Digital Governance

Digital Governance - ख़बरें

  • AI से कंटेंट बनाने वाले सावधान! डीपफेक और AI वीडियो पर भारत सरकार की लगाम, यहां पढ़ें नए नियम
    सरकार ने Information Technology Rules में संशोधन कर AI-जनरेटेड कंटेंट को औपचारिक रूप से रेगुलेट किया है। 20 फरवरी से लागू होने वाले IT Rules 2026 के तहत “synthetically generated information” की परिभाषा तय की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब AI से बने कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा और यूजर्स से इसकी घोषणा भी लेनी होगी। टेकेडाउन और शिकायत निपटान की समयसीमा को काफी कम कर दिया गया है, जिसमें कुछ मामलों में कंटेंट हटाने का समय 2 घंटे तक सीमित किया गया है।
  • गुजरात के स्कूलों, अस्पतालों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगा सैटेलाइट इंटरनेट, सरकार और Starlink में साझेदारी
    गुजरात सरकार ने राज्य में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए Starlink के साथ Letter of Intent साइन किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मुताबिक, इस समझौते का मकसद रिमोट, बॉर्डर और ट्राइबल इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराना है, जहां टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सीमित है। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, ई गवर्नेंस और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसी सेवाओं की डिजिटल पहुंच बेहतर होगी। LoI को लागू करने के लिए राज्य सरकार और Starlink के साथ एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप भी बनाया जाएगा।
  • कहीं से भी ऑनलाइन बदलें Aadhaar का मोबाइल नंबर, 28 जनवरी को लॉन्च होगा नया फीचर
    UIDAI आधार धारकों के लिए मोबाइल नंबर अपडेट की प्रक्रिया को और आसान करने की तैयारी कर रहा है। नया फीचर 28 जनवरी 2026 को लॉन्च किया जाएगा, जिसके तहत यूजर्स कभी भी और कहीं से भी आधार से लिंक मोबाइल नंबर अपडेट कर सकेंगे। इसका मकसद फिजिकल एनरोलमेंट सेंटर्स पर निर्भरता कम करना और आधार सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाना है। आधार से जुड़ा वैध मोबाइल नंबर OTP वेरिफिकेशन, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी होता है। UIDAI का कहना है कि इस बदलाव से डिजिटल सेवाएं ज्यादा स्मूद और यूजर-फ्रेंडली बनेंगी।
  • ये सरकारी ऐप दे रही फ्री स्किल कोर्स, नौकरी भी कर पाएंगे सर्च, सब कुछ मिलेगा बिलकुल मुफ्त, जानें कैसे
    भारत में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) भारत के नागरिकों के लिए नौकरी और स्किल कोर्स के लिए Skill India Digital Hub ऐप की पेशकश करता है। सरकार की इस ऐप के जरिए आप आसानी से फ्री में मौजूद कोर्स के जरिए अपने स्किल को अपग्रेड कर सकते हैं और कई नौकरियों के विकल्प भी देख सकते हैं। आइए जानते हैं कि आप कैसे इस ऐप के डाउनलोड कर सकते हैं, रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
  • UPI के यूजर्स की संख्या हो सकती है दोगुनीः RBI
    UPI को ऑपरेट करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के प्रमोटर्स में RBI शामिल है। भारत में कुल डिजिटल ट्रांजैक्शंस में UPI की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत स अधिक की है। दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश है। विदेश में भी कुछ देशों में इस पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • क्या है भारत का चिप वाला E-Passport और इसके लिए कैसे करें अप्लाई? यहां जानें सब कुछ
    भारत ने Passport Seva Programme V2.0 के तहत ई-पासपोर्ट की शुरुआत कर दी है, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और ग्लोबल-स्टैंडर्ड ट्रैवल डॉक्यूमेंट मिलेगा। नया ई-पासपोर्ट RFID चिप और एंटीना के साथ आता है, जिसमें धारक के बायोमेट्रिक और पर्सनल डिटेल्स ICAO स्टैंडर्ड के अनुसार स्टोर रहती हैं। आवेदन का प्रोसेस पहले जैसा ही है - Passport Seva पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन फॉर्म, फीस पेमेंट और नजदीकी सेंटर पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन। मौजूदा पासपोर्ट उनकी एक्सपायरी तक मान्य रहेंगे, जबकि आगे से सभी नए पासपोर्ट स्वचालित रूप से ई-पासपोर्ट के रूप में जारी किए जाएंगे।
  • स्मार्टफोन्स में प्री-इंस्टॉल्ड नहीं होगा Sanchar Saathi ऐप, सरकार ने वापस लिया ऑर्डर
    विपक्षी दलों ने सरकार के इस आदेश का कड़ा विरोध किया था। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कहा था कि इससे नागरिकों के प्राइवेसी से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन होगा और इस ऐप का इस्तेमाल लोगों की जासूसी करने के लिए हो सकता है। हालांकि, इस विवाद के बाद टेलीकॉम मिनिस्टर Jyotiraditya Scindia ने बताया था कि स्मार्टफोन्स में इस ऐप को डिलीट किया जा सकेगा।
  • UPI ट्रांजैक्शंस ने बनाया रिकॉर्ड, 27 लाख करोड़ से अधिक की वैल्यू
    भारत में सभी डिजिटल ट्रांजैक्शंस में UPI की हिस्सेदारी लगभग 85 प्रतिशत की है। दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश है। विदेश में भी सात देशों में इस पेमेंट सर्विस का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन देशों में भूटान, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, श्रीलंका, फ्रांस और सिंगापुर शामिल हैं।
  • क्रिप्टोकरेंसी को अदालत ने माना प्रॉपर्टी, इनवेस्टर्स को हो सकता है फायदा
    मद्रास हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि Bitcoin, Ethereum और XRP जैसे क्रिप्टो टोकन्स का मालिकाना हक हो सकता है और इन्हें ट्रांसफर किया जा सकता है। यह पहली बार है कि जब देश में किसी कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसी को प्रत्यक्ष तौर पर प्रॉपर्टी के एक प्रकार के तौर पर वर्गीकृत किया है। इससे ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स को ट्रांजैक्शंस और विवाद के निपटारे के लिए एक कानूनी आधार मिलेगा।
  • फाइनेंशियल फ्रॉड की चेतावनी देने के लिए ऑनलाइन पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा RBI
    RBI ने कहा कि यह देश के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने और फिनटेक इकोसिस्टम की सुरक्षा और विश्वसनीयता को बढ़ाने के प्रयास का हिस्सा है। RBI एक पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म को तैयार कर रहा है जिससे फ्रॉड वाली ट्रांजैक्शंस की रियल टाइम में पहचान कर उन्हें रोका जा सकेगा। केंद्र सरकार की योजना RBI की गारंटी वाली एक डिजिटल करेंसी को लॉन्च करने की है।
  • UPI से पेमेंट्स हुई आसान, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की मिलेगी सुविधा
    NPCI ने बताया है कि इससे यूजर्स को UPI के जरिए ट्रांजैक्शंस को फेस या फिंगरप्रिंट के जरिए ऑथेंटिकेट करने की अनुमति मिलेगी और उन्हें छह डिजिट के PIN का इस्तेमाल नहीं करना होगा। हालांकि, UPI के जरिए पेमेंट्स को ऑथेंटिकेट करने के लिए PIN के इस्तेमाल के मौजूदा तरीके की भी अनुमति होगी। इस नए फीचर को Global Fintech Fest में लॉन्च किया है।
  • क्रिप्टो मार्केट पर सख्ती कर सकती है सरकार, RBI के सपोर्ट वाली डिजिटल करेंसी होगी लॉन्च
    कॉमर्स मिनिस्टर Piyush Goyal ने कहा है कि प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसीज को सरकार की ओर से सपोर्ट नहीं किया जाता क्योंकि इनके साथ एसेट की कोई वैल्यू नहीं जुड़ी होती। उन्होंने बताया कि क्रिप्टोकरेंसीज पर बैन नहीं लगाया गया है लेकिन अधिक टैक्स लगातार इनके इस्तेमाल को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है। क्रिप्टो इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह रेगुलेटरी सख्ती बढ़ने का संकेत हो सकता है।
  • ऑनलाइन गेमिंग ने कई लोगों को बर्बाद कियाः प्रधानमंत्री मोदी  
    ऑनलाइन मनी गेमिंग के कारण कर्ज और आत्महत्या के मामलों का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग एक्ट एक बड़ा फैसला है। उनका कहना था, "ऑनलाइन गेम्स से हमारे छात्रों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग इससे कर्ज में फंस रहे हैं और कुछ लोगों ने आत्महत्या भी की है।" उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेम्स से जुड़ी वित्तीय मुश्किलों की वजह से कई परिवार तबाह हुए हैं।
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर सरकार के बैन को मिली पहली कानूनी चुनौती
    पिछले सप्ताह ऑनलाइन गेमिंग को चलाने और इनके विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने से जुड़ा बिल संसद के दोनों सदनों में पारित किया गया था। यह कानून इस इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका है। इस बैन को गेमिंग फर्म A23 ने अदालत में चुनौती दी है। इस सप्ताह की शुरुआत में देश के चुनिंदा गेम डिवेलपर्स और पब्लिशर्स ने एक एसोसिएशन बनाने की जानकारी दी थी।
  • ऑनलाइन मनी गेमिंग पर बैन के खिलाफ कोर्ट जा सकती हैं बड़ी गेमिंग कंपनियां
    Dream 11 और Gameskraft सहित कुछ ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां इस बैन के खिलाफ केंद्र सरकार को कोर्ट में खींच सकती हैं। इस बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ये कंपनियां अपने लॉयर्स के साथ बातचीत कर रही हैं। एक सूत्र ने कहा कि ये व्यक्तिगत तौर पर याचिकाएं दायर करने या एक फेडरेशन के तौर पर कोर्ट में जाने के विकल्पों पर विचार कर रही हैं।

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