हर कोई YouTube Shorts बना रहा है, लेकिन कुछ वीडियोज ही “प्रोफेशनल” लगते हैं। फर्क सिर्फ तरीके में है। यहां जानिए वो सेटिंग्स, शूटिंग और एडिटिंग टिप्स जो आपके मोबाइल वीडियो को अगले लेवल पर ले जाएंगी।
Photo Credit: YouTube
सोशल मीडिया की दुनिया में आज YouTube Shorts सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि करियर-बिल्डिंग टूल बन चुका है। हर दिन लाखों क्रिएटर्स मोबाइल से शॉर्ट वीडियो बनाते हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ कुछ ही ऐसे होते हैं जिनके वीडियोज प्रोफेशनल लगते हैं, जिनमें साफ विजुअल्स, बैलेंस्ड लाइटिंग, स्मूद मूवमेंट और ऑडियो क्वालिटी शामिल होते हैं। इन सभी का परफेक्ट मिक्सचर ही लोगों को स्क्रोलिंग रोक कर आपकी वीडियो देखने में मजबूत करता है।
अच्छी बात ये है कि ऐसा कंटेंट बनाने के लिए DSLR या भारी गियर की जरूरत नहीं। आपके पास अगर एक स्मार्टफोन है और थोड़ा-सा समझ है कि कैसे उसका कैमरा, सेटिंग्स और एडिटिंग टूल्स को ट्यून किया जाए, तो आप भी वैसा कंटेंट बना सकते हैं जो “फोन-शॉट” न लगे बल्कि “फिल्म्ड-प्रोफेशनली” लगे। चलिए जानते हैं वो ट्रिक्स जो मोबाइल शॉर्ट्स को अगले लेवल पर ले जाती हैं।
प्रोफेशनल वीडियो का आधा असर “लाइटिंग” से आता है। अगर नेचुरल लाइट में शूट कर रहे हैं तो हमेशा विंडो लाइट या सूरज के साइड-एंगल का इस्तेमाल करें। डायरेक्ट धूप से बचें क्योंकि इससे फेस ओवरएक्सपोज हो जाता है।
अगर इंडोर हैं तो सस्ते LED पैनल या रिंग लाइट का यूज करें। एक लाइट फेस पर और दूसरी बैकग्राउंड में रखिए, जिससे डेप्थ बढ़ेगी और वीडियो में थ्री-डायमेंशनल फील आएगा।
फोकस आप पर होना चाहिए, न कि पीछे रखे कपड़ों या दीवारों पर। बैकग्राउंड क्लटर-फ्री रखें, और Rule of Thirds (स्क्रीन को 3 हिस्सों में बांटकर फ्रेमिंग) अपनाएं। अगर फोन में Gridlines ऑन करने का ऑप्शन है, तो उसे सेटिंग्स से एक्टिव करें, जिससे कम्पोजिशन अपने आप बेहतर दिखेगा।
हाथ से शूट करने पर वीडियो हिलता है, जो क्वालिटी को गिरा देता है। अगर गिम्बल नहीं है तो ट्राइपॉड या किताबों का स्टैक यूज करें। एक और ट्रिक यह है कि फोन को रिकॉर्डिंग के दौरान अपने शरीर के पास रखें और धीरे मूव करें। अगर फोन में OIS या EIS स्टेबिलाइजेशन फीचर है, तो उसे ऑन रखें। हालांकि, वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान स्टेबलाइजेशन फीचर को ऑन करना क्वालिटी को गिराता है, इसलिए ऐसे में लो-लाइटिंग के दौरान शूट करते हुए इस फीचर को ऑफ रखें।
बहुत से लोग प्रोफेशनल वीडियो शूट करते हैं लेकिन फोन का माइक ही यूज करते हैं और यही सबसे बड़ी गलती है। अगर बजट है तो लैवलियर माइक (उदाहरण के लिए Boya BY-M1) लगा लें। अगर नहीं है तो ईयरफोन माइक भी काफी बेहतर रहेगा, जिसे आप किसी लाइट फोम से ढक सकते हैं। इससे शार्प नॉइस फिल्टर हो जाती है। एक और तरीका यह है कि रिकॉर्डिंग के बाद नॉइस रिडक्टर टूल्स का इस्तेमाल करें। Samsung इस फीचर को गैलेरी में बिल्ट-इन देता है, जबकि अन्य स्मार्टफोन मॉडल्स में CapCut, VN या Adobe Rush जैसे ऐप्स का यूज किया जा सकता है।
सेटिंग्स में जाकर कैमरा रेशियो को 9:16 (Portrait) कर दें। कई लोग 16:9 में शूट करके बाद में क्रॉप करते हैं, जिससे फ्रेमिंग और क्वालिटी दोनों खराब होती हैं। शूट शुरू करने से पहले ही आस्पेक्ट रेशियो और रिजॉल्यूशन लॉक कर लें।
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