Aadhaar का डिजिटल वर्जन पेपरलेस आधार है, जिसे आधार पेपरलेस ऑफलाइन ई-केवाईसी भी कहा जाता है।
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Aadhaar का उपयोग पहचान प्रमाण के तौर पर करते हैं।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी Aadhaar का डिजिटल वर्जन पेपरलेस आधार है, जिसे आधार पेपरलेस ऑफलाइन ई-केवाईसी भी कहा जाता है। यह एक सुरक्षित और डिजिटली साइन डॉक्यूमेंट है। पेपरलेस आधार यूजर्स को अपना आधार नंबर या बायोमेट्रिक्स शेयर किए बिना अपनी पहचान वेरिफाई करने में मदद करता है। ऑफलाइन आधार यूजर्स और सर्विस प्रोवाइडर दोनों के लिए ही सुरक्षित रहता है। यहां हम आपको पेपरलेस Aadhaar और उसकी खूबियों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
यह एक सुरक्षित दस्तावेज है, जिसे शेयर किया जा सकता है। इसका उपयोग कोई भी आधार यूजर ऑफलाइन पहचान वेरिफिकेशन के लिए कर सकता है। इस फीचर का उपयोग करने के लिए आधार यूजर्स UIDAI वेबसाइट पर जाकर अपना डिजिटली साइन ऑफलाइन XML जेनरेट कर सकते हैं। ऑफलाइन XML में नाम, पता, फोटो, लिंग, जन्मतिथि, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का हैश, रजिस्टर्ड ईमेल का हैश और रेफ्रेंस आईडी शामिल होगी, जिसमें आधार नंबर के 4 डिजिटल और टाइम-स्टैंप शामिल होंगे। यह सर्विस प्रोवाइडर/ऑफलाइन वेरिफिकेशन वालों को आधार नंबर प्रदान किए बिना ही ऑफलाइन आधार वेरिफिकेशन की सुविधा प्रदान करेगा।
डाउनलोड की गई XML फाइल को सर्विस प्रोवाइडर के साथ शेयर किया जा सकता है। डाउनलोड के दौरान सेट किया गया शेयर कोड प्रदान करना होता है। सर्विस प्रोवाइडर आपके आधार नंबर या बायोमेट्रिक्स का उपयोग किए बिना ऑफलाइन आपकी पहचान वेरिफाई कर सकता है। यह बैंकिंग, सिम कार्ड जारी करने और अन्य सर्विस में केवाईसी प्रोसेस के लिए उपयोगी है।
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