रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद चमका Terra, बनी दुनिया की 7वीं सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि रूस और यूक्रेन के युद्ध ने इस टोकन में यह बड़ा बदलाव किया है क्योंकि निवेशक अब स्टेबल कॉइन्स की तरफ भाग रहे हैं जिनमें (Terra) Luna भी शामिल है।  

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद चमका Terra, बनी दुनिया की 7वीं सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी
ख़ास बातें
  • 24 फरवरी को Terra की कीमत 50 डॉलर के आसपास थी।
  • वर्तमान में इसकी कीमत 90 डॉलर को पार कर चुकी है।
  • पिछले एक महीने में दोगुनी हो चुकी है इस टोकन की कीमत।
विज्ञापन
Terra (Luna) क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में बहुत ज्यादा पॉपुलर नहीं है लेकिन फिर भी पिछले कुछ दिनों में इसने बाकी क्रिप्टो टोकनों की तुलना में ज्यादा रिटर्न दिया है। पिछले महीने जहां क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में लगातार उतार-चढ़ाव और जोखिम बना हुआ था वहीं, Terra की परफॉर्मेंस उस समय टॉप पर चल रही थी और रिटर्न देने के मामले में यह अन्य पॉपुलर डिजिटल टोकनों से कहीं आगे रहा। 

यह हैरान कर देने वाला है कि पिछले एक महीने में इसकी कीमत 47 डॉलर से उठकर 91 डॉलर तक जा चुकी है। इसका अर्थ साफ है कि महीने भर के अंदर Terra की वैल्यू (Terra Value) में दोगुना इजाफा हो चुका है और टोकन की रिटर्न देने की क्षमता दोगुनी हो गई है। यहां पर यह जानना भी रोचक होगा कि रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) के शुरू होने के एक हफ्ते के अंदर इस टोकन की कीमत में जबरदस्त ग्रोथ हुई है। 

Terra की प्राइस हिस्ट्री (Terra price history) देखें तो 24 फरवरी को इसकी कीमत 50 डॉलर के आसपास थी। लेकिन उसके बाद से इसकी कीमत में बड़ा उछाल आ गया और इस क्रिप्टोकरेंसी की मार्केट कैपिटलाइजेशन डबल हो चुकी है। वर्तमान में Terra का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Terra Market Cap) 34 करोड़ डॉलर (लगभग 25.9 खरब रुपये) है। मार्केट रिसर्च एजेंसी CoinMarketCap के आंकड़ों के अनुसार, Terra दुनिया का 7वां सबसे बड़ा डिजिटल टोकन बन गया है। 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि रूस और यूक्रेन के युद्ध ने इस टोकन में यह बड़ा बदलाव किया है क्योंकि निवेशक अब स्टेबल कॉइन्स की तरफ भाग रहे हैं जिनमें (Terra) Luna भी शामिल है।  

Terra एक ब्लॉकचेन प्रोटोकॉल है। यह स्थिर कीमतों वाले ग्लोबल पेमेंट सिस्टम को चलाने के लिए लीगल करेंसी से बंधे स्टेबलकॉइन्स का इस्तेमाल करती है। इसे 2018 में डेनिअल शिन और डू वॉन ने बनाया था। इन्होंने प्राइस स्टेबिलिटी को ध्यान में रखते हुए रेपिड ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को अपनाने के मकसद से यह प्रोजेक्ट चलाया था।

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Oppo A6s 5G मिल रहा MRP से 9000 रुपये सस्ता! सबसे बड़ा डिस्काउंट ऑफर
  2. भारत में Model Y का नया वर्जन लॉन्च कर सकती है Tesla
  3. पाकिस्तान ने हटाया क्रिप्टोकरेंसीज से बैन, नए कानून से क्रिप्टो सेगमेंट को मिला कानूनी दर्जा
  4. भारत में स्मार्टफोन्स की शिपमेंट्स में बड़ी गिरावट, Vivo का मार्केट में पहला रैंक
  5. AI से काम आसान, लेकिन दिमाग को लग रही “शॉर्टकट” की आदत! स्टडी में बड़ा खुलासा
  6. Simple Ultra इलेक्ट्रिक स्कूटर हुआ लॉन्च, 400 किलोमीटर की रेंज का दावा 
  7. Android यूजर्स को बुरी लग सकती है ये रिपोर्ट, वफादारी में आगे निकले iPhone यूजर्स!
  8. boAt CineHead E1 लॉन्च: 150-इंच तक स्क्रीन साइज और Android सपोर्ट, कीमत Rs 8 हजार से कम
  9. Oppo Find X9s Pro में मिल सकता है MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट, जल्द होगा लॉन्च
  10. Sony लाएगा पावरफुल पोर्टेबल PS6? नए लीक में हुए बड़े खुलासे
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »