सरकार ने दी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को रूल्स का पालन करने की नसीहत, जारी की एडवाइजरी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से जाली वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले हो रहे हैं। केंद्र सरकार ने इससे निपटने की तैयारी की है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 26 दिसंबर 2023 22:43 IST
ख़ास बातें
  • इन कंपनियों को IT नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है
  • पिछले महीने Facebook और YouTube को डीपफेक्स पर सरकार ने चेतावनी दी थी
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए रूल्स को सरकार कड़ा बना रही है

पिछले कुछ महीनों में AI के इस्तेमाल से जाली वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले बढ़े हैं

पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया के जरिए गलत जानकारी फैलाने के मामले बढ़े हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से जाली वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले भी हो रहे हैं। केंद्र सरकार ने इससे निपटने की तैयारी की है। इसी कड़ी में मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने सोशल मीडिया और अन्य इंटरमीडियरीज को एक एडवाइजरी जारी कर मौजूदा IT नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए कहा है। 

स्टेट मिनिस्टर फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी Rajeev Chandrasekhar ने बताया कि इसे लेकर एक औपचारिक एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें उन प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई है जो यह सुनिश्चित करती हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स रूल 3 (1) (b) के तहत प्रतिबंधित कंटेंट का उल्लंघन न करें। उन्होंने कहा, "अगर ऐसे उल्लंघनों की जानकारी या रिपोर्ट मिलती है तो कानून के तहत कार्यवाही की जाएगी।" उनका कहना था कि मिनिस्ट्री इन रूल्स के इंटरमीडियरीज की ओर से पालन की कड़ी निगरानी करेगी। 

इस एडवाइजरी में कहा गया है कि यूजर्स को उस कंटेंट की स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए जिसकी IT रूल्स के तहत अनुमति नहीं है। पिछले महीने Facebook और YouTube को डीपफेक्स को लेकर केंद्र सरकार ने चेतावनी दी थी। फेसबुक और यूट्यूब सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यह बताया गया था कि देश के कानून के तहत डीपफेक्स और ऐसे कंटेंट पोस्ट करने पर प्रतिबंध है जो अश्लीलता या गलत जानकारी फैलाता है। 

Reuters की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि एक मीटिंग में इन कंपनियों को यह चेतावनी दी गई है। इस बारे में चंद्रशेखर ने कहा था कि बहुत सी सोशल मीडिया कंपनियों ने पिछले वर्ष लागू किए गए रूल्स के बावजूद अपने यूजर्स के लिए नियमों और शर्तों को अपडेट नहीं किया है। इन रूल्स के तहत बच्चों के लिए हानिकारक, अश्लीलता या एक अन्य व्यक्ति की नकल करने वाले कंटेंट पर प्रतिबंध लगाया गया है। उनका कहना था कि इन कंपनियों को रूल्स को लेकर जागरूकता बढ़ानी चाहिए और यूजर्स को लॉग इन करने पर यह बताना चाहिए कि वे इस तरह का कंटेंट पोस्ट नहीं कर सकते। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से नेताओं और सेलेब्रिटीज के जाली वीडियो बनाने के मामले बढ़े हैं। इस तरह के वीडियो को डीपफेक कहा जाता है। सरकार इसके खिलाफ नए रेगुलेशंस बनाने की तैयारी कर रही है। 
 

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