Artificial Intelligence Tools

Artificial Intelligence Tools - ख़बरें

  • इस स्टार्टअप का AI आपके काम नहीं आया तो मिलेंगे 95 करोड़ रुपये!
    AI स्टार्टअप Cognition ने अपने AI एजेंट Devin के लिए नई "AI Productivity Guarantee" पेश की है। कंपनी का कहना है कि अगर Devin ग्राहकों को उनके खर्च के बराबर इंजीनियरिंग वैल्यू नहीं दे पाता है तो वह 10 मिलियन डॉलर (करीब 95.36 करोड़ रुपये) तक के क्रेडिट दे सकती है। इसके लिए कंपनी ने एक AI Estimator सिस्टम तैयार किया है, जो यह आकलन करता है कि Devin द्वारा पूरा किए गए कार्यों को किसी मानव इंजीनियर को करने में कितना समय लगता। Cognition का कहना है कि उसका फोकस टोकन उपयोग की बजाय वास्तविक उत्पादकता पर है। हालांकि उत्पादकता के मूल्यांकन की प्रक्रिया को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
  • भारत में AI फोटो का क्रेज बेकाबू! ChatGPT Images 2.0 ने पार किया 1 अरब का आंकड़ा
    OpenAI के सीईओ Sam Altman ने खुलासा किया है कि भारत में यूजर्स ChatGPT Images 2.0 के जरिए 1 अरब से ज्यादा AI इमेज बना चुके हैं। कंपनी ने हाल ही में भारत को ChatGPT Images 2.0 का सबसे बड़ा ग्लोबल मार्केट भी बताया था। OpenAI के मुताबिक भारतीय यूजर्स इस टूल का इस्तेमाल एनीमे स्टाइल फोटो, सिनेमैटिक एडिट्स, फेक न्यूजपेपर डिजाइन और फैशन मूड बोर्ड जैसे क्रिएटिव कंटेंट बनाने के लिए कर रहे हैं। कंपनी का कहना है कि नया मॉडल पहले के मुकाबले ज्यादा सटीक इमेज जनरेट कर सकता है और हिंदी व बंगाली जैसी भाषाओं को भी बेहतर सपोर्ट करता है।
  • AI कर रहा है 'भेजा फ्राई'? ज्यादा AI टूल्स का यूज आपके लिए खतरा! नई स्टडी में दावा
    वर्कप्लेस पर AI टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और कई कर्मचारी एक साथ कई AI सिस्टम का यूज कर रहे हैं। हालांकि एक नई स्टडी में सामने आया है कि लगातार इन टूल्स को मॉनिटर और मैनेज करना मानसिक थकान पैदा कर सकता है, जिसे “AI Brain Fry” कहा गया है। Harvard Business Review में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक कुछ कर्मचारियों को ध्यान लगाने में कठिनाई, निर्णय लेने में देरी और सिरदर्द जैसी समस्याएं महसूस हुईं। स्टडी यह भी बताती है कि जिन कर्मचारियों पर AI टूल्स की निगरानी का दबाव ज्यादा होता है, उनमें निर्णय थकान और गलतियों की संभावना भी बढ़ सकती है।
  • फ्री में चलाएं Rs 4,800 का ChatGPT प्रीमियम सब्सक्रिप्शन, यहां देखें पूरी गाइड
    AI की दुनिया में पिछले कुछ सालों में ChatGPT ने जितनी तेजी से अपनी पहचान बनाई है, उतना शायद ही किसी दूसरे टूल ने किया हो। अब OpenAI ने भारत के यूजर्स के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने अपने मिड-लेवल सब्सक्रिप्शन प्लान ChatGPT Go को पूरे एक साल के लिए फ्री कर दिया है। यानी अब यूजर्स बिना किसी चार्ज के ChatGPT के एडवांस फीचर्स का फायदा उठा पाएंगे। यह ऑफर 4 नवंबर 2025 से शुरू हुआ है और सीमित समय के लिए भारत के सभी नए यूजर्स को उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • 10 लाख ChatGPT यूजर्स ने की आत्महत्या जैसी बातें, ChatGPT की इस रिपोर्ट ने डरा डाला!
    AI चैटबॉट ChatGPT को लेकर OpenAI की एक नई रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। कंपनी के मुताबिक, दुनिया भर में लाखों लोग ChatGPT से सिर्फ काम या पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि मानसिक या इमोशनल हेल्थ से जुड़ी बातें करने के लिए भी बात कर रहे हैं। इस रिपोर्ट में सामने आया है कि हर हफ्ते करीब 0.07% यूजर्स मेंटल इमर्जेंसी (जैसे डिप्रेशन, सायकोसिस या आत्महत्या के विचार) दिखाते हैं। OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने बताया कि प्लेटफॉर्म के 800 मिलियन (80 करोड़) वीकली यूजर्स हैं, यानी यह संख्या लाखों में है।
  • Exam की तैयारी में AI का कैसे करें इस्तेमाल, मुश्किल काम होगा आसान
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए आप आसानी से एग्जाम की तैयारी कर सकते हैं। आमतौर पर छात्रों को पूरे साल की पढ़ाई के बाद एग्जाम बड़ी चुनौती लगते हैं। छात्रों को रातों को जागकर भी एग्जाम की तैयारी करनी होती है, लेकिन अब एआई इस काम में मदद कर सकता है और मुश्किल को आसान बना सकता है। एडवांस AI चैटबॉट के जरिए आप नोट्स से कई प्रकार के आउटपुट पा सकते हैं। साथ ही साथ उन्हें फोटो, चार्ट और अन्य विजुअल तरीकों में बदल सकते हैं।
  • AI से चाहिए सटीक रिजल्ट तो OpenAI के प्रेसिडेंट के ये टिप्स आएंगे काम
    OpenAI के प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन ने हाल ही में AI प्रॉम्प्ट तैयार करने के लिए एक प्रभावी तरीका साझा किया है जो रिस्पॉन्स की सटीकता को काफी बढ़ाता है। यह तरीका यह सुनिश्चित करता है कि AI अनुरोध को साफ तौर पर समझता है और आउटपुट क्वालिटी में सुधार करता है। इस तरीके को फॉलो करके यूजर्स एआई जनरेटेड रिजल्ट की एफिशिएंसी और प्रासंगिगकता को अधिकतम कर सकते हैं।

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