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'10 सालों में AI इंसानों को खत्म कर देगा', Anthropic रिसर्चर ने दी चेतावनी, छोड़ी नौकरी!

शोधकर्ता ने कहा कि उन्होंने इस चिंता में इस्तीफा दिया कि Anthropic और OpenAI "हमारी ज़िंदगी के साथ जुआ खेल रहे हैं।"

'10 सालों में AI इंसानों को खत्म कर देगा', Anthropic रिसर्चर ने दी चेतावनी, छोड़ी नौकरी!

Photo Credit: iStock

Anthropic के एक शोधकर्ता ने कहा है कि AI इंसानों को अगले एक दशक में खत्म कर सकता है!

ख़ास बातें
  • Anthropic के रिसर्चर्स की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल
  • इस दशक के आखिर तक AI हम सबको खत्म कर सकता है- शोधकर्ता
  • सोशल मीडिया पोस्ट को करोड़ों लोग देख चुके हैं
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 10 सालों में इंसानों को खत्म कर सकता है! Anthropic के एक शोधकर्ता ने इसी बात को लेकर अपनी नौकरी भी छोड़ दी, क्योंकि कंपनी उनकी इस बात को गंभीरता से नहीं ले रही थी। Anthropic के इन रिसर्चर्स की पोस्ट अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई है जिसमें उन्होंने AI के खतरों के बारे में लोगों को चेताया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला। 

Anthropic के एक शोधकर्ता ने कहा है कि AI इंसानों को अगले एक दशक में खत्म कर सकता है! Forbes के अनुसार, सोशल मीडिया पर Anthropic के एक रिसर्चर की पोस्ट वायरल हो रही है। रिसर्चर ने कहा कि उन्होंने कंपनी से इस्तीफा दे दिया क्योंकि एंथ्रोपिक और उनके पिछले एम्प्लॉयर, OpenAI, इस खतरे के बारे में ढीला रवैया अपना रहे थे। वे उन्हें नजरअंदाज कर रहे थे, और इसके साथ ठीक से काम नहीं कर रहे थे। 

Anthropic और OpenAI में रिसर्चर के तौर पर काम कर चुके जैकब कॉक्सन ने X पर एक पोस्ट किया। इसमें शोधकर्ता ने कहा कि उन्होंने इस चिंता में इस्तीफा दिया कि Anthropic और OpenAI "हमारी ज़िंदगी के साथ जुआ खेल रहे हैं।" उन्होंने कहा कि AI बनाने वाले लोग पूरी ईमानदारी से मानते हैं कि इस दशक के आखिर तक यह हम सबको खत्म कर सकता है। जैकब की पोस्ट में कही गई बात को एंथ्रोपिक में अलाइनमेंट साइंस के लीड इवान हबिंगर ने भी स्वीकार किया। इवान हबिंगर ने माना कि वह और उनके साथी पूरी तरह मानते हैं कि AI सभी इंसानों को खत्म कर सकता है। उन्होंने अगले दशक में इसके होने की संभावना 10% से ज्यादा बताई है।

कॉक्सन ने पोस्ट में और भी लिखा, उन्होंने कहा कि इस टेक्नोलॉजी की ताकत को कम नहीं समझना चाहिए। ये जल्द ही ऐसे सुपरह्यूमन सिस्टम बन जाएंगे जो किसी भी चीज को हैक कर सकते हैं, रातों-रात किसी भी क्षेत्र में क्रांति ला सकते हैं और असली ताकत और संसाधन हासिल कर सकते हैं। जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई मार्केटिंग स्टंट नहीं है। बल्कि कई एग्जीक्यूटिव और सीनियर रिसर्चर प्रेस में अपनी बात को समझदारी भरा दिखाने के लिए घुमा-फिराकर कहते हैं लेकिन निजी तौर पर वही लोग डर जाहिर करते हैं। इंसानी गतिविधियों में से किसी और चीज से इतना बड़ा ख़तरा नहीं है जितना AI से हो सकता है।

रिसर्चर कॉक्सन की पोस्ट को 7 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है। उनकी इस पोस्ट से AI के खतरे को लेकर फिर से बहस छिड़ गई है। अब फिर से यह बात चर्चा का विषय हो गई है कि क्या AI को सुरक्षित रूप से विकसित और नियंत्रित किया जा सकता है? AI में एडवांसमेंट बहुत तेजी से हो रही है। इसी को देखते हुए कई रिसर्चर मिलकर काम की रफ्तार धीमी करने की मांग कर रहे हैं।

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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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