Cryptocurrency माइनिंग पर इस देश ने भी लगाया बैन, यह है वजह

बिजली उत्पादन में कमी के कारण कोसोवो बीते एक दशक में सबसे बुरे ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है।

Cryptocurrency माइनिंग पर इस देश ने भी लगाया बैन, यह है वजह

बिजली की कमी के चलते कोसोवो ने दिसंबर में देश में 60 दिनों के लिए इमरजेंसी की स्थिति घोषित की थी।

ख़ास बातें
  • क्रिप्‍टोकरेंसी की माइनिंग में बेतहाशा बिजली खर्च होती है
  • कोसोवो में बिजली की कीमतों कम होने से खूब माइनिंग हो रही है
  • सर्दियों में भी बिजली की मांग बढ़ी है, इसीलिए यह फैसला हुआ है
विज्ञापन
साउथ-ईस्‍ट यूरोप में बसे कोसोवो (Kosovo) की सरकार ने देश में क्रिप्‍टोकरेंसी (cryptocurrency) माइनिंग पर बैन लगा दिया है। रॉयटर्स के मुताबिक, यह फैसला बिजली की खपत को रोकने के लिए लिया गया है। बिजली उत्पादन में कमी के कारण कोसोवो बीते एक दशक में सबसे बुरे ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। गौरतलब है कि क्रिप्‍टोकरेंसी की माइनिंग यानी उसके निर्माण में बेतहाशा बिजली खर्च होती है। कोसोवो के इकॉनमी एंड एनर्जी मिनिस्‍टर आर्टाने रिजवानोली ने एक बयान में कहा कि सभी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों और बाकी इंस्टिट्यूशंस की मदद से क्रिप्‍टोकरेंसी माइनिंग को रोका जाएगा। साथ ही उन जगहों की पहचान की जाएगी, जहां क्रिप्टोकरेंसी बनाई जाती हैं। कोसोवो में बिजली की कीमतों कम होने की वजह से कई युवा क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग में शामिल हो गए हैं। 

कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों के बंद होने और हाई इम्‍पोर्ट प्राइसेज का सामना कर रहे इस देश को पिछले महीने बिजली कटौती शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सर्दी के मौसम में बिजली की कमी पर रूस द्वारा चिंता व्यक्त करने और सप्‍लाई कम कर देने से मंगलवार को यूरोप में गैस की कीमतें 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ गईं। कोसोवो ने दिसंबर में देश में 60 दिनों के लिए इमरजेंसी की स्थिति घोषित की थी। इससे सरकार एनर्जी इम्‍पोर्ट करने के लिए ज्‍यादा पैसे आवंटित कर सकेगी। साथ ही ज्‍यादा बिजली कटौती और अन्‍य सख्‍त नियम लागू कर सकेगी।

एक क्रिप्‍टोकरेंसी माइनर जिसके पास 40 GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) हैं, उसने नाम न छापने की शर्त पर रॉयटर्स को बताया कि वह बिजली के लिए हर महीने लगभग 170 यूरो (14,300 रुपये) का भुगतान कर रहा था। बदले में उसे माइनिंग में होने वाले प्रॉफ‍िट से हर महीने लगभग 2,400 यूरो (2 लाख रुपये) मिल रहे थे। उत्तरी कोसोवो में कॉइन माइनिंग बढ़ी रहा है। यहां ज्यादातर सर्ब लोग रहते हैं, जो कोसोवो को एक देश के रूप में नहीं मानते और बिजली का भुगतान करने से भी इनकार करते हैं।

18 लाख की आबादी वाला यह देश अपनी ऊर्जा खपत का 40 प्रतिशत से अधिक आयात कर रहा है। सर्दियों में यहां बिजली की मांग बढ़ जाती है, क्‍योंकि लोग हीटिंग के लिए बहुत ज्‍यादा बिजली इस्‍तेमाल करते हैं। कोसोवो में लगभग 90 प्रतिशत बिजली का उत्पादन लिग्नाइट (lignite) से होता है। यह एक नरम कोयला है, जो जलने पर जहरीला प्रदूषण पैदा करता है। आंकड़ों के मुताबिक, कोसोवो में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा लिग्नाइट का भंडार है। यह 12 से 14 अरब टन होने का अनुमान है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की सेल्स ने बनाया रिकॉर्ड, TVS Motor का पहला रैंक बरकरार
  2. भारत में लॉन्च हुआ Dell 14S, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Redmi Turbo 6 Max में मिल सकता है 7 इंच डिस्प्ले, 10,000mAh बैटरी
  4. Huawei Pura X View को मिला जोरदार रिस्पॉन्स, 2 महीने से कम में बिकी 7 लाख से ज्यादा यूनिट्स
  5. OnePlus 16T में मिल सकते हैं डुअल 200 मेगापिक्सल कैमरा
  6. 40W पावर, 4000mAh बैटरी वाला स्पीकर UBON SP-21 Aura भारत में लॉन्च, जानें कीमत
  7. Samsung Galaxy A58 के जल्द लॉन्च की तैयारी, 5,000mAh हो सकती है बैटरी
  8. Asus ने क्रिएटर्स ओर AI डेवलपर्स के लिए ProArt P16 और ProArt P14 लैपटॉप किए लॉन्च, कीमत ₹6.5 लाख तक
  9. Vivo V80 FE आ रहा 50MP के तीन कैमरा, 7000mAh बैटरी के साथ!
  10. एयरपोर्ट पर लंबी लाइन का झंझट खत्म, Digi Yatra से विदेश जाने वालों की भी होगी एंट्री, 7 एयरपोर्ट पर शुरू
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »