Chamran-1 सैटेलाइट क्‍या है? जिसे लॉन्‍च करके ईरान ने अमेरिका को टेंशन दे दी!

इस्राइल से जारी दुश्‍मनी के बीच ईरान ने चमरान-1 रिसर्च सैटेलाइट (Chamran-1) को स्‍पेस में पहुंचा दिया है।

Chamran-1 सैटेलाइट क्‍या है? जिसे लॉन्‍च करके ईरान ने अमेरिका को टेंशन दे दी!

Photo Credit: Iranian Space Agency/AP

अमेरिका को लगता है कि लॉन्‍च के बहाने ईरान अपनी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक क्षमताओं को बढ़ाना चाहता है।

ख़ास बातें
  • Chamran-1 सैटेलाइट को लॉन्‍च किया ईरान ने
  • अमेरिका और सहयोगी देशों की बढ़ी टेंशन
  • 550 किलोमीटर ऊपर स्‍पेस में तैनात किया गया स्‍पेसक्राफ्ट
विज्ञापन
What is Chamran-1 : इस्राइल से जारी दुश्‍मनी के बीच ईरान ने चमरान-1 रिसर्च सैटेलाइट (Chamran-1) को स्‍पेस में पहुंचा दिया है। इसे कैम-100 (Qaem-100) रॉकेट की मदद से लॉन्‍च किया गया। चमरान-1 सैटेलाइट को डेवलप किया है ईरान के रेवल्‍यूशनरी गार्ड ने। वहां की सरकारी मीडिया ने कहा है कि यह सैटेलाइट ईरान के एयरोस्‍पेस प्रोग्राम के लिए मील का पत्‍थर है। हालांकि पश्चिमी देश ईरान के इस प्रोग्राम से खुश नहीं हैं। क्‍या है चमरान-1 सैटेलाइट? आइए जानते हैं। 
 

What is Chamran 1 satellite

ईरान की मीडिया के अनुसार, Chamran 1 सैटेलाइट का वजन सिर्फ 60 किलो है। इसे पृथ्‍वी से 550 किलोमीटर ऊपर स्‍पेस में तैनात किया गया है, जो इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) की हाइट से भी ज्‍यादा है। कहा जाता है कि सैटेलाइट को ऑर्बिटल मैनुअर का परीक्षण करने के लिए डिजाइन किया गया है। अगर ईरान इसमें सफल हो जाता है तो उसे अंतरिक्ष में अपने स्‍पेसक्राफ्ट की कक्षा बदलने की काबिलियत मिल जाएगी।   
 

What is Qaem-100 Rocket

Qaem-100 रॉकेट ईरान का एक सॉलिड-फ्यूल, थ्री स्‍टेज वीकल है। इसकी मदद से ईरान ने जनवरी में भी एक सैटेलाइट लॉन्‍च किया था। ईरान के लिए यह लॉन्‍च खासा मायने रखता है कि क्‍योंकि नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के पद पर आने के बाद यह देश का पहला लॉन्‍च है। उनके सत्‍ता में रहने के दौरान ईरान का स्‍पेस प्रोग्राम किस दिशा में जाएगा, अभी स्‍पष्‍ट नहीं है। 
 

अमेरिका और उसके सहयोगी क्‍यों परेशान? 

इस लॉन्‍च ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की टेंशन बढ़ाई है। उन्‍हें लगता है लॉन्‍च के बहाने ईरान अपनी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक क्षमताओं को बढ़ाना चाहता है। अमेरिका ने कहा है कि ईरान जिस तरह के मिशन लॉन्‍च कर रहा है, उससे ईरान के मिसाइल सिस्‍टमों को डेवलप करने का रास्‍ता खुलेगा। 

हालांकि ईरान, अमेरिकी आरोपों से सहमत नहीं है। उसका मानना है कि जो स्‍पेस लॉन्‍च वह कर रहा है, पूरी तरह से लोगों की भलाई के लिए हैं। ईरान ने परमाणु हथियार डेवलप करने की बात से भी इनकार किया है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple ने भारत में लॉन्च किया नया MacBook Pro, 16 इंच तक का डिस्प्ले, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  2. Apple ने भारत में  M5 चिप के साथ लॉन्च किया नया MacBook Air, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Oppo Find X9 Ultra में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा, जल्द लॉन्च की तैयारी
  4. OnePlus 15T देगा धाकड़ परफॉर्मेंस, AnTuTu स्कोर में दिखा iQOO 15 Ultra जैसा दम!
  5. Tecno Camon 50 Ultra 5G में मिलेगी 6,500mAh की बैटरी, जल्द होगा लॉन्च
  6. WhatsApp के लिए चुकाने होंगे पैसे! कंपनी ला रही पेड वर्जन, मिलेंगे खास फीचर्स और कंट्रोल
  7. 17 साल तक चल सकता है Xiaomi का नया स्टडी लैम्प! 12700 ल्यूमेन की रोशनी, AI फीचर्स भी, जानें कीमत
  8. 10 करोड़ साल पहले का डायनासोर मिला! पानी में तैरता था खूंखार शिकारी
  9. POCO X8 Pro होगा 6500mAh बैटरी, 100W चार्जिंग, 2 कैमरा के साथ 26 मार्च को लॉन्च!
  10. Realme Narzo 90 5G vs Samsung Galaxy F36 5G vs Moto G96 5G: खरीदने से पहले जानें कौन सा है बैस्ट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »