सड़क पर आने वाले गड्ढों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेंलीजेंस सिस्टम काम करता है।
Photo Credit: Pexels/Sephina Cornwall
सड़क पर गड्ढों से सफर खराब हो जाता है।
आप अपने घर से बाइक, स्कूटी या कार में ऑफिस या कहीं घूमने के लिए जाएं और सड़क पर गड्ढे मिल जाएं तो इससे सफर में परेशानी होती है और मूड खराब हो जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि आम इंसान अक्सर यह पता नहीं लगा पता है इससे छुटकारा कैसे पाया जाए और इसके लिए जिम्मेदार से शिकायत कैसे की जाए? मगर बेंगलुरु के एक इंजीनियर ने अब इसके एक संभावित समाधान निकाला है। दरअसल इंजीनियर ने डैशकैम, आर्टिफिशियल और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स के डेटाबेस की मदद से एक सिस्टम तैयार किया है जो कि सड़क पर गड्ढों की पहचान करता है और उसके लिए जिम्मेदार कॉन्ट्रैक्टर की पहचान करता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
गौरव सेन ने ChatGPT इंडिया के साथ मिलकर इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में इस सिस्टम के बारे में बताया। उसके बाद यह वीडियो X पर शेयर किया गया, जहां लोगों ने जमकर इसे पसंद किया और अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी। वीडियो वायरल हुआ था तो लोगों ने उनकी तारीफ की और उन्होंने एक ऐसी परेशानी पर काम किया, जिससे देश भर के वाहन चालक प्रभावित हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का यह भी सुझाव है कि सिविक अधिकारी खराब सड़कों की पहचान करने और मरम्मत का काम तेजी से करने के लिए इस प्रकार के सिस्टम का इस्तेमाल कर सकते हैं।
कैसे काम करता है सिस्टम
यह सिस्टम गाड़ी चलाते हुए जानकारी इकट्ठा करने के लिए डैशकैम, जीपीएस और एक्सेलेरोमीटर का इस्तेमाल करता है।
अलग-अलग साइज के गड्ढों की पहचान करने के लिए AI विजन मॉडल का उपयोग करके फुटेज को प्रोसेस किया जाता है।
इस सिस्टम के लिए ऐप बनाने के लिए Codex का इस्तेमाल किया, जो जरूरी डेटा रिकॉर्ड करता है और उसे OpenAI को भेजता है।
यह सिस्टम ऐसे गड्ढों की भी पहचान कर सकता है जिनकी दूर से पहचान मुश्किल होती है, क्योंकि दूर से उनका आकार पता नहीं चलता है और कई बार तो स्पीड ब्रेकर जैसे नजर आते हैं।
ऐप 2,900 सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स को देख सकता है और उस सड़क की खराबी के लिए जिम्मेदार कॉन्ट्रैक्टर की पहचान कर सकता है।
यह ऐप 4 सेकंड के अंदर एक उचित रिकॉर्ड बना सकता है, जिसमें सड़क की फोटो, सही लोकेशन, टेंडर नंबर और सड़क के लिए जिम्मेदार अधिकारी की जानकारी शामिल होती है।
अगर सड़क अभी वारंटी के दायरे में होती है तो कॉन्ट्रैक्टर अपने खर्च पर ही उसे ठीक कर सकता है।
सेन ने खुद इस सिस्टम को असली स्थिति में आजमा कर देखा और सिस्टम ने ठीक काम किया।
इस सिस्टम ने रास्ते में 12 गड्ढों का पता लगाया और उन्हें ऐसे सबूत दिए जिनका उपयोग सिविक अधिकारियों से शिकायत करने के लिए किया जा सकता है।
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