General Motors ने Detroit के Factory Zero प्लांट में 50 Cobots तैनात किए हैं, जबकि 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों को साइडलाइन किया गया है। इस कदम को लेकर कंपनी और लेबर यूनियन्स आमने-सामने आ गई हैं।
Photo Credit: General Motors
GM के Factory Zero प्लांट में कर्मचारियों के साथ काम करते हैं Cobots
जनरल मोटर्स (General Motors), जो GM के नाम से भी पॉपुलर है, ने हाल ही में अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) प्लान्स में बड़ी कटौती करते हुए अमेरिका के डेट्रॉयट स्थित अपने फैक्ट्री जीरो प्लांट में 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों को साइडलाइन किया। इसी दौरान कंपनी ने असेंबली लाइन पर 50 नए कोलैबोरेटिव रोबोट्स यानी "Cobots" भी तैनात किए। इस कदम के बाद लेबर यूनियन्स ने कंपनी की कड़ी आलोचना की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, GM के EV मॉडल्स की मांग उम्मीद से कम रहने के कारण कंपनी लागत घटाने और ऑपरेशन्स को ज्यादा इफेक्टिव बनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि कंपनी का कहना है कि ये रोबोट कर्मचारियों की जगह लेने के लिए नहीं बल्कि उनके साथ मिलकर काम करने के लिए लगाए गए हैं।
AutoBlog की रिपोर्ट के अनुसार, मिशिगन स्थित Factory Zero प्लांट में ये Cobots अब उन कर्मचारियों के साथ काम कर रहे हैं जो असेंबली लाइन पर वाहनों के बॉडी पैनल लगाने का काम करते हैं। GM का कहना है कि Detroit-Hamtramck इलेक्ट्रिक ट्रक प्लांट में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए इस तरह की टेक्नोलॉजी जरूरी है।
Crain's Detroit Business से GM के प्रवक्ता केविन कैली ने कहा (via NYPost), "फैक्ट्री जीरो में हम इन रोबोट्स को अपनी टीम के साथ लागू कर रहे हैं। इससे कर्मचारियों की सुरक्षा और काम करने की सुविधा बेहतर होगी, साथ ही हमारे ऑपरेशन्स फ्लैक्सिबल और प्रतिस्पर्धी बने रहेंगे।" कंपनी का यह भी कहना है कि जिन कर्मचारियों को हटाया गया है, उन्हें स्थायी रूप से नहीं बल्कि अस्थायी तौर पर लेऑफ किया गया है। हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया कि उन्हें वापस कब बुलाया जा सकता है।
दूसरी तरफ यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स (UAW) Local 22 के अध्यक्ष जेम्स कॉटन इस दावे से सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि Cobots का इस्तेमाल मुख्य रूप से लागत कम करने के लिए किया जा रहा है और इसकी वजह से यूनियन मेंबर्स की नौकरियां प्रभावित हो रही हैं। कॉटन ने Crain's से कहा, "हमारे हिस्से का मैनपावर हमसे छीना जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "ऊपर से नीचे तक हम इस बात से नाराज हैं कि हमारे प्लांट्स में Cobots लगाए जा रहे हैं।"
रिपोर्ट के अनुसार, 1980 के दशक के बाद से एक कार बनाने में लगने वाले लेबर ऑवर्स में 50 से 70 प्रतिशत तक की कमी आई है। इसके बावजूद UAW कर्मचारियों की सैलरी में लगातार बढ़ोतरी हुई है। यूनियन ने 2023 में ऐतिहासिक सैलेरी हाइक हासिल की थी और माना जा रहा है कि 2028 के अगले कॉन्ट्रैक्ट नेगोशिएशन के दौरान वह कर्मचारियों के लिए और मजबूत सेफ्टी प्रावधानों की मांग कर सकती है।
कॉटन ने यह भी कहा कि कंपनी भले ही रोबोट्स को सुरक्षा बढ़ाने वाला कदम बता रही हो, लेकिन उन्हें इंसानों और रोबोट्स के साथ-साथ काम करने को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं। इसी वजह से यूनियन ने GM के खिलाफ Cobots को लेकर औपचारिक शिकायतें भी दर्ज कराई हैं। ऐसे में Factory Zero में रोबोट्स की बढ़ती मौजूदगी अब सिर्फ ऑटोमेशन का मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह भविष्य में रोजगार और टेक्नोलॉजी के बीच बैलेंस को लेकर नई बहस का विषय बन गई है।
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