• होम
  • ऐप्स
  • ख़बरें
  • Twitter पर लगा 50 लाख रुपये का जुर्माना, नहीं माना था केंद्र सरकार का आदेश, जानें पूरा मामला

Twitter पर लगा 50 लाख रुपये का जुर्माना, नहीं माना था केंद्र सरकार का आदेश, जानें पूरा मामला

Twitter Fined : केंद्र ने ट्विटर से कुछ अकाउंट्स, ट्वीट और यूआरएल को ब्‍लॉक करने के लिए कहा था, जिसे कंपनी ने नहीं माना।

Twitter पर लगा 50 लाख रुपये का जुर्माना, नहीं माना था केंद्र सरकार का आदेश, जानें पूरा मामला

अदालत ने कहा कि कंपनी की याचिका का कोई आधार नहीं है।

ख़ास बातें
  • केंद्र ने ट्विटर से कुछ अकाउंट्स, ट्वीट ब्‍लॉक करने को कहा था
  • ट्विटर ने आदेशों का नहीं किया पालन
  • आदेश को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ बताया था
विज्ञापन
कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के आदेश के खिलाफ लगाई गई ट्विटर की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। केंद्र ने ट्विटर से कुछ अकाउंट्स, ट्वीट और यूआरएल को ब्‍लॉक करने के लिए कहा था, जिसे कंपनी ने नहीं माना। आदेश को कोर्ट में चुनौती दी गई। अदालत ने कहा कि कंपनी की याचिका का कोई आधार नहीं है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस कृष्ण एस. दीक्षित की सिंगल बेंच ने ट्विटर पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और जुर्माने की रकम को 45 दिनों के अंदर जमा कराने का निर्देश दिया। 

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस दीक्षित ने ट्विटर की याचिका खारिज करते हुए कहा कि वह केंद्र की इस दलील से सहमत हैं कि सरकार के पास ट्वीट ब्लॉक करने और अकाउंट पर रोक लगाने की ताकत है।

ट्विटर ने 2 फरवरी 2021 से 28 फरवरी 2022 के बीच केंद्र सरकार द्वारा जारी 10 अलग-अलग आदेशों को चुनौती दी थी। ट्विटर ने पहले दावा किया था कि सरकार ने उसे 1474 ट्विटर अकाउंट, 175 ट्वीट, 256 यूआरएल और एक हैशटैग को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है, लेकिन कोर्ट में सिर्फ 39 यूआरएल से संबंधित आदेशों को ही चुनौती दी गई थी। इस मामले में कोर्ट ने 21 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया।  

ट्विटर ने सरकार के आदेशों को मनमाना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ बताया था। यह जानते हुए भी कि केंद्र का आदेश नहीं मानने पर 7 साल की सजा और फाइन लगाने का प्रावधान है, ट्विटर ने आदेशों का पालन नहीं किया। अपने फैसले में कोर्ट ने ट्विटर से कहा कि आप अरबों डॉलर की कंपनी हैं, कोई किसान या आम आदमी नहीं, जिसे कानून की जानकारी ना हो। 

इस फैसले पर केंद्र सरकार के मंत्री की प्रतिक्रिया भी आई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि कुछ खातों को ब्लॉक करने के सरकारी नोटिस को अदालत में चुनौती देने का ट्विटर का फैसला दरअसल उस 'काल्पनिक कहानी का हिस्सा था', जिसे कंपनी के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी ने आगे बढ़ाया।
 

गौरतलब है कि ट्विटर के पूर्व CEO डोर्सी ने हाल में दावा किया था कि भारत सरकार ने ट्विटर पोस्‍टों को नहीं हटाने और ट्विटर अकाउंट बैन नहीं करने पर देश में कंपनी को बंद करने और कर्मचारियों पर छापे की चेतावनी दी थी। डोर्सी ने दावा किया था कि जिन पोस्‍ट और अकाउंट्स को हटाने का दबाव डाला गया था, वो कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन और सरकार की आलोचना से संबंधित थे।

मंत्री ने कहा कि कोर्ट के आदेश यह स्पष्ट करता है कि सभी मंचों को भारतीय कानून का पालन करना होगा।
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. देश में FASTag यूजर्स की संख्या 6.20 करोड़ से ज्यादा, बैरियर-फ्री टोलिंग के लॉन्च की तैयारी
  2. Redmi K100 Pro Max में मिलेगा 6.9 इंच OLED डिस्प्ले, अगले महीने होगा लॉन्च
  3. iQOO Z11 के भारत में लॉन्च की तैयारी, मिल सकता है 3D कर्व्ड डिस्प्ले 
  4. रात में चमकेंगे Galaxy SmartTag 3, नया डिजाइन, 500 दिन की हो सकती है बैटरी!
  5. Apple को मिला 109 अरब डॉलर से ज्यादा का रेवेन्यू, iPhone की जोरदार बिक्री 
  6. Samsung Galaxy F70 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  7. माता-पिता तय करेंगे कौन से ऐप देखें बच्चे, Google प्ले स्टोर में आ रहा एज वैरिफिकेशन सिस्टम
  8. ITR Last Date 2026: आज नहीं भरा ITR तो हो सकती है परेशानी! 5 मिनट में ऐसे फाइल करें ऑनलाइन
  9. Vivo X500 Pro में मिल सकता है MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट
  10. PF पर ब्याज का पैसा अकाउंट में आया या नहीं, इन तरीकों से खुद करें चेक
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »