Apple Watch अब बताएगी नींद में सांस रुकने की समस्या, भारत में आया नया फीचर

Apple ने भारत में Apple Watch और AirPods Pro के लिए नए हेल्थ फीचर्स रोलआउट किए हैं। अब Apple Watch स्लीप एपनिया के संकेत पहचान सकेगी, जबकि AirPods Pro में Hearing Test फीचर मिलेगा।

Apple Watch अब बताएगी नींद में सांस रुकने की समस्या, भारत में आया नया फीचर

Photo Credit: Apple

Apple Watch और AirPods Pro में भारत में आए नए हेल्थ फीचर्स

ख़ास बातें
  • Apple Watch अब स्लीप एपनिया के संकेत पहचान सकेगी
  • AirPods Pro में Hearing Test फीचर भारत में शुरू हुआ
  • यूजर्स हेल्थ रिपोर्ट डॉक्टर के साथ शेयर कर सकेंगे
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Apple ने भारत में अपने वियरेबल डिवाइसेज के लिए नए हेल्थ फीचर्स रोलआउट किए हैं। कंपनी अब Apple Watch में Sleep Apnoea Notifications और AirPods Pro 2 व AirPods Pro 3 में Hearing Test फीचर दे रही है। Apple के मुताबिक इन फीचर्स का मकसद ऐसी हेल्थ समस्याओं की पहचान करने में मदद करना है, जिनका पता अक्सर लंबे समय तक नहीं चल पाता। कंपनी का कहना है कि Sleep Apnoea और सुनने से जुड़ी समस्याएं दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही हैं और शुरुआती स्तर पर इनकी पहचान काफी जरूरी होती है।

Apple ने Sleep Apnoea को लेकर नया "Breathing Disturbances" फीचर भी पेश किया है। कंपनी के मुताबिक यह फीचर Apple Watch में मौजूद एक्सेलेरोमीटर की मदद से नींद के दौरान सांस लेने के पैटर्न को मॉनिटर करता है। वॉच कलाई में होने वाली छोटे स्तर की मूवमेंट्स को ट्रैक करके यह समझने की कोशिश करती है कि यूजर की सांस लेने की प्रक्रिया सामान्य है या उसमें रुकावट आ रही है।

Apple का कहना है कि Apple Watch 30 दिनों के डेटा को एनालाइज करती है। अगर सिस्टम को लगातार मॉडरेट यासीवियर स्लीप एपनिया जैसे संकेत दिखाई देते हैं, तो यूजर को नोटिफिकेशन भेजा जाता है। इसके बाद यूजर Health ऐप से PDF रिपोर्ट भी एक्सपोर्ट कर सकते हैं। इस रिपोर्ट में पिछले तीन महीनों का ब्रीदिंग डिस्टर्बेंस डेटा, संभावित स्लीप एपनिया घटनाएं और दूसरी जरूरी जानकारी शामिल होती है, जिसे डॉक्टर के साथ शेयर किया जा सकता है।

Apple के मुताबिक इस फीचर के पीछे इस्तेमाल किया गया एल्गोरिदम मशीन लर्निंग तकनीक पर आधारित है। कंपनी का दावा है कि इसे क्लिनिकल-ग्रेड स्लीप टेस्ट डेटा की मदद से ट्रेन किया गया है। इसके अलावा बड़े स्तर पर क्लिनिकल स्टडी के जरिए भी इसे टेस्ट किया गया, जहां एल्गोरिदम द्वारा फ्लैग किए गए सभी लोगों में कम से कम हल्के स्तर के स्लीप एपनिया की पुष्टि हुई।

कंपनी का कहना है कि Breathing Disturbances फीचर सिर्फ स्लीप एपनिया की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा। इसकी मदद से यूजर्स अपनी नींद की ओवरऑल क्वालिटी और आराम के स्तर को भी ट्रैक कर पाएंगे। Apple के मुताबिक शराब, दवाइयों और सोने की पोजिशन जैसी चीजें भी ब्रीदिंग डिस्टर्बेंसेज को प्रभावित कर सकती हैं। यूजर्स Health ऐप में एक महीने, छह महीने और एक साल तक का डेटा "elevated" और "not elevated" कैटेगरी में देख सकेंगे।

इसके साथ ही Apple ने भारत में AirPods Pro 2 और AirPods Pro 3 के लिए Hearing Test फीचर भी शुरू किया है। कंपनी के मुताबिक यह फीचर सुनने की क्षमता की जांच करने में मदद करेगा। यूजर्स अपनी हियरिंग रिपोर्ट को Health ऐप के जरिए डॉक्टर के साथ शेयर भी कर सकेंगे।

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नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
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