Digital Governance

Digital Governance - ख़बरें

  • India Census 2027: शुरू हो रही जनगणना, ऑनलाइन फॉर्म से लेकर जरूरी तारीखों तक, यहां समझें सबकुछ
    भारत की Census 2027 पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें self-enumeration का नया फीचर जोड़ा गया है। इसके जरिए नागरिक खुद ऑनलाइन अपनी फैमिली और पर्सनल डिटेल्स भर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया तेज और सटीक बनती है। यह सुविधा अप्रैल 2026 से Phase I के तहत अलग-अलग राज्यों में शुरू होगी। जनगणना दो चरणों में होगी, जिसमें पहले घर और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी और दूसरे चरण में व्यक्ति से जुड़ी डिटेल्स ली जाएंगी। सरकार के मुताबिक सभी डेटा सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड रहेगा।
  • सेट-टॉप बॉक्स के बिना देखें TV चैनल, डायरेक्ट होगा कनेक्शन, जानें क्या है सरकार का MyWAVES
    केंद्र सरकार ने मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर के लिए तीन नए इनिशिएटिव लॉन्च किए हैं, जिनमें AI स्किलिंग प्रोग्राम, MyWAVES प्लेटफॉर्म और DD Free Dish के लिए बिना सेट-टॉप बॉक्स एक्सेस शामिल है। Google और YouTube के साथ मिलकर शुरू किया गया AI प्रोग्राम लोगों को नई तकनीक सिखाने पर फोकस करेगा। वहीं MyWAVES एक यूजर जनरेटेड कंटेंट प्लेटफॉर्म है, जहां क्रिएटर्स अपने वीडियो अपलोड कर सकेंगे। इसके अलावा DD Free Dish के नए फीचर से ज्यादा लोगों को टीवी सेवाओं तक पहुंच मिल सकेगी, खासकर दूरदराज के इलाकों में।
  • घर पर मिलेगी कार मैकेनिक से लेकर, पेंटर, AC और बढ़ई की सर्विस, सरकार की ये ऐप दे रही सबकुछ
    Sewa Mitra ऐप में एसी रिपेयर, आरओ सर्विस, पेस्ट कंट्रोल, क्लीनिंग और पेंटिंग समेत कई प्रकार की सर्विस प्रदान की जाती हैं। यह ऐप उन यूजर्स के लिए डिजाइन की गई है जिन्हें तुरंत और बेहतर घरेलू सर्विस की जरूरत होती है। यह श्रमिकों को पंजीकरण करके सर्विस प्रदान करने की सुविधा देती है। इस ऐप को सरकार द्वारा लाया गया है।
  • Bharat Taxi यूज करने वालों के लिए अच्छी खबर, Paytm के साथ पेमेंट हो गया है डिजिटल!
    Paytm ने सरकार समर्थित राइड हेलिंग प्लेटफॉर्म Bharat Taxi के साथ MoU साइन किया है, जिसके तहत कंपनी अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विसेस को Bharat Taxi ऐप में इंटीग्रेट करेगी। यात्रियों को UPI के जरिए इन ऐप पेमेंट के साथ QR कोड, Soundbox और कार्ड मशीन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। Bharat Taxi को 5 फरवरी 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने लॉन्च किया था। यह को ऑपरेटिव मॉडल पर आधारित प्लेटफॉर्म है, जहां ड्राइवरों से कमीशन नहीं लिया जाता। यह पहल Ola, Uber और Rapido जैसे निजी प्लेटफॉर्म्स को सीधी चुनौती देती है।
  • AI से कंटेंट बनाने वाले सावधान! डीपफेक और AI वीडियो पर भारत सरकार की लगाम, यहां पढ़ें नए नियम
    सरकार ने Information Technology Rules में संशोधन कर AI-जनरेटेड कंटेंट को औपचारिक रूप से रेगुलेट किया है। 20 फरवरी से लागू होने वाले IT Rules 2026 के तहत “synthetically generated information” की परिभाषा तय की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब AI से बने कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा और यूजर्स से इसकी घोषणा भी लेनी होगी। टेकेडाउन और शिकायत निपटान की समयसीमा को काफी कम कर दिया गया है, जिसमें कुछ मामलों में कंटेंट हटाने का समय 2 घंटे तक सीमित किया गया है।
  • गुजरात के स्कूलों, अस्पतालों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगा सैटेलाइट इंटरनेट, सरकार और Starlink में साझेदारी
    गुजरात सरकार ने राज्य में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए Starlink के साथ Letter of Intent साइन किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मुताबिक, इस समझौते का मकसद रिमोट, बॉर्डर और ट्राइबल इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराना है, जहां टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सीमित है। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, ई गवर्नेंस और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसी सेवाओं की डिजिटल पहुंच बेहतर होगी। LoI को लागू करने के लिए राज्य सरकार और Starlink के साथ एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप भी बनाया जाएगा।
  • कहीं से भी ऑनलाइन बदलें Aadhaar का मोबाइल नंबर, 28 जनवरी को लॉन्च होगा नया फीचर
    UIDAI आधार धारकों के लिए मोबाइल नंबर अपडेट की प्रक्रिया को और आसान करने की तैयारी कर रहा है। नया फीचर 28 जनवरी 2026 को लॉन्च किया जाएगा, जिसके तहत यूजर्स कभी भी और कहीं से भी आधार से लिंक मोबाइल नंबर अपडेट कर सकेंगे। इसका मकसद फिजिकल एनरोलमेंट सेंटर्स पर निर्भरता कम करना और आधार सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाना है। आधार से जुड़ा वैध मोबाइल नंबर OTP वेरिफिकेशन, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी होता है। UIDAI का कहना है कि इस बदलाव से डिजिटल सेवाएं ज्यादा स्मूद और यूजर-फ्रेंडली बनेंगी।
  • ये सरकारी ऐप दे रही फ्री स्किल कोर्स, नौकरी भी कर पाएंगे सर्च, सब कुछ मिलेगा बिलकुल मुफ्त, जानें कैसे
    भारत में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) भारत के नागरिकों के लिए नौकरी और स्किल कोर्स के लिए Skill India Digital Hub ऐप की पेशकश करता है। सरकार की इस ऐप के जरिए आप आसानी से फ्री में मौजूद कोर्स के जरिए अपने स्किल को अपग्रेड कर सकते हैं और कई नौकरियों के विकल्प भी देख सकते हैं। आइए जानते हैं कि आप कैसे इस ऐप के डाउनलोड कर सकते हैं, रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
  • UPI के यूजर्स की संख्या हो सकती है दोगुनीः RBI
    UPI को ऑपरेट करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के प्रमोटर्स में RBI शामिल है। भारत में कुल डिजिटल ट्रांजैक्शंस में UPI की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत स अधिक की है। दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश है। विदेश में भी कुछ देशों में इस पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • क्या है भारत का चिप वाला E-Passport और इसके लिए कैसे करें अप्लाई? यहां जानें सब कुछ
    भारत ने Passport Seva Programme V2.0 के तहत ई-पासपोर्ट की शुरुआत कर दी है, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और ग्लोबल-स्टैंडर्ड ट्रैवल डॉक्यूमेंट मिलेगा। नया ई-पासपोर्ट RFID चिप और एंटीना के साथ आता है, जिसमें धारक के बायोमेट्रिक और पर्सनल डिटेल्स ICAO स्टैंडर्ड के अनुसार स्टोर रहती हैं। आवेदन का प्रोसेस पहले जैसा ही है - Passport Seva पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन फॉर्म, फीस पेमेंट और नजदीकी सेंटर पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन। मौजूदा पासपोर्ट उनकी एक्सपायरी तक मान्य रहेंगे, जबकि आगे से सभी नए पासपोर्ट स्वचालित रूप से ई-पासपोर्ट के रूप में जारी किए जाएंगे।
  • स्मार्टफोन्स में प्री-इंस्टॉल्ड नहीं होगा Sanchar Saathi ऐप, सरकार ने वापस लिया ऑर्डर
    विपक्षी दलों ने सरकार के इस आदेश का कड़ा विरोध किया था। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कहा था कि इससे नागरिकों के प्राइवेसी से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन होगा और इस ऐप का इस्तेमाल लोगों की जासूसी करने के लिए हो सकता है। हालांकि, इस विवाद के बाद टेलीकॉम मिनिस्टर Jyotiraditya Scindia ने बताया था कि स्मार्टफोन्स में इस ऐप को डिलीट किया जा सकेगा।
  • UPI ट्रांजैक्शंस ने बनाया रिकॉर्ड, 27 लाख करोड़ से अधिक की वैल्यू
    भारत में सभी डिजिटल ट्रांजैक्शंस में UPI की हिस्सेदारी लगभग 85 प्रतिशत की है। दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश है। विदेश में भी सात देशों में इस पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन देशों में भूटान, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, श्रीलंका, फ्रांस और सिंगापुर शामिल हैं।
  • क्रिप्टोकरेंसी को अदालत ने माना प्रॉपर्टी, इनवेस्टर्स को हो सकता है फायदा
    मद्रास हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि Bitcoin, Ethereum और XRP जैसे क्रिप्टो टोकन्स का मालिकाना हक हो सकता है और इन्हें ट्रांसफर किया जा सकता है। यह पहली बार है कि जब देश में किसी कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसी को प्रत्यक्ष तौर पर प्रॉपर्टी के एक प्रकार के तौर पर वर्गीकृत किया है। इससे ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स को ट्रांजैक्शंस और विवाद के निपटारे के लिए एक कानूनी आधार मिलेगा।
  • फाइनेंशियल फ्रॉड की चेतावनी देने के लिए ऑनलाइन पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा RBI
    RBI ने कहा कि यह देश के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने और फिनटेक इकोसिस्टम की सुरक्षा और विश्वसनीयता को बढ़ाने के प्रयास का हिस्सा है। RBI एक पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म को तैयार कर रहा है जिससे फ्रॉड वाली ट्रांजैक्शंस की रियल टाइम में पहचान कर उन्हें रोका जा सकेगा। केंद्र सरकार की योजना RBI की गारंटी वाली एक डिजिटल करेंसी को लॉन्च करने की है।
  • UPI से पेमेंट्स हुई आसान, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की मिलेगी सुविधा
    NPCI ने बताया है कि इससे यूजर्स को UPI के जरिए ट्रांजैक्शंस को फेस या फिंगरप्रिंट के जरिए ऑथेंटिकेट करने की अनुमति मिलेगी और उन्हें छह डिजिट के PIN का इस्तेमाल नहीं करना होगा। हालांकि, UPI के जरिए पेमेंट्स को ऑथेंटिकेट करने के लिए PIN के इस्तेमाल के मौजूदा तरीके की भी अनुमति होगी। इस नए फीचर को Global Fintech Fest में लॉन्च किया है।

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