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Chandrayaan-3 Successful : कदमों में चांद! विक्रम लैंडर की चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग, साउथ पोल पर उतरने वाला दुनिया का पहला देश बना भारत

Chandrayaan-3 Successful : भारत दुनिया का पहला देश बन गया है, जिसके लैंडर और रोवर ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की है।

Chandrayaan-3 Successful : कदमों में चांद! विक्रम लैंडर की चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग, साउथ पोल पर उतरने वाला दुनिया का पहला देश बना भारत

Photo Credit: Screen Grab

Chandrayaan-3 Successful : विक्रम लैंडर ने अपनी जिम्‍मेदारी को बखूबी निभाया। हर उस बाधा को पार किया, जो आड़े आ रही थी।

ख़ास बातें
  • चंद्रयान-3 मिशन चांद पर सफलता के साथ उतरा
  • विक्रम लैंडर ने प्रज्ञान रोवर के साथ की लैंडिंग
  • चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला दुनिया का पहला देश बना भारत
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Chandrayaan 3 landed on the moon : ISRO के चंद्रयान-3 मिशन ने इतिहास रच दिया है। चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल (LM) ‘विक्रम' (Vikram) ने प्रज्ञान रोवर (Pragyaan Rover) के साथ चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफलता पाई है। भारत दुनिया का पहला देश बन गया है, जिसके लैंडर और रोवर ने चांद के दक्षिणी ध्रुव (Moon South Pole) पर सफल लैंडिंग की है। बुधवार को सबकुछ योजना के मुताबिक हुआ। सुबह से ही करोड़ों भारतीय इस मिशन की कामयाबी के लिए दुआएं कर रहे थे। दुनियाभर के देशों और उनकी स्‍पेस एजेंसियों की नजर इसरो के मून मिशन पर टिकी हुई थी। 

शाम 5:44 बजे जैसे ही विक्रम लैंडर ने सही पोजिशन ली, इसरो के कमांड सेंटर से ऑटोमैटिक लैंडिंग सीक्वेंस (ALS) को लॉन्‍च कर दिया गया। आखिर के 15 से 17 मिनट सबसे ज्‍यादा मुश्किल भरे थे। इसरो के कमांड सेंटर से लेकर देशभर में हर कोई उस क्षण की प्रतीक्षा कर रहा था, जब विक्रम लैंडर चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करता। 

यही वो पल थे, जब कुछ भी हो सकता था। विक्रम लैंडर को अपना सफर खुद तय करना था। इसरो के कमांड सेंटर से उसे कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता था। लेकिन विक्रम लैंडर ने अपनी जिम्‍मेदारी को बखूबी निभाया। हर उस बाधा को पार किया, जो आड़े आ रही थी। विक्रम लैंडर पर लगाए गए सेंसर्स, कैमरों और इंजनों ने उसका पूरा साथ दिया। 

जैस ही लैंडर चंद्रमा से 6.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचा, उसके 2 इंजन बंद हो गए। लैंडर जब 150 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचा, उसके सेंसर और कैमरे एक्टिवेट हो गए। विक्रम लैंडर ने उस जगह को देखा जहां उसे उतरना था। लैंडिंग को पूरी तरह से सेफ मान लेने के बाद विक्रम लैंडर ने अपनी राह तय कर ली। आखिरकार उसने पहले से तय समय 6 बजकर 4 मिनट पर सॉफ्ट लैंडिंग को पूरा कर लिया। 

यह खबर अपडेट होगी। जुड़े रहिए गैजेट्स 360 हिंदी के साथ। 
 
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