ऐसे युवा जो कॉलेज से निकल कर इंडस्ट्री में पहली जॉब तलाशते हैं, उनके लिए AI बड़ी मुश्किल खड़ा कर सकता है।
शोध में सामने आया है कि AI के आ जाने से एंट्री-लेवल जॉब्स मिलना ज्यादा मुश्किल होने वाला है।
AI के जॉब पर असर को लेकर पिछले कुछ समय से इंडस्ट्री में एक बहस छिड़ी हुई है। एक तरफ एक्सपर्ट्स जहां AI के कारण नौकरियों पर पड़ने वाली बड़ी मार की बात कर रहे हैं, तो कुछ जानकार कह रहे हैं कि इससे प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी। लेकिन अब एक नई रिसर्च ने युवाओं के लिए नई चिंता पैदा कर दी है। शोध में सामने आया है कि AI के आ जाने से एंट्री-लेवल जॉब्स मिलना ज्यादा मुश्किल होने वाला है। यानी ऐसे युवा कॉलेज से निकल कर इंडस्ट्री में पहली जॉब तलाशते हैं, उनके लिए AI बड़ी मुश्किल खड़ा कर सकता है। आइए जानते हैं क्या कहती है स्टडी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक बड़ा डर नौकरियों का खात्मा बताया जाता है। सैकड़ों रिपोर्ट्स में स्मार्ट AI सिस्टम की वजह से नौकरियों पर बड़ा संकट आने की बातें कही गई हैं क्योंकि ये सिस्टम इंसानों के ज्यादातर कामों को कम लागत में कर सकेंगे। लेकिन अब, स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च ने युवाओं के लिए नई चिंता पैद कर दी है। यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्रियों का शोध कहता है कि AI की वजह से कुछ क्षेत्रों में युवा कर्मचारियों की एंट्री-लेवल नौकरियों पर काफी असर पड़ रहा है, जबकि ज्यादा उम्र के कर्मचारी अब तक काफी हद तक इससे बचे हुए हैं।
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से नौकरियों पर असर पड़ रहा है? इस सवाल का जवाब अब युवाओं के लिए नई चिंता पैदा करने वाला है। कैनरीज इन द कोलमाइन? रोजगार पर AI के असर के बारे में छह तथ्य'' नामक रिसर्च (via) में नौकरियों पर AI के असर को लेकर नए तथ्य और आंकड़े पेश किए गए हैं। अगस्त 2026 का संस्करण पिछले साल इसी नाम से प्रकाशित पेपर को नए डेटा और बेहतर आँकड़ों के साथ अपडेट और संशोधित करता है।
स्टैनफोर्ड के शोधकर्ताओं ने नई रिसर्च में पाया कि एंट्री-लेवल कर्मचारियों के लिए पिछले साल सामने आए रोजगार ट्रेंड अभी भी वैसे ही जारी हैं और बढ़ भी रहे हैं। खास तौर पर, AI से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले कामों में 22 से 25 साल के युवा बताए गए हैं। इनके रोजगार का स्तर 19 प्रतिशत कम हो गया है। यह कमी उन क्षेत्रों के कर्मचारियों की तुलना में बताई गई है जहाँ AI के कारण कम बदलाव हुआ है। यानी जहां भी AI ने अपना प्रभाव डाला वहां पर युवा कर्मचारी, या एंट्री लेवल जॉब्स पर ज्यादा असर हुआ। पिछले साल यह स्तर 13 प्रतिशत कम था।
नतीजे सामने आए हैं कि आजकल जिन नौकरियों में AI ऑटोमेशन का ज्यादा इस्तेमाल होता है, उनमें एंट्री-लेवल वर्कर्स के लिए रोजगार की स्थिति सबसे खराब है। एक अनुभवी, और मजबूत सोशल नेटवर्क वाले सीनियर प्रोफेशनल के लिए AI से नौकरी जाने का खतरा उतना नहीं है जितना कि एक युवा के लिए। एंट्री-लेवल नौकरी की कोशिश कर रहे युवा कॉलेज ग्रेजुएट को आने वाले समय में बिल्कुल अलग हालातों का सामना करना पड़ सकता है।
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