भारत टैक्सी ऐसे मॉडल पर काम करती है जहां कंपनी की कमाई तो बढ़ेगी ही लेकिन साथ में ड्राइवर्स की कमाई भी बढ़े।
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Bharat Taxi को लेकर हाल ही में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी 'सारथियों' से मुलाकात की।
Bharat Taxi कैब सर्विस आने के बाद से Ola, Uber, Rapido जैसे प्राइवेट कैब एग्रीगेटर्स की मनमानी से ग्राहकों और ड्राइवरों को कितना फायदा हुआ है? यह एक बड़ा सवाल है जिसका जवाब हाल ही में सरकार की ओर से दिया गया है। भारत टैक्सी सिर्फ कमाई के मामले में ही नहीं, यह कई तरह से ड्राइवर्स को फायदा पहुंचा रही है। इसकी जानकारी हाल ही में सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दी है। भारत टैक्सी देश की पहली सहकारिता-आधारित कैब सर्विस है। ग्राहकों और ड्राइवर्स को निजी कंपनियों की मनमानी से निजात दिलाने के लिए इसे लॉन्च किया गया था। सरकार ने 5 फरवरी को इसे अधिकारिक रूप से लॉन्च किया था। आइए बताते हैं भारत टैक्सी किस तरह से ड्राइवर्स को एक खास लाभ देती है।
Bharat Taxi को लेकर हाल ही में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा कहा गया कि सरकार ने नई सहकारिता राइड सर्विस को खासतौर पर ड्राइवर्स को लाभ पहुंचाने के मकसद से लॉन्च किया था। जिसके मुताबिक, भारत टैक्सी उस बुनियादी विचार के आधार पर डिजाइन की गई है जिसमें, जब प्लेटफॉर्म पैसा कमाता है तो ड्राइवरों को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलना चाहिए। संस्था अपने मुनाफे का 80 प्रतिशत हिस्सा ड्राइवरों में उनके द्वारा तय की गई दूरी के आधार पर बांटेगी, जबकि 20 प्रतिशत हिस्सा संगठन के भीतर संचालन और भविष्य के विस्तार के लिए रखा जाएगा।
भारत टैक्सी ऐसे मॉडल पर काम करती है जहां कंपनी की कमाई तो बढ़ेगी ही लेकिन साथ में ड्राइवर्स की कमाई भी बढ़े। जबकि प्राइवेट कंपनियां जहां अपनी कमाई बढ़ाती हैं वहां ड्राइवरों की कमाई अनिश्चितता में उलझ कर रह जाती है। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने मौजूदा कैब सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के साथ एक गारंटीशुदा आय का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा, “मैंने मौजूदा कंपनियों से पूछा कि क्या उन्होंने ड्राइवरों के लिए न्यूनतम मूल वेतन तय किया है। उन्होंने कहा, नहीं।” उन्होंने आगे कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आपकी न्यूनतम आय सुरक्षित रहे। इसके अलावा जो भी कमाई होगी, उसका लाभ भी आपको ही मिलेगा।”
केंद्रीय मंत्री का यह आश्वासन ड्राइवर्स को उस चिंता से मुक्ति दिलाने का काम करता है जिसे उन्होंने बार बार मुद्दा बनाकर उठाया और कहा कि दिनभर लगातार काम करने के बाद भी रोज एक निश्चित कमाई नहीं हो पाती है। सरकार के अनुसार, मात्र 500 रुपये का शेयर खरीदकर ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म के सदस्य और मालिक बन सकते हैं। ओला और उबर जैसी निजी कंपनियों के विपरीत, यहाँ ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाता। पंजीकृत ड्राइवरों को 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा भी प्रदान किया जाता है।
500 रुपये के निवेश के साथ ड्राइवरों को सदस्यता बढ़ने के साथ-साथ सहकारी समिति के बोर्ड में भी प्रतिनिधित्व मिलेगा। इससे उन्हें संस्था द्वारा लिए गए निर्णय में सवाल उठाने की ताकत मिलती है। साथ ही संस्था के किसी फैसले में उनकी राय मायने रखेगी। संस्था का अगर कोई निर्णय ड्राइवरों के खिलाफ जाता है, तो ड्राइवरों का प्रतिनिधि उस पर सवाल उठाएगा और उनके हितों की रक्षा करेगा। भारत टैक्सी को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है। फिलहाल, यह सेवा दिल्ली-एनसीआर और राजकोट में उपलब्ध है।
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