Bank of Baroda ने कथित डेटा लीक मामले पर बयान जारी करते हुए कहा है कि एक कर्मचारी का ईमेल अकाउंट हैक होने से कुछ डेटा तक अनधिकृत पहुंच मिली थी।
Bank of Baroda ने डेटा लीक के दावों पर बयान जारी किया
Bank of Baroda ने हाल ही में सामने आए कथित डेटा लीक मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि यह घटना बैंक के एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट से जुड़ी है, जिसे अनधिकृत तरीके से एक्सेस किया गया था। बैंक ने स्पष्ट किया कि उसके कोर बैंकिंग सिस्टम पर इस घटना का कोई असर नहीं पड़ा और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। इससे पहले सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि बैंक का करीब 1TB डेटा, जिसमें ग्राहकों के आधार (Aadhaar) से जुड़ी जानकारी भी शामिल है, डार्क वेब पर लीक हो गया है।
ET के मुताबिक, Bank of Baroda ने कहा कि घटना का पता चलते ही तुरंत जरूरी कदम उठाए गए और संभावित खतरे को कंट्रोल कर लिया गया। बैंक के मुताबिक, उसके पास मजबूत सूचना सुरक्षा (Information Security) प्रोटोकॉल मौजूद हैं और ग्राहकों के हितों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है।
सरकारी बैंक ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, रेगुलेटरी आवश्यकताओं के तहत संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर जांच की जा रही है। बैंक का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
यह मामला तब चर्चा में आया जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि Bank of Baroda के सिस्टम से करीब 1TB डेटा लीक हुआ है। इन पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि ग्राहकों के आधार से जुड़ी जानकारी तक अनधिकृत पहुंच बनाई गई। इसके बाद कुछ साइबर सिक्योरिटी वेबसाइट्स ने भी रिपोर्ट किया कि कथित तौर पर इस घटना से जुड़ा एक डेटासेट ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है।
ET की एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि Bank of Baroda ने इस घटना के बाद अपनी साइबर इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत क्लेम भी दर्ज कराया है। बताया गया है कि बैंक ने अपने प्रमुख बीमाकर्ता National Insurance को इस संबंध में सूचना दी है। रिपोर्ट के अनुसार, बैंक के साइबर इंश्योरेंस प्रोग्राम के तहत करीब 750 करोड़ रुपये तक का कवरेज उपलब्ध है।
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