Bitcoin माइनिंग फर्म Rhodium की क्रिप्टो सेक्टर का पहला IPO लाने की तैयारी

इस IPO में 76.9 लाख शेयर्स 12-14 डॉलर के प्राइस पर जारी किए जाएंगे। इससे Rhodium Enterprises लगभग 10 करोड़ डॉलर जुटाना चाहती है

Bitcoin माइनिंग फर्म Rhodium की क्रिप्टो सेक्टर का पहला IPO लाने की तैयारी

यह बिटकॉइन की माइनिंग के लिए प्रॉपराइटरी टेक और लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है

ख़ास बातें
  • IPO में 76.9 लाख शेयर्स 12-14 डॉलर के प्राइस पर जारी किए जाएंगे
  • यह फर्म के पास अमेरिका के टेक्सस में माइनिंग सेंटर है
  • पिछले कुछ वर्षों में टेक्सस में बिटकॉइन माइनिंग तेजी से बढ़ी है
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अमेरिकी बिटकॉइन माइनिंग फर्म Rhodium Enterprises ने क्रिप्टो सेक्टर का पहला इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की योजना बनाई है। इस IPO में 76.9 लाख शेयर्स 12-14 डॉलर के प्राइस पर जारी किए जाएंगे। इससे Rhodium Enterprises लगभग 10 करोड़ डॉलर जुटाना चाहती है। यह बिटकॉइन की माइनिंग के लिए प्रॉपराइटरी टेक और लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है। इसका लक्ष्य इस प्रोसेस की कॉस्ट को कम करना है।

Rhodium Enterprises ने अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को दी गई फाइलिंग में बताया है कि वह टेक्सस में अपनी माइनिंग साइट में 125 MW की माइनिंग पावर कैपेसिटी का इस्तेमाल करती है। CoinTelegraph की रिपोर्ट के अनुसार, IPO के बाद यह टेक्सस में दूसरी माइनिंग साइट शुरू करेगी। इससे फर्म की बिटकॉइन माइनिंग कैपेसिटी 225 MW बढ़ जाएगी। अमेरिका में टेक्सस पिछले कुछ वर्षों में बिटकॉइन माइनिंग के हब के तौर पर उभरा है। हालांकि, इससे टेक्सस में इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई पर प्रेशर भी बढ़ा है। इस वजह से इस राज्य के लोग बिटकॉइन माइनिंग का विरोध कर रहे हैं। 

Data Center Dynamics की रिपोर्ट में बताया गया है कि टेक्सस में 10 वर्ष की टैक्स में छूट, सेल्स टैक्स क्रेडिट और क्रिप्टो माइनर्स को राज्य की ओर से ट्रेनिंग जैसे इंसेंटिव दिए जा रहे हैं। इससे टेक्सस में बिटकॉइन माइनिंग में तेजी आ रही है। इससे टेक्सस के ग्रिड ऑपरेटर इलेक्ट्रिसिटी रिलायबिलिटी काउंसिल ऑफ टेक्सस (ERCOT) को इलेक्ट्रिसिटी का लोड लगभग पांच गुना बढ़ने का अनुमान है। ERCOT ने कहा है कि उसे क्रिप्टो माइनिंग और डेटा सेंटर्स के लिए लगभग 5,000 MW अधिक इलेक्ट्रिसिटी जेनरेशन करना होगा।

बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरंसीज की माइनिंग के लिए एडवांस्ड कंप्यूटर्स पर जटिल एल्गोरिद्म को सॉल्व करना होता है। इन कंप्यूटर्स को लगातार प्लग इन रखने की जरूरत होती है और इससे इलेक्ट्रिसिटी की खपत बढ़ जाती है। बिटकॉइन माइनिंग से इलेक्ट्रिसिटी की कमी के कारण कुछ देशों में विरोध हो रहा है और इस पर बंदिशें लगाई जा रही हैं। चीन ने इस वजह से पिछले वर्ष बिटकॉइन माइनिंग पर रोक लगा दी थी। यूरोप के देश कोसोवो ने भी हाल ही में बिटकॉइन माइनिंग पर प्रतिबंध लगाया है। ईरान में भी इलेक्ट्रिसिटी की कमी होने के कारण इस पर तीन महीने की रोक लगाई गई है। ईरान ने पिछले वर्ष भी बिटकॉइन माइनिंग पर अस्थायी रोक लगाई थी।

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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