भारत में क्रिप्टोकरेंसीज को रेगुलेट करने का कोई प्रपोजल नहीं, सरकार ने दी जानकारी

केंद्र सरकार की इस सेगमेंट को रेगुलेट करने की कोई योजना नहीं है। यूरोपियन यूनियन ( EU) और UAE ने क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रूल्स बनाए हैं

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Written by राधिका पाराशर, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 6 अगस्त 2024 17:37 IST
ख़ास बातें
  • EU और UAE ने क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रूल्स बनाए हैं
  • बजट में क्रिप्टो सेगमेंट को टैक्स में राहत नहीं मिली थी
  • कुछ देशों में इस सेगमेंट के लिए रूल्स बनाए जा रहे हैं

EU और UAE ने क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रूल्स बनाए हैं

देश में क्रिप्टो से जुड़ी फर्मों को अपने बिजनेस को सुरक्षित और कानूनी तरीके से बढ़ाने के लिए एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क का इंतजार है। हालांकि, केंद्र सरकार की इस सेगमेंट को रेगुलेट करने की कोई योजना नहीं है। यूरोपियन यूनियन ( EU) और UAE ने क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रूल्स बनाए हैं। 

लोकसभा में एक लिखित उत्तर में वित्त राज्यमंत्री Pankaj Chaudhary ने बताया कि निकट भविष्य में वर्चुअल एसेट्स की खरीद और बिक्री को रेगुलेट करने के लिए कानून बनाने का कोई प्रपोजल नहीं है। सांसद G M Harish Balayogi ने इस सेगमेंट को लेकर सरकार के रुख पर प्रशन किए थे। उन्होंने पूछा था कि क्या सरकार के पास क्रिप्टो सेगमेंट को रेगुलेट करने के लिए रूल्स लाने का कोई प्रपोजल है। 
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इसके उत्तर में चौधरी ने कहा, "वर्चुअल डिजिटल एसेट्स की खरीद और बिक्री को रेगुलेट करने के लिए कानून लाने का कोई प्रपोजल नहीं है। हालांकि, एंटी मनी लॉन्ड्रिंग जैसे निगरानी के विशेष उद्देश्यों के लिए फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) को अधिकृत किया गया है।" पिछले वर्ष G20 की अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत ने G20 ग्रुप के सभी सदस्यों के लिए क्रिप्टो से जुड़े कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के उद्देश्य से इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी बोर्ड (FSB) के साथ कोलेब्रेट किया था। चौथरी ने बताया कि G20 के सभी देश अपने संदर्भ में क्रिप्टो के फायदे और नुकसान का विश्लेषण कर रहे हैं। 

क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर सरकार का सख्त रवैया बरकरार है। इस वर्ष के बजट में टैक्स में कोई राहत नहीं मिलने से क्रिप्टो से जुड़ी फर्मों को झटका लगा था। पिछले महीने पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने कुछ सेक्टर्स के लिए रिफॉर्म्स की घोषणा की थी। हालांकि, इसमें क्रिप्टो सेगमेंट या ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का कोई जिक्र नहीं था। क्रिप्टो से जुड़ी फर्मों ने केंद्र सरकार से क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस पर एक प्रतिशत के टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स (TDS) को घटाने का निवेदन किया था। Bharat Web3 Association ने Gadgets360 को बताया था, "हमने यूजर्स की ट्रेडिंग और ट्रांजैक्शंस में कमी को लेकर एनालिसिस दिया था। यह भी बताया था कि टैक्सेशन के स्ट्रक्चर में बदलाव से सरकार का रेवेन्यू किस तरह बढ़ सकता है। हम टैक्सेशन को संतुलित बनाने के लिए दबाव डालना जारी रखेंगे।" 
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