इससे पहले भी कंपनियां AI एजेंट्स लाती रही हैं, लेकिन ऐसे एजेंट्स सिर्फ अबतक डेवलपर्स और प्रोग्रामर्स तक ही सीमित थे।
Photo Credit: Forbes
Meta की ओर से नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट म्यूज (Muse) लॉन्च किया गया है।
Meta ने मार्केट में अपना नया AI एजेंट Muse लॉन्च कर दिया है। जैसा कि नाम से पता चलता है, यह कोई साधारण AI चैटबॉट नहीं है जो केवल आपके सवालों के जवाब दे सकता है, बल्कि यह एक इंटेलिजेंट मॉडल है जो आपकी तरफ से सॉफ्टवेयर ऐप इस्तेमाल कर सकता है, आपके लिए कई तरह के काम भी कर सकता है। यह एक पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट की तरह काम कर सकता है। Meta का यह बड़ा कदम है क्योंकि Muse लॉन्च करके उसने एडवांस्ड AI की पहुंच अब आम लोगों तक बढ़ा दी है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
Meta की ओर से नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट म्यूज (Muse) लॉन्च किया गया है। यह एक ऐसा एजेंट है जो यूजर की ओर से सॉफ्टवेयर ऐप्स और वेबसाइट्स का इस्तेमाल करके एक पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट की तरह काम में लाया जा सकता है। पहली बार किसी बड़ी टेक कंपनी ने आम यूजर्स के लिए कोई एजेंट पेश (via) किया है। मेटा CEO मार्क जकरबर्ग ने म्यूज को मेटा की अगली बड़ी कामयाबी बताया है। जकरबर्ग के अनुसार, यह आपके लक्ष्यों को पाने में मदद कर सकता है। आपकी जिंदगी, सेहत, रिश्तों और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए आपके लिए 24x7 काम कर सकता है। हालांकि X पर AI एजेंट द्वारा प्राइवेसी को खतरा भी कई यूजर्स ने बता दिया, जिसका जवाब भी मार्क जकरबर्ग ने दिया है।
Introducing Muse, the personal agent that understands your goals and works 24/7 to get things done for you.
— Mark Zuckerberg (@finkd) September 8, 2026
You're in control. You choose which apps and services Muse has access to and you can disconnect them at any time. For sensitive actions like purchases or sending emails, Muse checks with you first.
— Mark Zuckerberg (@finkd) September 8, 2026
Passwords live in the Secure Credential Storage so Muse can't read this…
इससे पहले भी कंपनियां AI एजेंट्स लाती रही हैं, लेकिन ऐसे एजेंट्स सिर्फ अबतक डेवलपर्स और प्रोग्रामर्स तक ही सीमित थे। Meta का म्यूज पहला एडवांस्ड एआई होगा जो आम लोगों के लिया उतारा गया है। Meta के अनुसार, म्यूज AI एजेंट से से चैटबॉट की तरह बात की जा सकती है। लेकिन इससे कहीं ज्यादा एडवांस्ड टास्क करवाए जा सकते हैं। मसलन इसे ईमेल भेजने, ट्रैवल बुकिंग करने, ऑनलाइन शॉपिंग करने या WhatsApp के जरिए भी कई कामों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
Forbes के अनुसार, Muse का एक और खास फीचर यह बताया गया है कि यह अपने यूजर के बारे में और अधिक जानने के लिए दूसरे Meta ऐप्स जैसे Instagram और Facebook से भी कनेक्ट कर सकता है। इसे Spotify, Ticketmaster, Shopify, Gmail और OpenTable जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स से भी जोड़ा जा सकता है।
Muse को ओपन-सोर्स AI एजेंट OpenClaw की तर्ज पर बनाया गया है। हेल्थ, शॉपिंग, ईमेल, कैलेंडर, पेमेंट और स्मार्ट होम जैसे अलग-अलग सेक्शन में यह यूजर के ऐप्स को एक्सेस कर सकता है। Meta के अनुसार, यूजर चुन सकते हैं कि Muse किन ऐप्स से कनेक्ट हो सकता है। यूजर कभी भी इसका एक्सेस आसानी से हटा सकते हैं। हर AI एजेंट अपनी वर्चुअल मशीन पर चलता है, जो पर्सनल कंप्यूटर का क्लाउड-बेस्ड वर्जन है। इससे यह बैकग्राउंड में भी रिक्वेस्ट पर काम करता रहता है, भले ही इसे एक्टिव रूप से इस्तेमाल न किया जा रहा हो। यह एजेंट Meta के AI मॉडल, Muse Spark से चलता है।
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