इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए इस इस्लामिक देश ने दी क्रिप्टो माइनिंग को मंजूरी....

पूर्व सोवियता देशों में शामिल तुर्कमेनिस्तान ने अपनी इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए क्रिप्टो माइनिंग और एक्सचेंजों को कानूनी दर्जा दिया है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 8 जनवरी 2026 20:30 IST
ख़ास बातें
  • बहुत से देशों में क्रिप्टो माइनिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है
  • इन देशों की लिस्ट में Turkmenistan भी शामिल हो गया है
  • तुर्कमेनिस्तान की इकोनॉमी नेचुरल गैस के एक्सपोर्ट पर निर्भर है

पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो माइनिंग की इंडस्ट्री तेजी से बढ़ी है

पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो का सेगमेंट तेजी से बढ़ा है। बहुत से देशों में क्रिप्टो माइनिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इन देशों की लिस्ट में Turkmenistan भी शामिल हो गया है। तुर्कमेनिस्तान ने अपनी इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए क्रिप्टो माइनिंग और एक्सचेंजों को कानूनी दर्जा दिया है। 

ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) के सदस्यों में शामिल तुर्कमेनिस्तान ने प्रेसिडेंट, Serdar Berdimuhamedov ने वर्चुअल एसेट्स को रेगुलेट करने और क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए लाइसेंस से जुड़े कानून पर साइन किए हैं। हालांकि, इस कानून में क्रिप्टोकरेंसीज को पेमेंट के जरिए या सिक्योरिटी के तौर पर मान्यता नहीं दी गई है। पूर्व सोवियत देशों में शामिल तुर्कमेनिस्तान की इकोनॉमी नेचुरल गैस के एक्सपोर्ट पर निर्भर है। इस नेचुरल गैस का चीन सबसे बड़ा इम्पोर्टर है। 

तुर्कमेनिस्तान की योजना भारत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान तक नेचुरल गैस की सप्लाई के लिए एक पाइपलाइन बनाने की भी है। दुनिया में नेचुरल गैस का चौथा सबसे बड़ा रिजर्व रखने वाले तुर्कमेनिस्तान का बड़ा हिस्सा रेगिस्तान है। सोवियत संघ से अलग होने के बाद इसने विदेशी विजिटर्स के लिए एंट्री की कड़ी शर्तें लागू की थी। हालांकि, पिछले वर्ष इसने विदेशियों के लिए वीजा की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वीजा से जुड़ा कानून बनाया था। हाल ही में रूस ने बताया था कि उसकी करेंसी Ruble में आ रही मजबूती के पीछे क्रिप्टो माइनिंग एक प्रमुख कारण है। सेंट्रल बैंक ऑफ रशिया (CBR) ने माना है कि रूबल में आ रही तेजी के पीछे बिटकॉइन माइनिंग का भी असर है। 

CBR की चीफ, Elvira Nabiullina ने बताया था कि रूबल में तेजी के पीछे क्रिप्टो माइनिंग की ताकत भी शामिल है। हालांकि, इसके साथ ही उनका कहना था कि इसके असर का अनुमान लगाना मुश्किल है क्योंकि क्रिप्टो माइनिंग का एक बड़ा हिस्सा रेगुलेटेड नहीं है क्योंकि इसमें अवैध तौर पर माइनिंग करने वालों की बड़ी हिस्सेदारी है। हालांकि, रूस के प्रेसिडेंट Vladimir Putin के प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि क्रिप्टो माइनिंग से जुड़े फंड का अनुमान लगाना मुश्किल है। इस वजह से रूबल के लिए सही पूर्वानुमान नहीं दिया जा सकता है। रूस में क्रिप्टो माइनिंग को रेगुलेट किया गया था। एक अमेरिकी डॉलर की वैल्यू 80 रूबल से कुछ अधिक की है।  
 

 

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