जा को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकता है। मिलीमीटर वेवलेंथ्स का एमिशन एक्स रे के मुकाबले लम्बे समय तक डिटेक्ट किया जा सकता है, इनके माध्यम से GRB जेट की चौड़ाई का भी पता लगाया जा सकता है। रिसर्च में जो चीजें सामने आई हैं उनके आधार पर अब शोधकर्ता जेट का ओपनिंग एंगल भी माप सकते हैं। 
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