76% लोगों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले नए साल में जॉब तलाशना पहले से मुश्किल हो गया है।
सर्वे के अनुसार, 87% लोगों को अपने काम में AI का इस्तेमाल करना सहज लगता है।
AI के आ जाने से दुनियाभर में जॉब्स को लेकर लम्बे समय से एक बहस छिड़ी हुई है। बहुत से लोगों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जॉब्स को काफी हद तक प्रभावित करने वाला है। विभिन्न रिपोर्ट्स में कहा गया है कि AI से जॉब्स को खतरा है, और कई इंडस्ट्रीज में ऑटोमेशन के चलते नौकरियां जा सकती हैं। अब एक नई रिपोर्ट आई है जो कहती है कि AI के रहते अब लोगों के मन में जॉब्स को लेकर डर पैदा हो गया है। एक बड़ी आबादी को लगता है कि नई टेक्नोलॉजी के अनुसार स्किल न होने के कारण उन्हें अच्छी नौकरी नहीं मिलेगी। आइए जानते हैं क्या कहती है ये रिपोर्ट।
AI जॉब्स को लेकर लोगों के मन में डर पैदा हो गया है कि भविष्य में उनके लिए नौकरी पाना आसान नहीं है। LinkedIn के द्वारा की गई एक रिसर्च में यह बात सामने आई है। सर्वे में सामने आया है कि भारत में करीबन 84% पेशेवर लोगों को लगता है कि AI के चलते एक नई नौकरी मिलने में उनको मुश्किल होने वाली है। जबकि 72% लोग 2026 में एक नई नौकरी पाने की तलाश में हैं। भर्ती प्रक्रियाएं तेजी से जटिल होती जा रही हैं, और अधिकतर एआई-संचालित नजर आती हैं।
सर्वे के अनुसार, 87% लोगों को अपने काम में AI का इस्तेमाल करना सहज लगता है। लेकिन बात जब भर्ती की आती है तो सबको डर लगता है। लगभग 77% लोगों का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया में अब बहुत सारे चरण शामिल हो गए हैं। जबकि 66% का कहना है कि यह प्रक्रिया अधिक सहज नहीं रह गई है। 48% को लगता है कि वे अपने आवेदनों को सबसे अलग कैसे दिखाएं, यह तय कर पाना मुश्किल है
रोचक बात यह है कि साथ ही साथ AI को लेकर अधिकतर लोगों का मानना है कि जॉब की खोज में AI एक सपोर्टिव टूल की तरह काम करता है। 94% भारतीय पेशेवर जॉब सर्च में AI का इस्तेमाल करते हैं। 66% का कहना है कि जॉब इंटरव्यू में यह बहुत उपयोगी होता है और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है। बावजूद इसके सर्वे के अनुसार, 76% लोगों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले नए साल में जॉब तलाशना पहले से मुश्किल हो गया है।
LinkedIn का डेटा बताता है कि भारत में प्रत्येक जॉब रोल के प्रतिस्पर्धा पलृहले के मुकाबले बढ़ गई है। प्रति रोल आवेदकों की संख्या 2022 के मुकाबले अब दोगुनी हो चुकी है। नियोक्ताओं के लिए भी भर्ती करना अब उतना आसान नहीं रहा। 74% का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले अब क्वालिफाइड टेलेंट को खोजना ज्यादा मुश्किल हो गया है। LinkedIn के अनुसार, प्रॉम्ट इंजीनियर, AI इंजीनियर, और सॉफ्टवेयर इंजीनियर की डिमांड बढ़ रही है। साथ ही सेल्स, साइबरसिक्योरिटी, एडवाइजरी रोल्स के लिए भी मांग बढ़ी है। गैर पारंपरिक भूमिकाओं में पशुचिकित्सक, सौर ऊर्जा सलाहकार और व्यवहार चिकित्सक में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
TVS Motor ने लॉन्च किया iQube MillionR Special Edition, जानें प्राइस, फीचर्स
Nokia 300 Charge फीचर फोन हुआ लॉन्च, 3,700mAh बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस