OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन अब इंसानों दिमाग को पढ़ने जा रहे हैं।
Photo Credit: Unsplash/Igor Omilaev
इंसानी दिमाग को AI के जरिए पढ़ा जाएगा।
OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन अब इंसानों दिमाग को पढ़ने जा रहे हैं। जी हां कथित तौर पर एक सीक्रेट स्टार्टअप Merge Labs पर काम कर रहे हैं जो कि बिना किसी सर्जरी के इंसानी दिमाग को कंप्यूटर से कनेक्ट करेगा। यह एक नॉन-इंवेसिव ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) तैयार कर रहा है जो साउंड वेव्स और मैग्नेटिक फील्ड का उपयोग करके इंसान के विचारों को समझने का काम करेगा। ऑल्टमैन के इस कदम से सीधा मुकाबला एलन मस्क के Neuralink से है, जिसके लिए ब्रेन इम्प्लांट के लिए ओपन स्कल प्रक्रिया की जरूरत होती है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
मर्ज लैब्स का प्रोजेक्ट अल्ट्रासाउंड और जेनेटिक इंजीनियरिंग पर निर्भर करता है, जो इंसानी दिमाग को मशीनों से जोड़ने का एक आसान तरीका है। ऑल्टमैन मर्ज लैब्स के लिए एक मजबूत फाउंडर टीम तैयार कर रहे हैं। इनमें Caltech के एक बायोमॉलिक्युलर इंजीनियर मिखाइल शापिरो भी शामिल हैं, जो न्यूरल इमेजिंग और अल्ट्रासाउंड बेस्ड ब्रेन इंट्रैक्शन के लिए जाने जाते हैं। टूल्स फॉर ह्यूमैनिटी के सीईओ एलेक्स ब्लानिया भी इसमें शामिल होंगे। हालांकि, मर्ज लैब्स में शापिरो की भूमिका क्या रहेगी, इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन ये फाउंडर मेंबर होने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट में उनका शामिल होना एक बड़ी वैज्ञानिक दिशा की ओर इशारा करता है, जिसमें स्केलपेल का पूरी तरह से उपयोग नहीं किया जाएगा।
Caltech में शापिरो ने अल्ट्रासाउंड वेव्स का उपयोग करके न्यूरॉन के साथ इंट्रैक्ट किया था। यह एक ऐसा तरीका है जिससे वैज्ञानिक बिना सर्जरी के दिमाग की एक्टिविटी को स्टडी कर सकते हैं और उन पर प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने जीन थेरेपी टेक्नोलॉजी पर भी बड़े स्तर पर काम किया है जो कि सेल्स को विजिबल बनाने के साथ साउंड वेव्स के प्रति उत्तरदायी बनाते हैं। इसके चलते बॉयोलॉजिकल टिश्यू और डिजिटल सिस्टम के बीच कम्युनिकेशन संभव हो सकता है।
अभी तक इस प्रोजेक्ट की अधिकतर चीजों के बारे में जानकारी नहीं है। अगर ऐसा होता है तो यह इंसान और एआई के बीच कनेक्शन को लेकर सबसे बड़ा प्रयास होगा। इंसानों के दिमाग में ज्यादा गहराई तक जाने के बजाय मर्ज लैब्स इस संबंध को ज्यादा सुरक्षित और सरल बनाना चाहती है। ऐसा होने पर इंसान बिना किसी चिप और बिना किसी सर्जरी के सिर्फ साउंड वेव्स से साइंस फिक्शन को वास्तविक बना सकते हैं। अभी तक मस्क के न्यूरालिंक ने दिमाग तक पहुंचने की तैयारी कर दी है, लेकिन मर्ज लैब्स इसे थोड़ा सरल और ज्यादा सुरक्षित बनाने पर काम करने का सोच रहा है।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
Simple One Gen 2 इलेक्ट्रिक स्कूटर हुआ लॉन्च, 1.40 लाख रुपये का शुरुआती प्राइस
Motorola का पहला बुक-स्टाइल फोल्डेबल स्मार्टफोन कल होगा लॉन्च, दो कलर के हो सकते हैं ऑप्शन
Realme Buds Air 8 TWS ईयरफोन्स Rs 3,799 में लॉन्च, 58 घंटे की बैटरी के साथ Hi-Res ऑडियो!