ऑफलाइन मैप्स का सबसे बड़ा फायदा है रिलायबिलिटी। नेटवर्क ना होने पर भी नेविगेशन चलता रहता है। मोबाइल डेटा की बचत होती है, बैटरी यूसेज कंट्रोल में रहता है और फॉरेन ट्रिप के दौरान महंगे रोमिंग चार्ज से भी राहत मिलती है।
Photo Credit: Google
आज के टाइम में मैप्स ऐप्स हमारी डेली लाइफ का हिस्सा बन चुके हैं। कैब बुक करनी हो, नई जगह जाना हो या फिर रोड ट्रिप प्लान करनी हो, हर जगह मैप्स काम आता है। लेकिन प्रॉब्लम तब आती है जब इंटरनेट स्लो हो जाए या बिल्कुल ही न मिले। हिल स्टेशन, रिमोट एरिया, अंडरग्राउंड पार्किंग या लॉन्ग हाइवे ड्राइव के दौरान नेटवर्क गायब होना कॉमन है। ऐसे में ऑफलाइन मैप्स एक लाइफसेवर फीचर बनकर सामने आता है। यह फीचर आपको बिना इंटरनेट के भी नेविगेशन, रूट्स और लोकेशन देखने की सुविधा देता है, जिससे सफर स्मूथ और टेंशन फ्री रहता है।
ऑफलाइन मैप्स का मतलब है किसी स्पेसिफिक एरिया का मैप पहले से अपने फोन में डाउनलोड करके रखना। एक बार मैप डाउनलोड हो जाने के बाद, आप बिना मोबाइल डेटा या वाई फाई के भी उस एरिया में डायरेक्शन देख सकते हैं और रास्ता फॉलो कर सकते हैं। Google Maps, Apple Maps और कई थर्ड पार्टी ऐप्स यह सुविधा देते हैं। हालांकि ऑफलाइन मोड में रियल टाइम ट्रैफिक अपडेट्स या लाइव री रूटिंग जैसी सुविधाएं लिमिटेड हो सकती हैं।
जब आप किसी एरिया का मैप डाउनलोड करते हैं, तो ऐप उस एरिया की रोड्स, स्ट्रीट्स, लैंडमार्क्स और नेविगेशन डेटा को आपके फोन स्टोरेज में सेव कर लेता है। GPS सिग्नल इंटरनेट के बिना भी काम करते हैं, इसलिए फोन आपकी लोकेशन आसानी से डिटेक्ट कर लेता है। इसके बाद मैप्स ऐप सेव किए गए डेटा की मदद से रूट दिखाता है और टर्न बाय टर्न नेविगेशन देता है।
ऑफलाइन मैप्स इस्तेमाल करना काफी आसान है। Google Maps जैसे ऐप में आपको बस उस एरिया (राज्य का नाम, या सीधा शहर/कस्बे का नाम) को सर्च करना होता है, फिर नीचे More के अंदर Download offline map को चुनना होता है।
आप चाहें तो एरिया को मैन्युअली जूम करके भी सेलेक्ट कर सकते हैं, इसके लिए Maps खोलें और अपने प्रोफाइल पिक्चर पर टैप करके 'Offline Maps' को चुनें। अब Select your own map बटन पर टैप करें। यहां आप दिखाए गए आयताकार बॉक्स के अंदर उस क्षेत्र को रखें, जितना हिस्सा आप डाउनलोड करना चाहते हैं और Download पर टैप करें। डाउनलोड पूरा होते ही मैप आपके फोन में सेव हो जाता है और तय समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसे बाद में अपडेट भी किया जा सकता है।
ऑफलाइन मैप्स का सबसे बड़ा फायदा है रिलायबिलिटी। नेटवर्क ना होने पर भी नेविगेशन चलता रहता है। मोबाइल डेटा की बचत होती है, बैटरी यूसेज कंट्रोल में रहता है और फॉरेन ट्रिप के दौरान महंगे रोमिंग चार्ज से भी राहत मिलती है। इमरजेंसी सिचुएशन में, जब इंटरनेट उपलब्ध नहीं होता, तब ऑफलाइन मैप्स काफी काम आते हैं।
ऑफलाइन मैप्स में ट्रैफिक अपडेट्स, रोड क्लोजर और लाइव बिजनेस टाइमिंग जैसी जानकारी रियल टाइम में नहीं मिलती। इसलिए ट्रैवल शुरू करने से पहले मैप्स को अपडेट करना जरूरी है। इसके अलावा, डाउनलोड किया गया एरिया लिमिटेड होता है, ऐसे में लॉन्ग जर्नी के लिए एक से ज्यादा एरिया पहले से डाउनलोड करना बेहतर रहता है।
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