Mark Zuckerberg की वेल्थ 71 अरब डॉलर घटी, भारी पड़ा मेटा पर फोकस

दो वर्ष पहले तक वह ग्लोबल बिलिनेयर्स में Jeff Bezos और Bill Gates के बाद Zuckerberg तीसरे स्थान पर थे

Mark Zuckerberg की वेल्थ 71 अरब डॉलर घटी, भारी पड़ा मेटा पर फोकस

मेटावर्स में कंपनी के भारी इनवेस्टमेंट से इसके शेयर में कमजोरी आ रही है

ख़ास बातें
  • इस वर्ष Zuckerberg की वेल्थ लगभग आधी कम हो गई है
  • उनकी नेटवर्थ ग्लोबल बिलिनेयर्स में 20वें स्थान पर है
  • रेगुलेटर्स की स्क्रूटनी और कुछ कानूनी मामलों से भी कंपनी जूझ रही है
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टॉप सोशल मीडिया साइट्स में शामिल फेसबुक (मेटा) के फाउंडर Mark Zuckerberg को कंपनी की रीब्रांडिंग और मेटावर्स पर फोकस बढ़ाने से भारी नुकसान हुआ है। इस वर्ष उनकी वेल्थ लगभग आधी कम हो गई है। उनकी नेटवर्थ ग्लोबल बिलिनेयर्स में 20वें स्थान पर है, जो पिछले आठ वर्षों में सबसे निचला रैंक है।

Bloomberg Billionaires Index के अनुसार, Zuckerberg की वेल्थ में लगभग 71 अरब डॉलर की कमी हुई है। उनकी कुल वेल्थ लगभग 56 अरब डॉलर की रह गई है। दो वर्ष पहले तक वह ग्लोबल बिलिनेयर्स में Jeff Bezos और Bill Gates के बाद तीसरे स्थान पर थे। पिछले वर्ष सितंबर में उनकी कंपनी के शेयर का प्राइस 382 डॉलर पर पहुंचने के साथ Zuckerberg की वेल्थ बढ़कर लगभग 142 अरब डॉलर हो गई थी। इसके बाद उन्होंने अपनी कंपनी का नाम Facebook Inc से बदलकर Meta कर दिया था। इसके साथ ही जकरबर्ग के लिए मुश्किलों की शुरुआत हो गई थी। कंपनी ने फरवरी में बताया था कि फेसबुक के यूजर्स में कोई बढ़ोतरी हुई है। इसके शेयर के प्राइस में भी भारी गिरावट आई थी। 

इकोनॉमिक स्लोडाउन से भी Meta के बिजनेस पर असर पड़ा है। मेटावर्स में कंपनी के भारी इनवेस्टमेंट से इसके शेयर में कमजोरी आ रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस प्रोजेक्ट पर अगले कुछ वर्षों में बड़ा खर्च होगा। इसके अलावा रेगुलेटर्स की स्क्रूटनी और कुछ कानूनी मामलों से भी कंपनी जूझ रही है। कंपनी की मेटावर्स डिविजन को इस वर्ष की दूसरी तिमाही में एक बार फिर भारी नुकसान हुआ है। Zuckerberg ने तिमाही नतीजों की घोषणा में बताया था कि फेसबुक रिएलिटी लैब्स (FRL) कही जाने वाली इस डिविजन का नुकसान लगभग 2.81 अरब डॉलर का रहा। इसने 45.2 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू हासिल किया, जो इससे पिछली तिमाही की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत कम है। इसके बावजूद Zuckerberg को विश्वास है कि आगामी वर्षों में मेटावर्स टेक्नोलॉजी से कंपनी को फायदा होगा। उनका कहना था, "अगले कई वर्षों तक इस पर काफी खर्च होगा। मुझे विश्वास है कि मेटावर्स का इस्तेमाल बढ़ने के साथ हम इसे बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।"

FRL को कंपनी की मेटावर्स में एक बड़ी ताकत बनने की योजना को पूरा करने के लिए हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और कंटेंट डिवेलप करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए यह डिविजन Apple और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों के टेक वर्कर्स को हायर कर रही है। इनमें विशेषतौर पर ऑग्मेंटेड रिएलिटी से जुड़े लोग शामिल हैं।   
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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