Artemis Missions

Artemis Missions - ख़बरें

  • Artemis II: चांद मिशन में क्या खाएंगे एस्ट्रोनॉट? फ्रिज नहीं, ताजा खाना नहीं... NASA ने बताया पूरा सिस्टम
    NASA के Artemis II मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के लिए खास फूड सिस्टम तैयार किया गया है, जिसमें ताजा खाना शामिल नहीं है। Orion स्पेसक्राफ्ट में रेफ्रिजरेशन और रिसप्लाई की सुविधा न होने के कारण सभी फूड आइटम्स को पहले से शेल्फ-स्टेबल बनाया जाता है। इस सिस्टम में ready-to-eat, rehydratable और thermostabilized फूड शामिल होते हैं, जिन्हें माइक्रोग्रैविटी में आसानी से खाया जा सके। NASA के मुताबिक खाने को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह सुरक्षित रहे, क्रम्स न बने और कम जगह घेरे। यह पूरा सिस्टम एस्ट्रोनॉट्स की सेहत और मिशन की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है।
  • चांद मिशन में भी Microsoft Outlook ने दिया धोखा! एस्ट्रोनॉट ने लाइव स्ट्रीम में मांगी मदद
    NASA के Artemis II मिशन के दौरान Orion स्पेसक्राफ्ट में एक सॉफ्टवेयर गड़बड़ी सामने आई, जब एक एस्ट्रोनॉट ने लाइवस्ट्रीम के दौरान Microsoft Outlook के काम न करने की शिकायत की। कमांडर Reid Wiseman ने बताया कि सिस्टम में Outlook के दो वर्जन चल रहे थे और दोनों ही काम नहीं कर रहे थे। Mission Control ने रिमोट एक्सेस के जरिए इस समस्या को जांचा और बाद में बताया कि Outlook को “offline” मोड में चलाया जा सकता है। यह घटना दिखाती है कि अंतरिक्ष मिशनों में भी रोजमर्रा के कमर्शियल सॉफ्टवेयर इस्तेमाल होते हैं और उनमें आम तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं।
  • Artemis II लॉन्च: 50 साल बाद इंसानों का 10 दिन का मून मिशन शुरू, यहां समझें पूरा प्लान
    NASA ने Artemis II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है, जो 1972 के बाद पहली बार इंसानों को चांद के आसपास ले जाने वाला मिशन है। यह मिशन चांद पर लैंड नहीं करेगा, बल्कि Orion कैप्सूल “free-return trajectory” पर चांद के चारों ओर घूमकर वापस पृथ्वी पर आएगा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भविष्य के चांद मिशन्स के लिए जरूरी सिस्टम्स और टेक्नोलॉजी को टेस्ट करना है। मिशन करीब 10 दिनों तक चलेगा और इसमें क्रू स्पेसक्राफ्ट की परफॉर्मेंस, सेफ्टी और डीप स्पेस ऑपरेशन्स को जांचेगा।
  • Artemis II Launch: जानें NASA के SLS रॉकेट की ताकत, जिससे आज शुरू होगा नया Moon मिशन
    NASA का Artemis II मिशन लॉन्च के करीब है और इसे 1 अप्रैल 2026 (US टाइम) के लिए टारगेट किया गया है। यह मिशन 50 साल से ज्यादा समय बाद इंसानों को चंद्रमा के आसपास ले जाएगा। इसमें चार अंतरिक्ष यात्री Orion spacecraft के जरिए डीप स्पेस में जाएंगे। लॉन्च Kennedy Space Center से Space Launch System रॉकेट के साथ होगा। भारत में यह लॉन्च 2 अप्रैल को तड़के करीब 3:54 बजे (अनुमानित) देखा जा सकता है।
  • 53 साल बाद इंसान फिर चांद की ओर! NASA ने शुरू की उलटी गिनती, जानें क्या है Artemis II मिशन
    NASA ने Artemis II मिशन के लिए काउंटडाउन शुरू कर दिया है, जो करीब 53 साल बाद इंसानों को चांद की ओर ले जाएगा। यह मिशन Space Launch System रॉकेट के जरिए लॉन्च होगा और इसमें चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे। मिशन में चांद पर लैंडिंग नहीं होगी, बल्कि यह एक फ्लाईबाय मिशन होगा, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद की कक्षा में जाकर वापस लौटेंगे। इससे पहले Apollo प्रोग्राम के तहत 1972 में आखिरी बार इंसान चांद पर गया था।
  • NASA के चांद मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के हाथ में होगा खास बैंड, जानें कैसे करेगा काम
    NASA का Artemis II मिशन 2 अप्रैल 2026 को लॉन्च होने वाला है, जो Apollo के बाद पहला crewed deep-space मिशन होगा। इस मिशन में चार astronauts चांद के आसपास यात्रा करेंगे। खास बात यह है कि इस बार “Archer” स्टडी के तहत astronauts रिस्टबैंड पहनेंगे, जो उनकी नींद, स्ट्रेस, मूवमेंट और टीमवर्क से जुड़ा डेटा रिकॉर्ड करेंगे। कंपनी के मुताबिक यह रिसर्च भविष्य के Moon और Mars मिशन के लिए अहम साबित हो सकती है, क्योंकि इससे डीप स्पेस में इंसानों के व्यवहार और हेल्थ पर पड़ने वाले असर को समझने में मदद मिलेगी।
  • सिकुड़ रही है चंद्रमा की धरती! NASA के Artemis मिशन में पड़ेगी खटाई? वैज्ञानिकों ने क्या कहा, जानें
    चंद्रमा की सतह में तेज हलचल पाई गई है और यहां पर भूकंपों की जबरदस्त संभावना है, जो भविष्य के चंद मिशनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि चंद्रमा पर टेक्टॉनिक प्लेटों की गतिविधि अनुमान से कहीं अधिक है और जितना सोचा गया था, उससे कहीं अधिक बड़े पैमाने पर फैली हुई है।
  • NASA के ऐतिहासिक Artemis II मिशन लॉन्च में होगी देरी! बताई वजह
    Artemis II मिशन को नासा ने मार्च तक के लिए टाल दिया है। चांद पर खोज का यह महत्वपूर्ण मिशन पहले 8 फरवरी को लॉन्च होने वाला था। नासा ने बताया कि उसने वेट ड्रेस रिहर्सल किया है। Space.com के अनुसार, यह ऐसा टेस्ट होता है जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के चारों ओर एक अभूतपूर्व पथ पर छोड़ देने के लिए विशाल रॉकेट सिस्टम का परीक्षण किया जाता है। नासा ने कहा कि ठंडे मौसम के कारण परीक्षण के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
  • चांद पर भेजें अपना नाम, NASA दे रहा है Free मौका, यहां जानें रजिस्टर करने का तरीका
    NASA अपने Artemis प्रोग्राम के तहत Artemis II मिशन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जो इंसानों को अब तक की सबसे दूर की मानव अंतरिक्ष यात्रा पर ले जाएगा। इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स चांद के चारों ओर 10 दिन की यात्रा करेंगे। NASA ने इस मिशन के साथ आम लोगों को भी जोड़ते हुए “Send Your Name with Artemis” पहल शुरू की है। 21 जनवरी तक नाम रजिस्टर करने पर यूजर्स को डिजिटल बोर्डिंग पास मिलेगा और उनका नाम Orion स्पेसक्राफ्ट के जरिए चांद तक जाएगा।
  • NASA आर्टिमिस (Artemis) मून मिशन के लिए इन 9 कंपनियों पर खर्च करेगी 2.10 अरब रुपये!
    नासा चांद पर अपना महत्वाकांक्षी मिशन भेजने की तैयारी कर रही है। इस मिशन का नाम Artemis मिशन है जिसमें नासा का साथ 9 और कंपनियां देंगी। नासा के Artemis मिशन में 9 कंपनियां शामिल होंगी जो एजेंसी की मदद इस मिशन के सफल होने में करेंगी। नासा ने इस कॉन्ट्रैक्ट के लिए 24 मिलियन डॉलर खर्च करने की योजना बनाई है।
  • चांद पर उड़ने वाला रोबोट भेजेगा चीन, करना क्‍या चाहता है? जानें
    चंद्रमा के लिए कई मिशन तैयार हो रहे हैं। अमेरिका आर्टिमिस मिशन भेजकर वहां दोबारा से इंसान को उतारना चाहता है, तो चीन एक रोबोटिक मिशन भेजने की योजना बना रहा है। ड्रैगन, चांद पर पानी की खोज करना चाहता है और उसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक स्मार्ट रोबोटिक ‘फ्लायर डिटेक्टर’ भेजने की योजना का खुलासा किया है।
  • क्‍या चांद पर दोबारा इंसान को भेज पाएगी Nasa? आर्टिमिस मिशन में हो रही देरी, जानें वजह
    नासा कई वर्षों से आर्टिमिस मिशन पर काम कर रही है। इसके तहत एक बार फ‍िर से इंसान को चांद पर भेजने की तैयारी है। 2022 में नासा ने आर्टिमिस मिशन के तहत ओरियन स्‍पेसक्राफ्ट को चांद के करीब तक भेजा था। हालांकि उसमें क्रू मौजूद नहीं था। कहा गया कि एजेंसी ने शुरुआती तैयारी की है और जल्‍द इंसानों को भी चांद पर भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। अब ऐसा लगता है कि मिशन में देरी हो रही है।
  • चांद पर दौड़ लगाएगी यह गाड़ी! किसने बनाई? नाम-खूबियां क्‍या हैं? सब जान लें
    अमेरिकी कंपनी इंट्यूटिव मशीन्स (Intuitive Machines) जिस तरह की गाड़ी को चांद पर दौड़ाना चाहती है, उसकी एक झलक गुरुवार को सामने आई। इसे मून रेसर भी कहा जा रहा है। यह एक इलेक्‍ट्र‍िक रोवर है, जिसे रौश (Roush) ने तैयार किया है। 14 फुट लंबा, 8.5 फुट ऊंचा और 12 फुट चौड़ा मून रेसर काफी पावरफुल है। यह 108 फुट लंबे ट्रेलर को खींच सकता है।
  • Nasa का गजब प्रयोग! हवाई जहाज से अंतरिक्ष में भेजा 4K वीडियो, क्‍या होगा इससे? जानें
    Nasa Experiment : नासा ने लेजर तकनीक का इस्‍तेमाल करके एक एयरक्राफ्ट से इंटरनेशनल स्‍पेस स्टेशन (ISS) तक 4K वीडियो फुटेज को स्ट्रीम करने का रिकॉर्ड बनाया है।
  • FLOAT Project : चांद पर रेलवे सिस्‍टम तैयार करेगी Nasa, क्‍या है प्राेजेक्‍ट फ्लोट? जानें
    FLOAT Project : नासा ने चंद्रमा की सतह पर उड़ने वाली रोबोट ट्रेन बनाने की योजना का ऐलान किया है। उसने "फ्लेक्सिबल लेविटेशन ऑन ए ट्रैक (FLOAT)" नाम के प्रोजेक्‍ट के बारे में बताया है।

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