अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने उत्तर कोरिया के हैकर्स पर कसा शिकंजा

जस्टिस डिपार्टमेंट ने बताया कि उत्तर कोरिया के हैकिंग ग्रुप ने पिछले वर्ष Kansas के एक हॉस्पिटल के सिस्टम को हैक कर फिरौती मांगी थी

अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने उत्तर कोरिया के हैकर्स पर कसा शिकंजा

उत्तर कोरिया के हैकिंग ग्रुप ने पिछले वर्ष एक हॉस्पिटल के सिस्टम को हैक कर फिरौती मांगी थी

ख़ास बातें
  • हैकर्स ने मांग पूरी नहीं होने पर सर्वर को ब्लॉक करने की धमकी दी थी
  • हॉस्पिटल ने FBI को इसकी जानकारी दी थी
  • इसके बाद जांच में मैलवेयर की पहचान की गई
विज्ञापन
पिछले कुछ महीनों में क्रिप्टो से जुड़ी कई फर्मों को हैकर्स ने निशाना बनाया है। अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने उत्तर कोरिया के हैकर्स पर लगाम लगाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। डिपार्टमेंट ने इन हैकर्स से लगभग पांच लाख डॉलर जब्त भी किए हैं। जस्टिस डिपार्टमेंट की सायबर खतरों से निपटने वाली यूनिट की प्रमुख Monaco ने बताया कि उत्तर कोरिया के हैकिंग ग्रुप ने पिछले वर्ष Kansas के एक हॉस्पिटल के सिस्टम को हैक कर फिरौती मांगी थी।

जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर से जारी स्टेटमेंट में Monaco ने बताया कि हैकर्स ने मांग पूरी नहीं होने पर सर्वर को ब्लॉक करने की धमकी दी थी। हॉस्पिटल के स्टाफ ने फिरौती का भुगतान कर दिया था। Monaco ने कहा, "इस मामले की जानकारी मिलने पर FBI ने डिपार्टमेंट के साथ मिलकर हैकर्स की गतिविधियों को रोक दिया।" हैकर्स ने इस हॉस्पिटल के सर्वर को एनक्रिप्ट करने के लिए Maui कहे जाने वाले एक मैलवेयर का इस्तेमाल किया था। इसके बाद सर्वर को अनब्लॉक करने के लिए फिरौती मांगी गई थी। हॉस्पिटल ने सर्वर का एक्सेस दोबारा हासिल करने की कोशिश नाकाम होने के बाद हैकर्स को बिटकॉइन में लगभग एक लाख डॉलर का भुगतान किया था। 

हालांकि, इसके साथ ही हॉस्पिटल ने FBI को भी इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद जांच में मैलवेयर की पहचान की गई और फिरौती की रकम को चीन के मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले अपराधियों के पास भेजने का पता चला था। इनसे उत्तर कोरिया के सायबर अपराधियों को क्रिप्टोकरेंसी को सामान्य करेंसी में कन्वर्ट करने में मदद मिलती है। Monaco ने बताया, "जस्टिस डिपार्टमेंट ने फिरौती की इस रकम के साथ ही ऐसे अटैक्स का शिकार बने कुछ और पीड़ितों की ओर से चुकाई गई रकम को भी रिकवर कर लिया।" हाल ही में ब्लॉकचेन Harmony प्रोटोकॉल के Horizon ब्रिज से लगभग 10 करोड़ डॉलर की चोरी के पीछे उत्तर कोरिया के हैकिंग ग्रुप Lazarus के होने का शक है। इस चोरी और चुराए गए फंड की लॉन्ड्रिंग के तरीके से Lazarus के शामिल होने का संकेत मिल रहा है। 

ब्लॉकचेन रिसर्च फर्म Elliptic की रिपोर्ट में कहा गया था कि हैकर ने जिस तरीके से हैक का षडयंत्र किया है वह Lazarus के पिछले हैक्स के जैसा है। अमेरिकी सरकार ने हाल ही में बताया था कि प्ले-टु-अर्न गेम Axie Infinity पर लगभग 62.5 करोड़ डॉलर के हैक में Lazarus शामिल था। ब्लॉकचेन सिक्योरिटी फर्म PeckShield ने खुलासा किया है कि Horizon ब्रिज से चोरी करने वाले हैकर्स ने चुराए गए फंड की लॉन्ड्रिंग शुरू कर दी है। इसके साथ ही Harmony ने चुराए गए फंड की रिकवरी के लिए 10 लाख डॉलर के रिवॉर्ड की पेशकश की थी। फर्म ने कहा था कि अगर हैकर चुराई गई क्रिप्टोकरेंसीज को वापस कर देता है तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Hackers, DoJ, China, Market, Server, America

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Maruti Suzuki ने e Vitara के लॉन्च के पहले महीने में बेची 2,200 यूनिट्स
  2. भारत से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट पर भारी पड़ सकता है ईरान का संकट
  3. Samsung Galaxy A27 5G में मिल सकता है Adreno 710 GPU, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  4. Ola Electric की जोरदार रिकवरी, मार्च में बिक्री 150 प्रतिशत बढ़ी
  5. मेघालय के पहाड़ों पर सैटेलाइट से मिलेगा इंटरनेट! Starlink और सरकार के बीच हुई डील
  6. AI सर्च में आगे रहना है तो ब्रांड्स को क्या करना होगा? ये प्लेटफॉर्म आएंगे काम
  7. 1 अप्रैल से बदले ट्रैवल रूल्स, बिना e-Arrival Card एंट्री हो सकती है स्लो, जानें पूरा प्रोसेस
  8. Apple ने इन डिवाइसेज का सपोर्ट बंद किया, क्या लिस्ट में आपका भी है?
  9. Redmi Note 15 SE 5G में मिलेगी 5,800mAh की बैटरी, भारत में 2 अप्रैल को होगा लॉन्च
  10. PAN कार्ड के लिए ऑनलाइन कैसे करें आवेदन, जानें स्टेप बाय स्टेप पूरी प्रक्रिया
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »