ट्रंप ने लगाया बैन, फिर भी ईरान हमले में अमेरिका की ओर से यूज हुआ सीक्रेट AI टूल!

अमेरिकी सेना ने ईरान पर एयर ऑपरेशन में Anthropic के Claude AI टूल का इस्तेमाल किया, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल एजेंसियों को यही टेक्नोलॉजी बंद करने का निर्देश दिया था।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 2 मार्च 2026 14:17 IST
ख़ास बातें
  • ट्रंप के आदेश के बाद भी AI इस्तेमाल की रिपोर्ट
  • Claude से इंटेलिजेंस और टारगेट पहचान में मदद
  • पेंटागन और कंपनी के बीच शर्तों पर टकराव

ईरान ऑपरेशन के बीच अमेरिकी सेना की AI आधारित रणनीति

Photo Credit: Reuters

अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य कार्रवाई को लेकर एक नई रिपोर्ट ने AI टेक्नोलॉजी की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर एयर ऑपरेशन के दौरान एक ऐसे एआई टूल का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर व्हाइट हाउस और टेक कंपनी के बीच विवाद चल रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल एजेंसियों को उस एआई सिस्टम का इस्तेमाल रोकने का निर्देश दिया था, लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद सैन्य ऑपरेशन में वही टेक्नोलॉजी इस्तेमाल होती रही।

WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, Anthropic का Claude एआई टूल दुनिया भर के अमेरिकी कमांड्स में इस्तेमाल होता है, जिसमें मिडिल ईस्ट में तैनात US Central Command भी शामिल है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इस टूल का उपयोग इंटेलिजेंस असेसमेंट, टारगेट पहचानने और बैटल सीनारियो सिमुलेट करने जैसे कामों में किया जाता रहा है। हालांकि, सैन्य अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हालिया ऑपरेशन में Claude की भूमिका कितनी गहरी थी।

27 फरवरी को Donald Trump ने सभी फेडरल एजेंसियों को तुरंत Anthropic के एआई टूल्स का उपयोग बंद करने का निर्देश दिया था और कंपनी को नेशनल सिक्योरिटी रिस्क बताया था। यह फैसला कंपनी और Pentagon के बीच कई हफ्तों से चल रहे मतभेदों के बाद लिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि पेंटागन चाहता था कि Claude का इस्तेमाल व्यापक सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जाए, जबकि कंपनी कुछ शर्तों पर सहमत नहीं थी।

विवाद की जड़ में AI के सैन्य इस्तेमाल को लेकर मतभेद बताए जा रहे हैं। Anthropic कथित तौर पर पूरी तरह ऑटोनॉमस हथियार प्रणालियों या बड़े पैमाने पर निगरानी जैसे संवेदनशील उपयोगों की अनुमति देने को तैयार नहीं थी। दूसरी ओर, पेंटागन ने कंपनी को तय समय में शर्तें मानने का अल्टीमेटम दिया था, वरना डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट से बाहर करने की चेतावनी दी गई थी। कंपनी ने सरकार के फैसले को चुनौती देने की बात कही है और अपने एथिकल सेफगार्ड्स को जरूरी बताया है।

इन घटनाक्रमों के बीच अमेरिकी सेना ने Iran में लक्ष्यों के खिलाफ एयर ऑपरेशन अंजाम दिया, जिसमें एआई-सपोर्टेड सिस्टम्स के इस्तेमाल की बात सामने आई है। अब खबर है कि पेंटागन धीरे धीरे Claude से दूरी बनाकर दूसरे एआई प्रोवाइडर्स, जैसे OpenAI, की ओर रुख कर रहा है। पूरा मामला इस बहस को और तेज कर रहा है कि नेशनल सिक्योरिटी और डिफेंस प्लानिंग में एआई की सीमा क्या होनी चाहिए और इसका कंट्रोल किसके हाथ में होना चाहिए।

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