Maps Tips

Maps Tips - ख़बरें

  • Google Maps Hacks: Toll-Free रूट फीचर बचा सकता है आपके सैकड़ों रुपये, ऐसे करें यूज
    अगर आप हाईवे पर यात्रा करते समय टोल टैक्स बचाना चाहते हैं, तो Google Maps का Avoid Tolls फीचर आपके काम आ सकता है। इस फीचर को ऑन करने के बाद Google Maps ऐसे रूट दिखाता है जिनमें टोल रोड शामिल नहीं होती। इसके लिए आपको केवल Route Options में जाकर Avoid Tolls विकल्प को सक्रिय करना होता है। हालांकि कुछ मामलों में टोल-फ्री रूट लंबा हो सकता है, इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले समय और दूरी जरूर जांच लें।
  • Google Maps आपकी हर लोकेशन सेव कर रहा है? ऐसे बंद करें ट्रैकिंग और डिलीट करें डेटा
    Google Maps में Location History फीचर आपके मूवमेंट और ट्रैवल हिस्ट्री को रिकॉर्ड करता है, जिससे ऐप आपको पर्सनलाइज्ड सुझाव और टाइमलाइन दिखा पाता है। हालांकि, कई यूजर्स अपनी प्राइवेसी के चलते इसे बंद करना चाहते हैं। अच्छी बात यह है कि इस सेटिंग को कुछ आसान स्टेप्स में ऑफ किया जा सकता है। इसके साथ ही, आप पहले से सेव लोकेशन डेटा को डिलीट या ऑटो-डिलीट पर भी सेट कर सकते हैं। इससे आपकी लोकेशन ट्रैकिंग पर बेहतर कंट्रोल मिलता है।
  • ड्राइव में Google Maps की आवाज म्यूजिक को बार-बार रोकती है? ऐसे करें फिक्स
    Google Maps का इस्तेमाल करते समय कई यूजर्स को यह समस्या होती है कि नेविगेशन वॉयस आने पर म्यूजिक रुक जाता है या कम हो जाता है। यह फीचर सेफ्टी के लिए बनाया गया है ताकि ड्राइविंग के दौरान दिशा-निर्देश साफ सुनाई दें, लेकिन कई बार यह इंटरप्शन परेशान करता है। अच्छी बात यह है कि ऐप में ऐसी सेटिंग्स मौजूद हैं, जिनकी मदद से आप म्यूजिक इंटरप्शन को कम या कंट्रोल कर सकते हैं। Play voice over Bluetooth को बंद करने से नेविगेशन की आवाज आपके फोन से आती है और इन्फोटेनमेंट सिस्टम में कोई रुकावट नहीं आती है।
  • Google Maps के 10 छुपे फीचर्स, जो हर यूजर को जरूर पता होने चाहिए
    Google Maps में कई ऐसे hidden फीचर्स और सेटिंग्स मौजूद हैं, जिनके बारे में ज्यादातर यूजर्स को जानकारी नहीं होती। ये फीचर्स न सिर्फ नेविगेशन को आसान बनाते हैं, बल्कि ट्रैफिक, बैटरी और ट्रैवल प्लानिंग को भी बेहतर करते हैं। उदाहरण के तौर पर आप toll roads से बच सकते हैं, multiple stops जोड़ सकते हैं, स्पीड लिमिट देख सकते हैं और यहां तक कि अपनी पार्किंग लोकेशन सेव कर सकते हैं। इसके अलावा EV यूजर्स के लिए चार्जिंग सेटिंग्स और पब्लिक ट्रांसपोर्ट फिल्टर जैसे ऑप्शन भी मिलते हैं, जो Maps को और ज्यादा स्मार्ट बनाते हैं।
  • अपने दोस्तों के साथ लाइव लोकेशन कैसे करें शेयर, फॉलो करें स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस
    लोकेशन शेयर करने से आप अपनी सुरक्षा में एक अतिरिक्त परत जोड़ सकते हैं, क्योंकि रात के समय में या अंजान रास्तों में आपके परिवार वाले यह देख सकते हैं कि आप उस वक्त कहां पर मौजूद हैं। आपको सिर्फ भरोसेमंद या जानकार लोगों के साथ ही अपनी लाइव लोकेशन शेयर करनी चाहिए। कभी भी पब्लिक प्लेटफॉर्म पर अपनी लाइव लोकेशन को पोस्ट नहीं करना चाहिए। अपनी लोकेशन को हमेशा के लिए दिखने से रोकने के लिए समय सीमा तय करनी बहुत ज्यादा जरूरी है।
  • दिल्ली में रोज 50+ लोग लापता? मोबाइल की सेटिंग्स से लेकर SOS Apps तक, ये हैं सेफ्टी के जरूरी तरीके
    दिल्ली में 2026 की शुरुआत के साथ ही लापता मामलों में तेज बढ़ोतरी सामने आई है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी के पहले 15 दिनों में 807 लोगों के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। ऐसे हालात में स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और मैसेज का जरिया नहीं, बल्कि एक अहम सेफ्टी टूल बन जाता है। फोन में मौजूद SOS अलर्ट, लाइव लोकेशन शेयरिंग और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट फीचर्स को ऑन रखकर आप इमर्जेंसी के समय तुरंत मदद तक पहुंच सकते हैं। इस फीचर में Android, iPhone और जरूरी ऐप्स की जानकारी दी गई है।
  • बिना इंटरनेट और डेटा के भी चलेगा नेविगेशन, ऐसे यूज करें Offline Maps
    ऑफलाइन मैप्स आज के टाइम में एक जरूरी फीचर बन चुका है, खासकर तब जब इंटरनेट स्लो हो या बिल्कुल उपलब्ध न हो। इस फीचर की मदद से यूजर किसी भी एरिया का मैप पहले से डाउनलोड करके रख सकता है और बाद में बिना डाटा या वाई फाई के भी नेविगेशन इस्तेमाल कर सकता है। जीपीएस इंटरनेट के बिना भी काम करता है, इसलिए लोकेशन और रूट आसानी से मिल जाते हैं। ट्रैवल, रोड ट्रिप, रिमोट एरिया और इमरजेंसी सिचुएशन में ऑफलाइन मैप्स काफी काम आते हैं। हालांकि रियल टाइम ट्रैफिक अपडेट जैसी कुछ सुविधाएं इसमें लिमिटेड रहती हैं।
  • AQI चेक करने के लिए ऐप नहीं? मोबाइल में पहले से मौजूद हैं ये ऑप्शन
    दिल्ली-NCR में बढ़ते पॉल्यूशन के बीच AQI चेक करना अब रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी अलग डिवाइस की जरूरत नहीं, सिर्फ स्मार्टफोन ही काफी है। Google Search, Google Maps, Weather ऐप्स और सरकारी Sameer ऐप जैसे प्लेटफॉर्म्स से यूजर्स अपने इलाके की हवा की क्वालिटी रियल-टाइम में देख सकते हैं। अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करके AQI की सही स्थिति समझना खासतौर पर दिल्ली-NCR जैसे इलाकों में ज्यादा जरूरी हो गया है।
  • Best Apps for Air Travel in India: हवाई यात्रा कर रहे हैं? ये काम के ऐप्स फोन में रखना न भूलें
    पिछले कुछ दिनों से IndiGo फ्लाइट्स के डिले ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है, और ऐसी स्थिति में सही ऐप्स आपके पूरे ट्रैवल को मैनेज करने में बड़ी मदद करते हैं। Flightradar24 और FlightAware रियल-टाइम फ्लाइट स्टेटस बताते हैं, जबकि एयरलाइन ऐप्स गेट चेंज और शेड्यूल अपडेट सबसे पहले दिखाते हैं। लंबी देरी की हालत में IRCTC और RedBus जैसे ऐप्स बैकअप ट्रैवल विकल्प ढूंढने में काम आते हैं। DigiLocker डिजिटल डॉक्यूमेंट्स को तुरंत एक्सेस करने देता है और Google Maps एयरपोर्ट के अंदर भीड़ और टर्मिनल जानकारी दिखाता है। ऐसे ऐप्स फ्लाइट डिले के दौरान ट्रैवलर्स के लिए लाइफसेवर साबित होते हैं।

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