Reliance AGM 2026 में कंपनी ने AI को लेकर कई बड़े ऐलान किए। MyJio को AI Agent में बदला जाएगा, जबकि Jio Bharat IQ, Health IQ और Krishi IQ जैसे नए AI प्लेटफॉर्म भी पेश किए गए।
Photo Credit: YouTube/ Reliance
Reliance AGM 2026 में AI से जुड़े कई बड़े ऐलान किए गए
Reliance Industries की 49वीं Annual General Meeting (AGM) में इस बार AI सबसे बड़ा फोकस रहा। Jio IPO और टेलीकॉम बिजनेस के अलावा कंपनी ने अपने AI रोडमैप को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। Reliance Industries के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और Reliance Jio के चेयरमैन आकाश अंबाकी (Akash Ambani) ने बताया कि कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर, AI ऐप्स, AI असिस्टेंट और भारतीय भाषाओं पर आधारित AI सेवाओं पर तेजी से काम कर रही है। AGM में MyJio AI Agent, Jio Bharat IQ, Jio Health IQ, Jio Learn IQ, Jio Krishi IQ, Jio Call Agent और Jamnagar AI Backbone जैसे कई बड़े अपडेट्स सामने आए।
Akash Ambani ने बताया कि Google और Jio की साझेदारी अब सिर्फ स्मार्टफोन या क्लाउड सर्विसेज तक सीमित नहीं है। दोनों कंपनियां AI को लेकर भी साथ काम कर रही हैं। उनके मुताबिक, Gemini से चलने वाला Google AI Pro पहले से ही करोड़ों Jio यूजर्स को उपलब्ध कराया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि इस पार्टनरशिप का मकसद AI को ज्यादा से ज्यादा भारतीय यूजर्स तक पहुंचाना है।
AGM में Reliance ने बताया कि Reliance Intelligence अब शुरू होने के फेज में पहुंच चुका है। कंपनी गुजरात के जामनगर में भारत का अपना AI Backbone तैयार कर रही है। Reliance का कहना है कि यह इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से उसकी सोलर एनर्जी क्षमता से मिलने वाली क्लीन एनर्जी पर आधारित होगा।
आकाश अंबानी के मुताबिक, 2026 के आखिर तक इसका पहला 120MW फेज शुरू हो जाएगा। कंपनी ने यह भी बताया कि Reliance Intelligence अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर को पावर देने के लिए Nvidia GB300 GPUs की शुरुआती फ्लीट तैनात कर रही है। Reliance का दावा है कि यह देश के सबसे बड़े AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक होगा।
कंपनी ने कहा कि उसकी AI स्ट्रैटेजी सिर्फ अंग्रेजी भाषा तक सीमित नहीं रहेगी। Reliance अपनी AI सर्विसेज को 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। आकाश अंबाकी ने कहा कि जहां कई विदेशी AI मॉडल पहले अंग्रेजी में तैयार होते हैं और बाद में दूसरी भाषाओं में अनुवाद किए जाते हैं, वहीं Jio शुरू से भारतीय भाषाओं को ध्यान में रखकर AI डेवलप कर रहा है।
AGM में कंपनी ने अलग-अलग जरूरतों के लिए कई AI आधारित प्लेटफॉर्म्स पेश किए;
Reliance ने Jio Call Agent नाम से एक नया AI फीचर भी पेश किया है। कंपनी के मुताबिक, यूजर्स किसी भी कॉल के दौरान सिर्फ "Hey Jio" बोलकर AI Assistant को एक्टिव कर सकेंगे।
यह फीचर कॉल का ट्रांसक्रिप्ट तैयार कर सकता है, बातचीत की समरी बना सकता है और रिमाइंडर व टास्क लिस्ट तैयार कर सकता है। कंपनी ने बताया कि यह कॉन्फ्रेंस कॉल में 10 लोगों तक की आवाज पहचान सकता है और जरूरी जानकारी कॉल में शामिल लोगों के साथ शेयर भी कर सकता है।
AGM में Reliance ने Jio Teleframe नाम का नया प्लेटफॉर्म भी पेश किया। कंपनी के मुताबिक, इसे AI Agents के लिए तैयार किया गया है। इसके साथ आकाश अंबानी ने बताया कि Jio Homes के तहत ग्राहकों को अगली पीढ़ी की ब्रॉडबैंड सर्विस मिलेगी, जिसमें 5Gbps तक डाउनलोड और 1Gbps तक अपलोड स्पीड उपलब्ध होगी।
Reliance ने JioHotstar के लिए Content Commerce फीचर की भी घोषणा की है। इसके जरिए यूजर्स वीडियो कंटेंट देखते समय सीधे प्रोडक्ट्स और सर्विसेज खरीद सकेंगे। यानी अगर किसी फिल्म, वेब सीरीज या स्पोर्ट्स कंटेंट के दौरान कोई प्रोडक्ट दिखाई देता है, तो यूजर उसी समय उसे खरीद सकेगा।
AGM की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक MyJio को लेकर रही। आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी MyJio को एक सामान्य टेलीकॉम ऐप से बदलकर परसनल AI एजेंट, एडवाइजर और रिलेशनशिप मैनेजर में बदल रही है।
कंपनी का कहना है कि भविष्य में MyJio यूजर्स की जरूरतों को समझकर उन्हें व्यक्तिगत सुझाव देगा, सर्विस को मैनेज करने में मदद करेगा और कई डिजिटल कामों को ऑटोमेट कर सकेगा। Reliance का लक्ष्य MyJio को अपने पूरे डिजिटल इकोसिस्टम का AI-ऑपरेटेड एंट्री पॉइंट बनाना है।
AI घोषणाओं के अलावा आकाश अंबानी ने सैटेलाइट कनेक्टिविटी को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि Jio अपनी LEO (लो अर्थ ऑर्बिट) सैटेलाइट कनेक्टिविटी स्ट्रैटेजी पर काम कर रही है। इसके लिए कंपनी कई ग्लोबल सैटेलाइट ऑपरेटर्स के साथ साझेदारी कर रही है।
कंपनी का कहना है कि इसका मकसद देश के उन दूर-दराज इलाकों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है, जहां मोबाइल टावर लगाना या फाइबर नेटवर्क बिछाना मुश्किल होता है।
AGM में मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत को सिर्फ दूसरे देशों की AI टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करने वाला देश नहीं बनना चाहिए। उनके मुताबिक, देश को AI बनाने, अपनाने और इस क्षेत्र में लीड करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। इसी उद्देश्य से Reliance पिछले साल Reliance Intelligence की शुरुआत कर चुकी है और अब कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर AI एप्लिकेशन्स तक पूरे इकोसिस्टम में निवेश बढ़ा रही है।
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