• होम
  • चंद्रयान
  • ख़बरें
  • Chandrayaan 3 Landing: शाम 5:44 बजे से शुरू होगा सबसे मुश्किल सफर! ISRO ने क्‍यों चुना यह वक्‍त? जानें

Chandrayaan 3 Landing: शाम 5:44 बजे से शुरू होगा सबसे मुश्किल सफर! ISRO ने क्‍यों चुना यह वक्‍त? जानें

Chandrayaan 3 Landing Time : विक्रम लैं‍डर की लैंडिंग के लिए जो जगह फाइनल होगी, वहां पर सूर्योदय होने तक इंतजार करना होगा।

Chandrayaan 3 Landing: शाम 5:44 बजे से शुरू होगा सबसे मुश्किल सफर! ISRO ने क्‍यों चुना यह वक्‍त? जानें

Photo Credit: ISRO

इसरो के कमांंड सेंटर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

ख़ास बातें
  • चंद्रयान 3 मिशन आज चांद पर लैंड करने की कोशिश करेगा
  • शाम 5 बजकर 44 मिनट से यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी
  • इसरो के कमांड सेंटर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं
विज्ञापन
Chandrayaan 3 मिशन की लैंडिंग का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, देश की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) के अनुसार आज शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश (Chandrayaan 3 Landing Time) करेगा। उससे पहले शाम 5:44 बजे से सॉफ्ट लैंडिंग की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। आखिर इसरो ने इसी वक्‍त को क्‍यों चुना है? आइए जानते हैं। 

भारतीय स्‍पेस एजेंसी के अनुसार, विक्रम लैं‍डर की लैंडिंग के लिए जो जगह फाइनल होगी, वहां पर सूर्योदय होने तक इंतजार करना होगा। यही वजह है कि चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट-लैंडिंग करने के लिए प्रक्रिया बुधवार शाम लगभग 5:44 बजे शुरू होने की उम्मीद है।

इससे पहले इसरो ने मंगलवार को कहा था कि मिशन तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रहा है। सभी सिस्‍टमों की रेगुलर जांच की जा रही है। मिशन सही दिशा में काम कर रहा है। इसरो ने यह भी बताया था कि उसके टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) स्थित मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (एमओएक्स) में उत्साह का माहौल है।
 

…तो 27 अगस्‍त तक टल सकती है लैंडिंग 

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इसरो के स्‍पेस ऐप्‍ल‍िकेशन सेंटर के डायरेक्‍टर नीलेश देसाई बता चुके हैं कि 23 अगस्त को लैंडर मॉड्यूल के टेक्‍निकल स्‍टैंडर्ड ‘‘असामान्य'' पाए गए, तो लैंडिंग को 27 अगस्‍त का टाला जा सकता है। 
 

15 Minutes of terror क्‍या है? जानें 

Chandrayaan-3 मिशन की सबसे बड़ी चुनौती आखिरी के 15 से 17 मिनट हैं। इसे 15 Minutes of terror कहा जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, इस समय पर विक्रम लैंडर खुद ही अपने सफर को पूरा करता है। उसे ISRO से कोई कमांड नहीं मिलती। यानी विक्रम लैंडर को खुद सही वक्‍त, दूरी और फ्यूल के सही इस्‍तेमाल का आकलन करना होगा। 
 

लैंडिंग से 150 मीटर पहले खुल जाएंगे कैमरे 

इसरो के मुताबिक, विक्रम लैंडर को लैंडिंग की कमांड मिलते ही वह नीचे उतरना शुरू कर देगा। जब लैंडर 6.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर होगा, तब सिर्फ 2 इंजनों का इस्‍तेमाल किया जाएगा। बाकी 2 को बंद कर दिया जाएगा। लैंडर जब 150 से 100 मीटर की ऊंचाई पर होगा, तब उसके सेंसर और कैमरे काम करने लगेंगे। वह देखेंगे कि साइट पर कोई परेशानी तो नहीं है। उसके बाद लैंडिंग पूरी की जाएगी। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi को लगा बड़ा झटका, स्मार्टफोन की सेल्स में 26 प्रतिशत की गिरावट
  2. Poco M8x 5G में होंगे 3 कलर्स के ऑप्शन, भारत में इस सप्ताह लॉन्च
  3. Realme 17 Pro+ में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  4. OnePlus 16 में मिल सकता है BOE का नया डिस्प्ले, 200 मेगापिक्सल टेलीफोटो कैमरा
  5. गुजरात में Micron के सेमीकंडक्टर प्लांट में होगी 12 घंटे की शिफ्ट, राज्य सरकार ने दी हरी झंडी
  6. बैटरी सेल बनाने वाली Nippo ने लॉन्च किए एयर प्यूरीफायर, स्मार्ट फीचर्स और 4-स्टेज फिल्ट्रेशन जैसी खूबियां
  7. Realme P4s 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 8,000mAh बैटरी
  8. Usain Bolt से भी तेज? 45kmph की स्पीड से दौड़ने वाले चीन के इस रोबोट ने मचाया तहलका!
  9. AirPods 5 के लॉन्च की आहट! मिल सकती है नई H3 चिप, ANC सपोर्ट
  10. रिश्वतखोरों की पोल खोलने वाली वेबसाइट अचानक हुई बंद, 48 घंटे में आए 50 लाख से ज्यादा रिक्वेस्ट!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »