क्रिप्टो से RBI को फाइनेंशियल सिस्टम के कमजोर होने की आशंका

पूर्व वित्त मंत्री जयंत सिन्हा की अगुवाई वाली संसद की स्थायी समिति के साथ मीटिंग में RBI के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जानकारी दी है

विज्ञापन
Press Trust of India, अपडेटेड: 16 मई 2022 14:54 IST
ख़ास बातें
  • इसका बैंकिंग सिस्टम पर भी नकारात्मक असर होगा
  • इससे फाइनेंशियल सिस्टम की स्थिरता को बड़ा खतरा हो सकता है
  • इस वर्ष बजट में सरकार ने क्रिप्टो के लिए टैक्स की पॉलिसी घोषित की थी

क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल गैर कानूनी गतिविधियों में भी होने की आशंका है

क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक बार फिर आशंका जताई है। RBI का मानना है कि इससे मॉनेटरी पॉलिसी को तय करने और मॉनेटरी सिस्टम को रेगुलेट करने की उसकी क्षमता पर असर पड़ सकता है। पूर्व वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा की अगुवाई वाली संसद की स्थायी समिति के साथ मीटिंग में RBI के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। 

इस मीटिंग में RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास भी शामिल थे। RBI के अधिकारियों का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसीज एक्सचेंज का एक बड़ा माध्यम बन सकती हैं और ये देश और विदेश में होने वाली फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस में करेंसी की जगह ले सकती हैं। इससे सिस्टम में फंड के फ्लो को रेगुलेट करने के लिए RBI की क्षमता भी कमजोर हो सकती है। इसके अलावा क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए फाइनेंसिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और नशीले पदार्थों की तस्करी में भी होने की आशंका है। इससे देश के फाइनेंशियल सिस्टम की स्थिरता को बड़ा खतरा हो सकता है। 

समिति के सदस्यों को अधिकारियों ने बताया, "लगभग सभी क्रिप्टोकरेंसीज का डिनॉमिनेशन डॉलर में होता है और इन्हें विदेशी प्राइवेट एंटिटीज जारी करती है। इससे देश की इकोनॉमी के एक हिस्से पर डॉलर का दबदबा हो सकता है जो देश के हित के खिलाफ होगा।" अधिकारियों ने कहा कि इसका बैंकिंग सिस्टम पर भी नकारात्मक असर होगा क्योंकि ये आकर्षक एसेट्स हैं और लोग अपनी बचत का क्रिप्टोकरेंसीज में निवेश कर सकते हैं जिसके परिणाम में बैंकों के पास कर्ज देने के लिए रिसोर्सेज कम हो सकते हैं। 

इस वर्ष के बजट में सरकार ने क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए टैक्स से जुड़ी पॉलिसी की घोषणा की थी। इसके तहत डिजिटल एसेट्स पर 30 प्रतिशत कैपिटल गेन्स टैक्स और इनके ट्रांसफर पर 1 प्रतिशत TDS लगाया गया है। इससे क्रिप्टो एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग वॉल्यूम बहुत कम हो गई है। क्रिप्टो इनवेस्टर्स को प्रॉफिट पर 30 प्रतिशत टैक्स, 1 प्रतिशत TDS और 28 प्रतिशत के संभावित GST के अलावा एक्सचेंज की फीस और अतिरिक्त सेस और सरचार्ज को भी जोड़ना होगा। इससे क्रिप्टो में इनवेस्टमेंट करना बहुत महंगा हो जाएगा। इसका असर क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस पर भी पड़ेगा। टैक्स अथॉरिटीज क्रिप्टो एक्टिविटीज को उन सर्विसेज की कैटेगरी में रखने की योजना बना रही हैं जिन पर सबसे अधिक 28 प्रतिशत का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लगता है। 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Parliament, Regulate, RBI, Transactions, System
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus N6x vs iQOO Z11 Lite vs Realme Narzo 100x 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
#ताज़ा ख़बरें
  1. रात में चमकेंगे Galaxy SmartTag 3, नया डिजाइन, 500 दिन की हो सकती है बैटरी!
  2. Apple को मिला 109 अरब डॉलर से ज्यादा का रेवेन्यू, iPhone की जोरदार बिक्री 
  3. Samsung Galaxy F70 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  4. माता-पिता तय करेंगे कौन से ऐप देखें बच्चे, Google प्ले स्टोर में आ रहा एज वैरिफिकेशन सिस्टम
  5. ITR Last Date 2026: आज नहीं भरा ITR तो हो सकती है परेशानी! 5 मिनट में ऐसे फाइल करें ऑनलाइन
  6. Vivo X500 Pro में मिल सकता है MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट
  7. PF पर ब्याज का पैसा अकाउंट में आया या नहीं, इन तरीकों से खुद करें चेक
  8. OnePlus N6x vs iQOO Z11 Lite vs Realme Narzo 100x 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
  9. Sony ने भारत में लॉन्च किए WH-1000XX हेडफोन्स और WF-1000XM6 ईयरबड्स, जानें कीमत
  10. OnePlus 16 का लॉन्च हुआ कंफर्म! मिल सकता है 165Hz+ रिफ्रेश रेट, 9000mAh बैटरी!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.