कॉल ड्रॉप की समस्या से सख्ती से निपटेगा TRAI

टेलीकॉम रेगुलेटर की प्राथमिकताओं में QoS में सुधार करना और टेलीकॉम सेक्टर की ग्रोथ में मदद शामिल हैं

विज्ञापन
Written by डेविड डेलिमा, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 1 फरवरी 2024 21:32 IST
ख़ास बातें
  • पिछले कुछ महीनों में कॉल ड्रॉप की समस्या बढ़ी है
  • टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट को लागू करने की तैयारी की जा रही है
  • रिलायंस जियो की सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस जल्द शुरू हो सकती है

इस समस्या के समाधान के लिए टेलीकॉम रेगुलेटर कड़े रेगुलेशन बनाने पर विचार कर रहा है

देश में स्मार्टफोन यूजर्स के लिए कॉल ड्रॉप एक बड़ी समस्या है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने इस समस्या से निपटने की तैयारी की है। इसके साथ ही टेलीकॉम सेक्टर को ग्रोथ में मदद के लिए प्रतिस्पर्धा की समान स्थितियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी। कॉल ड्रॉप के समाधान के लिए TRAI कड़े रेगुलेशन बना सकता है। 

इसके साथ ही क्वालिटी ऑफ सर्विसेज (QoS), सैटकॉम स्पेक्ट्रम के एलोकेशन और पिछले वर्ष संसद में पारित हुए टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट को लागू करने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। TRAI के नए चेयरमैन, Anil Kumar Lahoti ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि टेलीकॉम रेगुलेटर की प्राथमिकताओं में QoS में सुधार करना और टेलीकॉम सेक्टर की ग्रोथ में मदद शामिल हैं। पिछले कुछ महीनों में कॉल ड्रॉप की समस्या बढ़ी है। इसके समाधान के लिए TRAI कड़े रेगुलेशन बनाने पर विचार कर रहा है। 

सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज उपलब्ध कराने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को स्पेक्ट्रम के एलोकेशन में भी तेजी लाई जाएगी। बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शामिल Reliance Jio, अमेरिकी बिलिनेयर Elon Musk की कंपनी Starlink और Amazon के Project Kuiper की भी देश में इस सर्विस को उपलब्ध कराने में दिलचस्पी है। रिलायंस जियो की सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस JioSpaceFiber जल्द शुरू हो सकती है। पिछले वर्ष कंपनी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस में सैटकॉम टेक्नोलॉजी को प्रदर्शित किया था। रिलायंस जियो को जल्द ही इंडियन स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) से जरूरी अप्रूवल मिल सकता है। 

हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी रखने वाले सूत्र के हवाले से बताया गया था कि कंपनी ने IN-SPACe के पास अनिवार्य दस्तावेज जमा कर दिए हैं। सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज शुरू करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को सिक्योरिटी क्लीयरेंस लेने के साथ ही कई मिनिस्ट्रीज से अप्रूवल लेने होंगे। पिछले वर्ष इंडिया मोबाइल कांग्रेस में रिलायंस जियो ने बताया था कि उसने दूरदराज के चार क्षेत्रों को अपनी JioSpaceFiber सर्विस से कनेक्ट किया है। ये क्षेत्र गुजरात में गिर, छत्तीसगढ़ में कोरबा, ओडिशा में नबरंगपुर और असम में जोरहाट, ONGC हैं। की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस का मुकाबला Elon Musk की Starlink और Amazon के Project Kuiper से हो सकता है। इन विदेशी कंपनियों की ये सर्विसेज लॉन्च करने की योजना है। सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज के लिए स्पेक्ट्रम देने में लाइसेंसिंग का प्रोसेस हो सकता है।  

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में टेक्नोलॉजी लेखक के ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Bharti Airtel, Reliance Jio के मोबाइल सब्सक्राइबर्स में बढ़ोतरी, BSNL को हुआ नुकसान
  2. एक फोटो से AI बताएगा आपका पूरा करेक्टर, बनाकर देगा मजेदार प्रोफेशनल इमेज! इसे ट्राय करें
  3. iPhone 16 खरीदें Rs 8000 सस्ता! यहां मिल रहा गजब ऑफर
#ताज़ा ख़बरें
  1. खुशखबरी! PF अकाउंट से पैसे निकालना आसान! EPFO ला रहा UPI ऐप, जानें कैसे करेगा काम
  2. iPhone 16 खरीदें Rs 8000 सस्ता! यहां मिल रहा गजब ऑफर
  3. Bharti Airtel, Reliance Jio के मोबाइल सब्सक्राइबर्स में बढ़ोतरी, BSNL को हुआ नुकसान
  4. iQOO Z11 सीरीज के नए मॉडल्स में हो सकती है 9,000mAh की बैटरी
  5. Honor 600 Lite में मिल सकता है MediaTek Dimensity 7100 चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  6. iQOO 15R में होगी 1.5K AMOLED स्क्रीन, 7,600mAh की बैटरी
  7. आगे 100MP, पीछे डुअल 200MP? बदलने वाली है मोबाइल फोटोग्राफी!
  8. Pixel 10a के लॉन्च से पहले लीक हुई कीमत, इस तारीख को दे रहा है भारत में दस्तक
  9. कान में लगेंगे और आसपास देखेंगे? Apple के अपकमिंग AirPods Pro में मिलेगा कैमरा!
  10. Lava Bold N2 में मिलेगी डुअल रियर कैमरा यूनिट, भारत में जल्द होगा लॉन्च
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.