Yes Bank पर गिरी गाज़ तो मुश्किल में फंसे Flipkart, PhonePe और Swiggy

Yes Bank की खबर आते ही सोशल मीडिया पर कई PhonePe यूज़र्स ने लेन-देन ना कर पाने की समस्या की शिकायत की है। गुरुवार देर रात पोस्ट किए गए एक ट्वीट के जरिए फोनपे ने आउटेज की बात की पुष्टी की इसे "अनिर्धारित मेंटेनेंस गतिविधि" बताया।

Yes Bank पर गिरी गाज़ तो मुश्किल में फंसे Flipkart, PhonePe और Swiggy

Yes Bank की खबर के बाद से स्विगी ने यूपीआई विकल्प बंद कर दिया है

ख़ास बातें
  • Yes Bank की खबर सामने आने के बाद PhonePe में लेन-देन प्रभावित हुआ है
  • फ्लिपकार्ट ने फोनपे के जरिए लेन-देन का विकल्प हटा दिया है
  • स्विगी से खाना ऑर्डर करने में फिलहाल यूपीआई का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को Yes Bank पर स्थगन प्रस्ताव रखा है, जिसके बाद अब यस बैंक ग्राहक प्रति महीना केवल 50,000 रुपये पैसा निकाल सकता है। अचानक सामने आई इस खबर ने सिर्फ यस बैंक खाताधारकों को ही नहीं, बल्कि भारत में कई थर्ड-पार्टी ऐप्स और फिनटेक स्टार्टअप्स को भी प्रभावित किया है। सबसे अधिक प्रभावित ऐप्स में से एक PhonePe है, जिसने यस बैंक द्वारा स्थगन की घोषणा के सार्वजनिक होते ही पूरी तरह से आउटेज का सामना करना शुरू कर दिया था। इतना ही नहीं, इस खबर का प्रभाव फूड डिलिवरी ऐप स्विगी और ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट पर भी दिखाई दिया है।

सोशल मीडिया पर कई PhonePe यूज़र्स ने लेन-देन ना कर पाने की समस्या की शिकायत की है। गुरुवार देर रात पोस्ट किए गए एक ट्वीट के जरिए फोनपे ने आउटेज की बात की पुष्टी की इसे "अनिर्धारित मेंटेनेंस गतिविधि" बताया।

हालांकि, फोनपे के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समीर निगम ने शुक्रवार यानी आज पुष्टि की है कि यह मुद्दा यस बैंक के अपडेट के कारण है।

फोनपे उन अनेकों स्टार्टअप्स में से एक है, जिसके पास यस बैंक अधिग्रहण बैंक के रूप में है या भुगतान सेवा प्रदाता (PSP) है। स्विगी में भी यूपीआई भुगतान का सपोर्ट करने वाले बैंकों की लिस्ट में यस बैंक भी है, इसलिए स्विगी ने यूपीआई अकाउंट का उपयोग करके खाना ऑर्डर करने का विकल्प ऐप से हटा दिया है। इसी तरह फ्लिपकार्ट ने भी फोनपे का उपयोग करके भुगतान करने के विकल्प को हटा दिया है। पेमेंट गेटवे रेज़रपे भी यस बैंक का अपने बैकएंड में उपयोग करता है। कंपनी ने बताया है कि पेमेंट गेटवे सेवाएं फिलहाल अप्रभावित हैं, जबकि गेटवे की कुछ अन्य सेवाएं यस बैंक की खबर के कारण प्रभावित हो सकती हैं।

एयरटेल पेमेंट्स बैंक और सीआरईडी जैसी कंपनियों ने सोशल मीडिया पर यह स्पष्ट किया है कि यह खबर उनके संचालन पर क्या प्रभाव डालेगा।
 

यस बैंक भारत के प्रमुख निजी बैंकों में से एक है जो पावर स्टार्टअप को कई समाधान प्रदान कर रहा है। पिछले साल नवंबर में मुंबई स्थित बैंक ने एपीआई सैंडबॉक्स के रूप में Yes Fintech डेवलपर प्लेटफॉर्म को 50 से अधिक वर्चुअल एपीआई के साथ लॉन्च किया, ताकि स्टार्टअप और व्यक्तिगत डेवलपर्स को अपने ऐप के लिए बैंकिंग इंटिग्रेशन का टेस्ट करने दिया जा सके।
 

थर्ड-पार्टी ऐप और पेमेंट प्लेटफॉर्म पर इस खबर के प्रभाव के साथ-साथ, यस बैंक की खुद की ऐप और नेटबैंकिंग सेवाओं पर भी प्रभाव पड़ा है और इन तक पहुंच फिलहाल बंद हो गई है। इसका मतलब है कि यदि आपके पास यस बैंक खाता है, तो आप अपने फंड को किसी और बैंक में ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा किसी जगह भुगतान करने के लिए नेटबैंकिंग का उपयोग भी नहीं कर सकेंगे। हालांकि घबराने की जरूरत नहीं है, उम्मीद है कि स्थिति जल्द ही सामान्य हो जानी चाहिए।
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